Bind Honeytrap Scam: मध्यप्रदेश। पहले दोस्ती, फिर बंद कमरे में मुलाकात, उसके बाद छिपे कैमरे से वीडियो रिकॉर्डिंग और आखिर में लाखों रुपये की डिमांड। भिंड में सामने आए एक हाईप्रोफाइल हनीट्रैप रैकेट की कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है।
पुलिस ने पुरे मामले में बताया कि महिलाओं और उनके साथियों का यह गिरोह पहले अमीर लोगों को निशाना बनाता था। फिर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते थे और इन्ही के जरिए ब्लैकमेलिंग की जाती थी, रकम मिलने के बाद 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर समझौता तक कराया जाता था। अब पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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भरोसा जीतकर बनाते थे वीडियो
जब पुलिस जांच की तो सामने आया है कि आरोपी महिलाएं सरकारी काम, दस्तावेज बनवाने या अन्य मदद का बहाना बनाकर लोगों से संपर्क करती थीं। इसके बाद धीरे-धीरे लोगों विश्वास कायम करने के बाद निजी मुलाकातें होती थीं और इसी दौरान छिपे कैमरों से वीडियो रिकॉर्ड कर लिए जाते थे। बाद में इन्हीं वीडियो के आधार पर पीड़ितों पर दबाव बनाया जाता था।
लाखों रुपए की ठगने का आरोप
वीडियो रिकॉर्ड होने के कुछ दिन बाद पीड़ितों से संपर्क कर उनसे 20 हजार से लेकर कई लाख रुपए तक की मांग की जाती थी। रकम नहीं देने पर वीडियो वायरल करने या पुलिस कार्रवाई कराने की धमकी दी जाती थी। जांच में ये भी सामने आया है कि कई लोगों ने बदनामी के डर से रकम देकर समझौता तक कर लिया।
स्टाम्प पेपर पर कराते थे एग्रीमेंट
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह सिर्फ यहीं नहीं रुकता था बल्कि रकम लेने के बाद बाकायदा 100 रुपए का स्टाम्प पेपर बनवाकर उसपर समझौता भी करवाता था। इनमें दोनों पक्षों की सहमति का उल्लेख किया जाता था और गवाहों के हस्ताक्षर भी कराए जाते थे।
ऑडियो रिकॉर्डिंग से खुला राज
मामले से जुड़े कुछ ऑडियो सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर समझौते और पैसों की मांग को लेकर बातचीत सुनाई देती है। बातचीत में लाखों रुपए की मांग, केस दर्ज कराने की चेतावनी और समझौते के लिए दबाव बनाए जाने जैसी बातें सामने आई हैं। इन्हीं रिकॉर्डिंग्स के जरिए पूरे मामले की परतें खुलीं।
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कई प्रतिष्ठित लोग आए जांच के दायरे में
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि शहर के कई कारोबारी, सेवानिवृत्त व्यक्ति और अन्य प्रतिष्ठित लोग इस गैंग के निशाने पर रहे। कुछ लोगों ने बदनामी से बचने के लिए कर्ज लेकर या उधार जुटाकर रकम चुकाई। पुलिस अब ऐसे सभी मामलों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
एक आरोपी महिला HIV पॉजिटिव
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिलाओं में से एक HIV पॉजिटिव है। उसे अपनी बीमारी की जानकारी कई साल पहले मिल चुकी थी। इसके बावजूद वह कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा बनी रही। पुलिस इस पहलू की भी अलग से जांच कर रही है।
पुलिस कर रही विस्तृत जांच
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं और जांच आगे बढ़ने के साथ और खुलासे हो सकते हैं। अधिकारियों का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की जाएगी।