VILLAGERS RAILWAY LINE DEMAND: भिंड। जहां एक ओर मध्यप्रदेश को स्मार्ट सिटी बनाने की तैयारी में वहीं दूसरी ओर अभी भी कुछ गांव मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ऐसा ही एक मामला भिंड के आलमपुर से सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने भिंड-लहार-कोंच-उरई रेल लाइन की मांग को लेकर चंबल अंचल समग्र बुंदेलखण्ड विकास जनमंच द्वारा अभियान चलाया है।

‘रेल नहीं तो वोट नहीं’ अभियान अब गति पकड़ने लगा है। इसी कड़ी में गुरुवार को लहार तहसील के खजूरी और बेहटा गांव में महाहस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस दौरान हजारों ग्रामीणों ने अपनी मांग के समर्थन में दस्तखत किए और रेलवे कनेक्टिविटी न मिलने पर आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने की शपथ ली।
1 से 30 जून तक लगातर जारी रहेगा
यह अभियान 1 जून से शुरू किया गया है जो 30 जून तक चलाया जायेगा। इसके तहत अब तक लहार नगर समेत केशवगढ़, अजनार, मड़ोरी, नानपुरा, महुआ, दबरेहा और दो दर्जन से अधिक गांवों में पहुंचकर लोगों के हस्ताक्षर करवाया जा चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे चंबल और बुंदेलखंड अंचल के समग्र विकास के लिए राजनीति से ऊपर उठकर इस आंदोलन का पूरा समर्थन करेंगे।
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राजनीती छोड़ विकास पर फोकस
संयोजक गुलाब सिंह राजावत ने बताया कि 30 जून को हस्ताक्षर अभियान पूरा होने के बाद 1 जुलाई को सैकड़ों युवा दिल्ली जाकर सांसद संध्या राय और रेल मंत्री को रेल लाइन की मांग की मनाग को लेकर ज्ञापन सौपेंगे ।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मुलाकात के सात दिनों के भीतर रेल मंत्रालय ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो क्षेत्र में बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।