Gwalior Cyber Crime: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड 69 वर्षीय लैब टेक्नीशियन महिला से साइबर ठगों ने 1 करोड़ 57 लाख 90 हजार रुपए ठग लिए। आरोपियों ने खुद दिल्ली पुलिस का आईपीएस अधिकारी बताया और महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी दी।
इसके बाद 33 दिनों तक अलग-अलग खातों से रकम ट्रांसफर करवाई गयी। महिला ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई और जांच की मांग की।
10 मई को आया था कॉल
महिला ने क्राइम ब्रांच को बताया कि 10 मई को उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम पर एक मोबाइल नंबर और बैंक खाता गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा है। इसके बाद वीडियो कॉल पर पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाया गया।
33 दिनों में किये पैसे ट्रांसफर
ठगों ने दावा किया कि उनके खाते से 6.80 करोड़ रुपए के अवैध लेनदेन हुए हैं और जांच पूरी होने तक उन्हें अपनी रकम सुरक्षित खातों में ट्रांसफर करनी होगी। डर और मानसिक दबाव में आकर महिला ने 33 दिनों में अलग-अलग बैंक खातों में 1.57 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए।
बाद में आरोपियों ने क्लीन चिट देने का भरोसा दिया, लेकिन कुछ दिन बाद सभी नंबर बंद हो गए। संदेह होने पर महिला ने जांच कराई तो साइबर ठगी का खुलासा हुआ।
मामले की जांच कर रही पुलिस
ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि साइबर सेल ने संबंधित बैंक खातों को होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साइबर एक्सपर्ट और पुलिस की टीम मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जांच एजेंसी, पुलिस अधिकारी, सीबीआई या टेलीकॉम विभाग के नाम पर आने वाले कॉल से घबराएं नहीं। किसी भी संदिग्ध कॉल की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।