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550 अंकों की गिरावट के बाद निफ्टी ने बनाया इनसाइड कैंडल पैटर्न, अब ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन तय करेगा बाजार की अगली बड़ी दिशा


नई दिल्ली ।
घरेलू शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी ने गुरुवार के कारोबारी सत्र में सीमित बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया, लेकिन तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार की भारी गिरावट के बाद गुरुवार को डेली चार्ट पर इनसाइड कैंडल पैटर्न बनने से संकेत मिले हैं कि फिलहाल बाजार नई दिशा तय करने से पहले संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले एक-दो कारोबारी सत्र निफ्टी की अगली चाल तय करने में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

गुरुवार को निफ्टी बढ़त के साथ खुला और कारोबार के दौरान 24,000 अंक के ऊपर जाने का प्रयास भी किया। हालांकि ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसके कारण सूचकांक दिन की ऊंचाई से नीचे फिसल गया। कारोबार समाप्त होने तक निफ्टी 81 अंकों की बढ़त के साथ 23,963 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि दिन के दौरान 24,135 का उच्च स्तर छुआ गया। यह स्तर फिलहाल बाजार के लिए प्रमुख रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।

तकनीकी चार्ट पर बनी इनसाइड कैंडल इस बात का संकेत मानी जाती है कि बड़ी गिरावट या तेज उछाल के बाद बाजार अस्थायी रूप से संतुलन की स्थिति में पहुंच गया है। इस पैटर्न में नई कैंडल पूरी तरह पिछली बड़ी कैंडल की ऊपरी और निचली सीमा के भीतर बनती है। इसका अर्थ यह नहीं होता कि बाजार में तेजी या मंदी निश्चित है, बल्कि यह दर्शाता है कि खरीदार और विक्रेता दोनों अगले बड़े संकेत का इंतजार कर रहे हैं।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति में जल्दबाजी में ट्रेड लेने से बचना अधिक उचित माना जाता है। यदि निफ्टी इनसाइड कैंडल की ऊपरी सीमा को मजबूत कारोबार और बेहतर वॉल्यूम के साथ पार करता है तो इसे तेजी का संकेत माना जा सकता है। इसके विपरीत यदि सूचकांक निचले स्तर से नीचे फिसलता है तो बाजार में कमजोरी और बिकवाली का दबाव बढ़ने की संभावना मानी जाती है। इसलिए तकनीकी विश्लेषण करने वाले अधिकांश ट्रेडर्स फिलहाल ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन का इंतजार करने की रणनीति अपना रहे हैं।

विश्लेषकों का यह भी मानना है कि हाल के कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत, तिमाही नतीजों का दौर और निवेशकों की धारणा बाजार की दिशा पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे समय में केवल चार्ट पैटर्न ही नहीं, बल्कि कारोबार की मात्रा, संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां और प्रमुख आर्थिक घटनाक्रम भी बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता दें और किसी भी दिशा में स्पष्ट संकेत मिलने के बाद ही नई पोजीशन बनाएं। तकनीकी संकेतकों के साथ-साथ मजबूत फंडामेंटल और उचित निवेश रणनीति को ध्यान में रखकर निर्णय लेना अधिक सुरक्षित माना जा रहा है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी का व्यवहार यह तय करेगा कि हालिया गिरावट के बाद बाजार में स्थिरता लौटती है या फिर कमजोरी का दौर आगे भी जारी रहता है।

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