Chambalkichugli.com

Shivpuri News: 12 महीने से वेतन नहीं मिला, ड्रेसर ने बीएमओ पर ताना कट्टा, VIDEO वायरल…

Shivpuri News

Shivpuri News: शिवपुरी (मध्यप्रदेश)। जिले के कोलारस क्षेत्र के अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब लुकवासा अस्पताल में पदस्थ ड्रेसर मनीष नाजगड़ ने बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) पर अवैध कट्टा तान दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ड्रेसर पिछले 12 महीनों से वेतन न मिलने से बेहद नाराज़ था। इसी गुस्से में उसने यह खतरनाक कदम उठाया। घटना के दौरान मनीष ने अपने कट्टे में कारतूस भी लोड कर रखा था और बीएमओ को धमकाते हुए अपने बकाया वेतन की मांग करने लगा। इस पूरी घटना के बाद अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया और सभी कर्मचारी दहशत में आ गए। बीएमओ की शिकायत पर कोलारस थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने आरोपी ड्रेसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पहले भी कर चुका है अनुशासनहीनता सूत्रों के अनुसार, कुछ महीने पहले मनीष का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह अस्पताल परिसर में बैठकर शराब पीते हुए रील बना रहा था। माना जा रहा है कि इसी घटना के चलते उसका वेतन रोका गया था, जिससे वह मानसिक तनाव में था। पुलिस जांच जारी पुलिस ने आरोपी से अवैध हथियार और कारतूस जब्त कर लिए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसे यह हथियार कहां से मिला। आरोपी पर शस्त्र अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। READ MORE: फर्जी पहचान से शादी करने वाले इमरान को 3 साल की सजा….

Bhopal ‘Love Jihad’ Case: फर्जी पहचान से शादी करने वाले इमरान को 3 साल की सजा….

Khandwa Harsud case

Bhopal ‘Love Jihad’ Case: भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘लव जिहाद’ से जुड़े एक अहम मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। कोर्ट ने इमरान नामक युवक को हिंदू नाम ‘राम प्रजापति’ बताकर शादी करने के अपराध में 3 साल की कैद और 28 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी है। मामला 2016 का है जब आरोपी ने खुद को राम प्रजापति बताकर एक हिंदू युवती से दोस्ती की और फिर 21 जुलाई 2016 को सलकनपुर स्थित आर्य मंदिर में शादी कर ली। शादी के कुछ वर्षों बाद आरोपी ने युवती को बताया कि उसका असली नाम इमरान है। पीड़िता के अनुसार, इमरान उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था । साथ ही 5 लाख रुपये की मांग भी कर रहा था। परेशान होकर युवती ने साल 2021 में FIR दर्ज करवाई थी। (Bhopal ‘Love Jihad’ Case) सुनवाई के बाद अदालत ने इमरान को दोषी पाते हुए उसे तीन साल की सश्रम कारावास और 28 हजार रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई। READ MORE: महाकाल दर्शन के दौरान गायब हुई झांसी की नाबालिग

MP News: महाकाल दर्शन के दौरान गायब हुई झांसी की नाबालिग

Shivpuri rape case

MP News: उज्जैन | मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के दौरान झांसी से आई एक नाबालिग लड़की के गायब होने का मामला सामने आया था। तेज़ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे मुंबई से सकुशल बरामद कर लिया है। लड़की अब अपनी मां के पास सुरक्षित है। क्या था मामला? यह घटना 9 अक्टूबर 2025 की है। उत्तर प्रदेश के झांसी से एक महिला अपनी नाबालिग बेटी के साथ उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आई थीं। दर्शन के दौरान महिला ने अपना बैग हरसिद्धि पाल के पास एक अन्य महिला के पास रख दिया और अपनी बेटी के साथ लाइन में लग गई। दर्शन समाप्त होने के बाद महिला ने बेटी को बैग लाने भेजा, लेकिन लड़की वापस नहीं लौटी। काफी देर तक तलाश करने के बाद भी जब कोई पता नहीं चला, तो अगले दिन 10 अक्टूबर को महिला ने महाकाल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। यह मामला अपराध क्रमांक 455/25 के तहत दर्ज हुआ। लड़की ने क्या बताया? पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह अपनी मां से नाराज थी क्योंकि मां उसे मोबाइल फोन चलाने नहीं देती थीं। इसी नाराज़गी में वह ट्रेन पकड़कर घर लौटने निकली, लेकिन गलती से गलत ट्रेन में चढ़ गई और मुंबई पहुंच गई। पुलिस ने लड़की को मुंबई से उज्जैन लाकर उसकी मां के हवाले कर दिया। महिला ने राहत की सांस ली और उज्जैन पुलिस की सक्रियता की सराहना की। पुलिस का संदेश थाना प्रभारी ने बताया कि मामला अब पूरी तरह सुलझ चुका है और किसी प्रकार की आपराधिक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ेगी। यह घटना अभिभावकों के लिए एक सबक है कि वे बच्चों से संवाद बनाए रखें, उनकी बात सुनें और उन्हें समझें। READ MORE:  10 बाघ छोड़ेंगे MP के जंगल, जानिए कहां-कहां भेजे जा रहे हैं टाइगर

MP Tiger Shifting: 10 बाघ छोड़ेंगे MP के जंगल, जानिए कहां-कहां भेजे जा रहे हैं टाइगर

MP Tiger Shifting

MP Tiger Shifting: भोपाल | मध्यप्रदेश के जंगलों में स्वच्छंद रूप से विचरण कर रहे दस बाघों को ओडिशा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों में स्थानांतरित (ट्रांसलोकेट) किया जाएगा। यह निर्णय हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक में लिया गया। इस फैसले के बाद वन विभाग ने तीनों ही राज्यों को पत्र भेजकर टाइगर शिफ्टिंग की तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह कार्य राज्य के मुख्य वन संरक्षक (वाइल्ड लाइफ) शुभरंजन सेन की देखरेख में किया जा रहा है। तीन राज्यों में भेजे जाएंगे 10 बाघ ओडिशा के देवरीगढ़ वन्य जीव अभयारण्य में 1 नर और 2 मादा बाघ भेजे जाएंगे। राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में 3 मादा बाघ और मुकुंद्रा टाइगर रिजर्व में 1 मादा बाघ को भेजा जाएगा। छत्तीसगढ़ के लिए 2 नर और 1 मादा बाघ का स्थानांतरण किया जाएगा। ये बाघ कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच टाइगर रिजर्व से चयनित किए गए हैं। प्रत्येक राज्य को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहां भेजे जा रहे बाघों के लिए उचित बाड़े, रेडियो कॉलर ट्रैकिंग, निगरानी और अनुकूल पर्यावरणीय व्यवस्थाएं उपलब्ध हों। अन्य राज्यों से भी वन्य प्राणी लाने की योजना मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश से वन्य प्राणी देने के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी जैव विविधता बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से असम से एक सींग वाला गेंडा लाने के लिए पहल करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल और फॉनल डाइवर्सिटी (वनस्पति और जीव विविधता) की ब्रांडिंग की जाए और प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं वहां के वन्य जीवों की देश-विदेश में व्यापक प्रचार-प्रसार हो। जैव विविधता को बढ़ावा देना इस टाइगर ट्रांसलोकेशन योजना का मुख्य उद्देश्य भारत के विभिन्न राज्यों में जैव विविधता को संतुलित करना, टाइगर पॉपुलेशन को बेहतर तरीके से फैलाना और प्राकृतिक वास क्षेत्रों का संतुलित विकास करना है। READ MORE: प्रदेश में 53% सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से जुड़ी, 1,041 ब्लैक स्पॉट चिन्हित

MP News : प्रदेश में 53% सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से जुड़ी, 1,041 ब्लैक स्पॉट चिन्हित

Shivpuri News

MP News : भोपाल | मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। एक राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा कार्यशाला में बताया गया कि प्रदेश की 53% सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से जुड़ी होती हैं, जबकि तीन प्रतिशत दुर्घटनाओं के लिए सड़क डिज़ाइन की खामियां और अपर्याप्त संकेतक जिम्मेदार हैं। कार्यशाला का आयोजन बुधवार को भोपाल में किया गया। मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया ‘संजय’ एप्लिकेशन इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक उन्नत सड़क सुरक्षा मोबाइल एप्लिकेशन ‘संजय’ का शुभारंभ किया। इस एप्लिकेशन का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और हादसों की सूचना तेजी से संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए गए: लोक निर्माण विभाग और आईआईटी मद्रास के बीच मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) और सेव लाइफ फाउंडेशन के बीच ब्लैक स्पॉट की पहचान और तकनीकी समाधान प्रदेश में अब तक 1,041 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग आधुनिक तकनीकों को अपनाकर इन दुर्घटना संभावित स्थानों को सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने दोपहिया चालकों से हेलमेट पहनने, और कार चालकों से सीट बेल्ट बांधने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा, “जीवन बचाने से बड़ा कोई कार्य नहीं हो सकता।” हेलमेट से 60% जानें बचाई जा सकती हैं: मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि देशभर में होने वाली 53% सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से संबंधित हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि यदि हेलमेट का सही उपयोग किया जाए तो 60% जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार एक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित कर रही है, जिससे हादसों की जानकारी तुरंत अस्पतालों तक पहुंचाई जा सके और पीड़ितों को पहले सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल सके। जन जागरूकता पर ज़ोर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे सड़कें तेज और आधुनिक हो रही हैं, दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ रही है। उन्होंने जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि नागरिक खुद भी ट्रैफिक नियमों को समझें और अपनाएं। आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर और एमपीआरडीसी के स्वतंत्र निदेशक वेंकटेश बालासुब्रमण्यम ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं मानवीय भूलों के कारण होती हैं। हालांकि, 3% दुर्घटनाएं अब भी खराब सड़क डिज़ाइन और साइनेज की कमी से होती हैं। READ MORE: ग्वालियर में 6 दवाओं के उपयोग पर रोक, जानें कौन-कौन सी हैं ये दवाएं…

Cough Syrup Scandal के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: ग्वालियर में 6 दवाओं के उपयोग पर रोक, जानें कौन-कौन सी हैं ये दवाएं…

Cough Syrup Scandal

Cough Syrup Scandal: ग्वालियर | 16 अक्टूबर 2025, छिंदवाड़ा में कफ सिरप से जुड़े गंभीर मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अब ग्वालियर में छह प्रमुख दवाओं के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस संबंध में सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से सभी सरकारी अस्पतालों को लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। MPPHCL के निर्देश पर हुई कार्रवाई यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPPHCL) के निर्देश पर की गई है। सिविल सर्जन डॉ. आर.के. शर्मा को ईमेल के माध्यम से यह सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने ग्वालियर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, वार्ड प्रभारी, दवा वितरण केंद्र और प्रसूति गृहों को आदेश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अगर इन दवाओं का कोई स्टॉक अस्पताल में मौजूद है, तो उसे तत्काल सिविल सर्जन के स्टोर में जमा कर दिया जाए। इन 6 दवाओं के उपयोग पर लगी रोक 1. मेरोपेनम (Meropenem) 2. सिप्रोफ्लोक्सेसिन 250mg टैबलेट 3. लैक्टुलोज सिरप (10ml और 15ml) 4. एल्बेंडाजोल 400mg 5. रेबीप्राजोल 20mg टैबलेट 6. इलेक्ट्रोलाइट पी क्यों बढ़ी सतर्कता? छिंदवाड़ा में कथित तौर पर कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के बाद राज्यभर में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। इसी के चलते अब स्वास्थ्य विभाग कोई भी लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। क्या कहता है स्वास्थ्य विभाग? स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह प्रतिबंध सावधानी के तौर पर लगाया गया है। जब तक इन दवाओं की गुणवत्ता की जांच पूरी नहीं होती, तब तक इनका उपयोग नहीं किया जाएगा। आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। READ MORE: MP में 24 किन्नरों का सामूहिक आत्महत्या का प्रयास, दो की हालत गंभीर

Transgender mass suicide: MP में 24 किन्नरों का सामूहिक आत्महत्या का प्रयास, दो की हालत गंभीर

Transgender mass suicide

Transgender mass Suicide : इंदौर, मध्य प्रदेश। इंदौर के नंदलालपुरा इलाके में बुधवार देर शाम एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां 24 किन्नरों ने एक साथ जहर पी लिया। गंभीर हालत में सभी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया। बता दें सभी की जान खतरे से बाहर बताई जा रही है। हालांकि दो किन्नर आईसीयू में भर्ती हैं। विवाद बनी वजह: पुलिस के मुताबिक, यह खौफनाक कदम किन्नरों के दो गुटों के बीच चल रहे आपसी विवाद के कारण उठाया गया। यह भी जानकारी मिली है कि हाल ही में दो मीडियाकर्मियों द्वारा कुछ किन्नरों के साथ कथित दुष्कर्म के बाद से विवाद जारी था, लेकिन सामूहिक जहर पीने की असली वजह की पुलिस अभी जांच कर रही है। यह विवाद इंदौर के सपना गुरु और सीमा-पायल गुरु के गुटों के बीच अक्सर होता रहता है। पहले भी इन गुटों में झगड़े और केस दर्ज हुए हैं। हंगामा और चक्काजाम: जहर पीने के बाद एक गुट के किन्नरों ने नंदलालपुरा चौराहे पर चक्काजाम कर दिया और सड़क पर हंगामा किया, जिससे यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। प्रारंभिक जांच में फिनायल पीने की बात सामने आई है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: इंदौर के एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में घटना की सूचना मिली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। (Transgender mass suicide) सीएमएचओ को सभी प्रभावितों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने भी अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। READ MORE: नहीं रहे महाभारत के कर्ण, मूंछ की खातिर ठुकरा दिया था अर्जुन का किरदार…  

Pankaj Dheer Passed Away: नहीं रहे महाभारत के कर्ण, मूंछ की खातिर ठुकरा दिया था अर्जुन का किरदार…

Pankaj Dheer Passed Away

Pankaj Dheer Passed Away: टीवी इंडस्ट्री और बॉलीवुड से एक दुखद खबर सामने आई है। बीआर चोपड़ा के मशहूर टीवी शो महाभारत में कर्ण की अमर भूमिका निभाने वाले एक्टर पंकज धीर का निधन (Pankaj Dheer Passed Away) हो गया है। 68 वर्षीय पंकज धीर ने बुधवार को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर से फिल्म और टीवी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। कर्ण के किरदार से जीता दिल (Pankaj Dheer Passed Away) 1988 में टेलीविजन पर प्रसारित हुए महाभारत ने पंकज धीर को वह पहचान दिलाई जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। शो में उन्होंने कर्ण का किरदार निभाया था, जो उनकी सबसे यादगार भूमिका साबित हुई। दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में उन्हें अर्जुन की भूमिका ऑफर हुई थी, लेकिन मूंछें हटाने की शर्त पर उन्होंने वह किरदार ठुकरा दिया। बाद में उन्हें कर्ण का रोल मिला, जिसने उनके करियर को नई ऊंचाई दी। 40 से ज्यादा फिल्मों और टीवी शोज में किया काम पंकज धीर ने अपने करियर की शुरुआत 1983 की फिल्म सुख से की थी। इसके बाद उन्होंने सौगंध, सनम बेवफा, सड़क और बादशाह जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया। टेलीविजन पर उन्होंने चंद्रकांता, कानून, हरिश्चंद्र, युग और ससुराल सिमर का जैसे धारावाहिकों में भी अहम भूमिकाएं निभाईं। फिल्म जगत में शोक की लहर (Pankaj Dheer Passed Away) पंकज धीर के निधन से मनोरंजन जगत में गहरा दुख है। फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके यादगार किरदारों को याद कर रहे हैं। उनके बेटे निकितिन धीर भी बॉलीवुड में सक्रिय हैं और चेन्नई एक्सप्रेस जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। READ MORE: भिंड में आतिशबाजी बाजार पर प्रशासन सख्त, दुकानों के बीच आठ फीट की दूरी…

fireworks market in Bhind: भिंड में आतिशबाजी बाजार पर प्रशासन सख्त, दुकानों के बीच आठ फीट की दूरी…

Diwali 2025

fireworks market in Bhind: भिंड। दीपावली से पहले शहर का आतिशबाजी बाजार सजने लगा है, लेकिन इस बार प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मेला ग्राउंड में लगने वाले पटाखा बाजार के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की गई हैं। दुकानों के बीच कम से कम आठ फीट का फासला, हर स्टॉल पर रेत की बोरी, पानी की बाल्टी और फायर एक्सटिंग्विशर रखना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा लाइसेंस की प्रति दुकान के बाहर लगाना और सुरक्षित बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा। तुरंत निरस्त होगा लाइसेंस (fireworks market in Bhind) एसडीएम अखिलेश शर्मा ने मेला ग्राउंड का औचक निरीक्षण कर दुकानदारों को साफ चेतावनी दी कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी केवल समझाइश दी जा रही है, लेकिन अगले निरीक्षण में नियमों का उल्लंघन करने वाले की दुकान तुरंत बंद कर दी जाएगी । लाइसेंस रद्द होगा। धूम्रपान पर रोक (fireworks market in Bhind) एसडीएम शर्मा ने दुकानदारों से कहा कि आतिशबाजी बेचने का कार्य अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए दुकानें एक-दूसरी से पर्याप्त दूरी पर लगें। आसपास धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुकान में आग बुझाने की मूलभूत व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि किसी भी आकस्मिक आग पर तुरंत काबू पाया जा सके। रात में विशेष निगरानी (fireworks market in Bhind) प्रशासन ने रात के समय बाजार में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। फायर ब्रिगेड, पुलिस और राहत दल को हर समय अलर्ट रहने को कहा गया है। एसडीएम ने कहा कि “भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ज़रा सी चिंगारी भी हादसे में बदल सकती है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।” निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग, पुलिस और नगरपालिका के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार दीपावली का उत्सव सुरक्षित और नियमबद्ध माहौल में ही मनाया जाएगा। READ MORE : दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों को मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट ने इतने दिन के लिए दी इजाजत…

Delhi Firecracker Ban Update: दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों को मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट ने इतने दिन के लिए दी इजाजत…

Delhi Firecracker Ban Update

Delhi Firecracker Ban Update: नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में दिवाली से पहले ग्रीन पटाखे बेचने और फोड़ने की इजाजत दे दी है। हालांकि यह अनुमति सीमित अवधि और सख्त शर्तों के साथ दी गई है। कोर्ट ने कहा कि लोगों को त्योहार मनाने की छूट है, लेकिन पर्यावरण की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है। 18 से 21 अक्टूबर तक ही छूट (Delhi Firecracker Ban Update) सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि लोग केवल 18 से 21 अक्टूबर के बीच ग्रीन पटाखे जला सकेंगे। इसके लिए भी समय निर्धारित किया गया है — सुबह 6 से 7 बजे तक और रात 8 से 10 बजे तक। यानी दिन में कुल तीन घंटे ही ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति होगी। चीफ जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि त्योहारों की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन “पर्यावरण से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” CJI ने कहा, “हमें संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा…लोगों की परंपराएं भी बनी रहें और हवा की गुणवत्ता पर असर भी कम हो।” त्योहारों के लिए मांगी गई थी अनुमति (Delhi Firecracker Ban Update) सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र और दिल्ली-NCR के राज्यों की ओर से दलील देते हुए कहा कि दिवाली, गुरु पर्व और क्रिसमस जैसे त्योहारों पर ग्रीन पटाखों की सीमित अनुमति दी जानी चाहिए। कोर्ट ने इस पर 10 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिस पर अब फैसला सुनाया गया है। क्या हैं ‘ग्रीन पटाखे’? ग्रीन पटाखे वे आतिशबाज़ी उत्पाद हैं जिनमें पारंपरिक पटाखों की तुलना में 30% तक कम प्रदूषणकारी रसायन होते हैं। इनमें सल्फर, नाइट्रेट और एल्यूमिनियम की मात्रा सीमित होती है ताकि धुआं और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित रहे। READ MORE: 8 रुपए की लालच में बच्चों की जान लेने वाला डॉक्टर, Coldrif Cough Syrup पर 10% कमीशन का खुलासा…