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भारत-जर्मनी तकनीकी साझेदारी को नई उड़ान, क्वांटम और डीप-टेक सहयोग पर बड़ा फोकस

नई दिल्ली । भारत और जर्मनी के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने की पहल तेज हो गई है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह और जर्मनी के थुरिंगिया राज्य के मंत्री-प्रेसिडेंट मारियो वोग्ट के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में भविष्य की उन्नत तकनीकों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इस बैठक में क्वांटम कम्युनिकेशन, फोटोनिक्स, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, डीप-टेक नवाचार और उद्योग आधारित अनुसंधान को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों के वैज्ञानिक, शोध संस्थान, उद्योग जगत और सरकारी प्रतिनिधियों ने भी इस संवाद में भाग लिया, जिससे सहयोग के नए आयामों की संभावनाएं और मजबूत हुईं। बैठक के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में दशकों पुरानी साझेदारी रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों ने वर्षों से अनुसंधान और तकनीकी विकास के क्षेत्र में एक-दूसरे के साथ मिलकर महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2024 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग के 50 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह संबंध आज रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। तेजी से बदलती वैश्विक तकनीकी आवश्यकताओं के बीच दोनों देशों के बीच सहयोग को और विस्तार देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। चर्चा में जर्मनी के थुरिंगिया क्षेत्र की विशेष भूमिका भी सामने आई, जिसे यूरोप में फोटोनिक्स, ऑप्टिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र माना जाता है। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत की नवाचार क्षमता और जर्मनी की तकनीकी विशेषज्ञता एक-दूसरे की पूरक हैं। इसी आधार पर क्वांटम कम्युनिकेशन नेटवर्क, क्वांटम सैटेलाइट संचार, ऑप्टिकल ग्राउंड स्टेशन और उन्नत फोटोनिक्स तकनीकों के विकास में संयुक्त प्रयासों की संभावनाओं पर विस्तार से विचार किया गया। जर्मनी ने यूरोप में चल रही क्वांटम संचार परियोजनाओं और ऑप्टिकल नेटवर्क से जुड़े अनुभव भी साझा किए। डॉ. सिंह ने बैठक में भारत के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश सुरक्षित और अत्याधुनिक क्वांटम संचार प्रणाली विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही क्वांटम कंप्यूटिंग, मानक निर्माण, तकनीकी साझेदारी और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान को लेकर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और यहां वैश्विक तकनीकी निवेश के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं। बैठक में अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और जर्मन एयरोस्पेस सेंटर के बीच लंबे समय से चल रहे सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने सैटेलाइट संचार, ऑप्टिकल कम्युनिकेशन, मानव अंतरिक्ष मिशन, माइक्रोग्रैविटी रिसर्च, पृथ्वी अवलोकन और ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया। साथ ही शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और स्टार्टअप उद्यमियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम विकसित करने पर भी सकारात्मक रुख दिखाया गया। भारत और जर्मनी के बीच बढ़ता तकनीकी सहयोग आने वाले वर्षों में नवाचार और अनुसंधान को नई गति दे सकता है। क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष विज्ञान और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक तकनीकी विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

वैश्विक विकास में भारत की भूमिका अहम, फिनलैंड के महावाणिज्यदूत ने सराहा सहयोग

नई दिल्ली । भारत और फिनलैंड के बीच आर्थिक, तकनीकी और सतत विकास से जुड़े सहयोग को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। फिनलैंड के महावाणिज्यदूत एरिक अफ हॉलस्ट्रॉम ने भारत को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण देशों में से एक बताते हुए कहा कि वैश्विक विकास और आर्थिक प्रगति में भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। उन्होंने माना कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत न केवल एक बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है, बल्कि टिकाऊ विकास और नवाचार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मुंबई में बातचीत के दौरान हॉलस्ट्रॉम ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी यानी संसाधनों के पुनः उपयोग और टिकाऊ उत्पादन की अवधारणा आने वाले वर्षों में दुनिया की प्रमुख जरूरत बनने जा रही है। उनके अनुसार भारत और फिनलैंड दोनों ऐसे देश हैं जो पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और संसाधनों के बेहतर उपयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और संसाधनों की सीमित उपलब्धता जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बेहद आवश्यक है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर बोलते हुए उन्होंने इसे दोनों पक्षों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उनका कहना था कि समझौते से जुड़ी बातचीत पूरी हो चुकी है और अब इसके क्रियान्वयन की प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि समझौता लागू होने के बाद भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में तेज वृद्धि होगी। विशेष रूप से फिनलैंड और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों को इससे नई ऊर्जा मिलेगी और द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान स्तर से दोगुना तक पहुंच सकता है। इससे निवेश, तकनीक हस्तांतरण और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। महाराष्ट्र की आर्थिक भूमिका पर चर्चा करते हुए हॉलस्ट्रॉम ने कहा कि यह राज्य भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र है और देश के औद्योगिक तथा निवेश परिदृश्य में इसकी विशेष पहचान है। उन्होंने बताया कि फिनलैंड और महाराष्ट्र के बीच कई परियोजनाओं पर सहयोग जारी है। मुंबई के ससून डॉक के विकास से संबंधित परियोजना में फिनिश कंपनियां सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनका मानना है कि ऐसे संयुक्त प्रयास दोनों देशों के बीच व्यावसायिक संबंधों को और मजबूत बनाने में सहायक साबित होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और फिनलैंड के विदेश व्यापार मंत्री विले टावियो के बीच अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार मुलाकात हो चुकी है। इन बैठकों में हरित अर्थव्यवस्था, सतत विकास और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा विज्ञान, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी दोनों पक्ष नए अवसर तलाश रहे हैं। हाल ही में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने का निर्णय लिया था, जिसे भविष्य के सहयोग के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारत और फिनलैंड के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले समय में व्यापार, तकनीक और हरित विकास के क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर सकता है। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिलने की संभावना है, जिससे निवेश और कारोबार का दायरा भी व्यापक होगा।

GUJRAT BUS ACCIDENT: गुजरात के सूरत में भीषण सड़क दुर्घटना, दो बसों की भिड़ंत में 5 यात्रियों की जान गई

GUJRAT BUS ACCIDENT: नई दिल्ली । गुजरात के सूरत जिले में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिले के बारडोली क्षेत्र में उवा गांव के पास महाराष्ट्र नंबर की दो यात्री बसों के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि दूसरी बस सड़क पर पलट गई। हादसे के कुछ ही देर बाद पलटी हुई बस में आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों बसें विपरीत दिशा से आ रही थीं। अचानक हुए टकराव के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना का प्रभाव इतना गंभीर था कि बसों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पलटी हुई बस में आग लगने के कारण स्थिति और भयावह हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करने का प्रयास किया और कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। ASHOKNAGAR FARMERS PROTEST: खाद के लिए धरने पर बैठे किसान नेता अस्पताल पहुंचे, बिच आंदोलन में हुए बेहोश फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग की लपटें तेजी से फैल रही थीं, जिसके कारण राहत कार्य में शुरुआती मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि दमकलकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए और आग पर काबू पाने की दिशा में कार्रवाई तेज की। दुर्घटना स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जुट गए, जिससे बचाव अभियान को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। बारडोली शहर पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर यातायात को अस्थायी रूप से प्रभावित मार्गों से डायवर्ट किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने की व्यवस्था की गई। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की पहचान और घायलों की वास्तविक संख्या का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है। हादसे के कारणों की भी जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक स्तर पर माना जा रहा है कि तेज रफ्तार या वाहन नियंत्रण में चूक दुर्घटना की वजह हो सकती है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा। पन्ना में NHM स्वास्थ्यकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: नियमितीकरण की मांग पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप, मरीज परेशान गुजरात में हाल के समय में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है और यह दुर्घटना एक बार फिर सुरक्षित परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। बड़ी संख्या में यात्रियों को लेकर चलने वाले वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन और सड़क पर सतर्क ड्राइविंग की आवश्यकता इस घटना के बाद और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही मृतकों के परिजनों तक सूचना पहुंचाने और घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को सामने ला दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा सकता है।

पन्ना-अजयगढ़ मार्ग पर ट्राला ने बाइक को मारी टक्कर: 14 वर्षीय नाबालिग की मौत, बड़ा भाई गंभीर घायल

मध्य प्रदेश । पन्ना जिले के पन्ना-अजयगढ़ मुख्य मार्ग पर मंगलवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दहलान चौकी के पास तेज रफ्तार ट्राला ने बाइक सवार दो सगे भाइयों को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें 14 वर्षीय नाबालिग की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इलाज के लिए जा रहे थे पन्ना, रास्ते में हुआ हादसाजानकारी के अनुसार, केवट पुरवा (दहलान चौकी क्षेत्र) निवासी राम प्रताप केवट के पुत्र अनिल केवट (14) और राम सजीवन केवट (23) बाइक से पन्ना जा रहे थे। बताया गया कि बड़े भाई को कान में दर्द की समस्या थी, जिसके इलाज के लिए वे अस्पताल जा रहे थे। इसी दौरान दहलान चौकी के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्राला ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। मौके पर मौत, अस्पताल में घायल का इलाज जारीटक्कर इतनी भीषण थी कि 14 वर्षीय अनिल केवट ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायल राम सजीवन को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। ट्राला चालक फरार, वाहन जब्तदुर्घटना के बाद ट्राला चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ट्राला को जब्त कर लिया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। गांव में मातम, पुलिस जांच जारइस दर्दनाक हादसे के बाद केवट पुरवा गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

पन्ना में NHM स्वास्थ्यकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: नियमितीकरण की मांग पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप, मरीज परेशान

मध्य प्रदेश । पन्ना जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के चलते जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं और अस्पतालों का ऑनलाइन व ऑफलाइन कामकाज ठप पड़ गया है। ऑनलाइन-ऑफलाइन कामकाज पूरी तरह बंदसंविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अनुसार, हड़ताल के पहले ही दिन से कर्मचारियों ने सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज करना और दैनिक रिपोर्टिंग का कार्य बंद कर दिया है। साथ ही स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े सभी ऑनलाइन डेटा एंट्री कार्य भी पूरी तरह रोक दिए गए हैं। इसके कारण ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्था चरमरा गई है और मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। मरीजों की परेशानी बढ़ी, CHO और स्टाफ ने रोका कामहड़ताल में शामिल CHO, संविदा डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के काम बंद करने से अस्पतालों में आने वाले मरीजों को जांच और उपचार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं बाधित होने से लोगों को दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। नियमितीकरण की मांग पर अड़ा संघसंघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों से लंबे समय से नियमितीकरण का वादा किया जा रहा है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि जब तक नियमितीकरण की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। चरणबद्ध आंदोलन से अनिश्चितकालीन हड़ताल तककर्मचारियों ने 25 मई को काली पट्टी बांधकर विरोध शुरू किया था और ज्ञापन भी सौंपा था। लेकिन सरकार की ओर से कोई समाधान न मिलने पर अब आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया गया है। भोपाल घेराव की चेतावनीसंघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो 8 जून को प्रदेशभर के हजारों कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।

ग्वालियर में भाभी की गोली लगने से मौत का मामला उलझा: देवर बोला ‘मजाक में चला ट्रिगर’, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप

मध्य प्रदेश । ग्वालियर के तृप्ति नगर में 32 वर्षीय ज्योति उर्फ जाह्नवी कुशवाह की गोली लगने से हुई मौत का मामला अब गंभीर रूप से उलझता जा रहा है। एक ओर जहां मृतका के देवर योगेश ने इसे गलती से हुआ हादसा बताया है, वहीं दूसरी ओर मायके पक्ष ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। पुलिस ने देवर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मृतका का पति अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। देवर का दावा: ‘मजाक में चला ट्रिगर, गोली चल गई’पुलिस पूछताछ में देवर योगेश ने बताया कि वह रात में पिस्टल के साथ हवाई फायरिंग कर रहा था, इसी दौरान एक कारतूस चेंबर में फंस गया था। उसने बताया कि सुबह जब वह नीचे आया तो उसने मजाक में पिस्टल पहले भाई और फिर बहन पर तानकर ट्रिगर दबाया, लेकिन गोली नहीं चली। इसके बाद जब उसने भाभी ज्योति के सिर पर पिस्टल सटाकर ट्रिगर दबाया, तो चेंबर में फंसा कारतूस चल गया और गोली सीधे उनके सिर में लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। शव छिपाने का आरोप, फ्रीजर में रखने से बढ़ा शकघटना के बाद परिजनों पर पुलिस को सूचना देने के बजाय शव को डीप फ्रीजर में रखने का आरोप भी लगा है। मायके पक्ष का कहना है कि यदि यह वास्तव में दुर्घटना थी, तो तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया। मायके पक्ष का आरोप: ‘हत्या और साक्ष्य मिटाने की कोशिश’मृतका के भाई भावेश ने थाटीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि घटना को हादसा बताकर छिपाने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि शव को अस्पताल ले जाने के बजाय छिपाया गया और अंतिम संस्कार की तैयारी भी की जा रही थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतका को शादी के बाद से पति द्वारा प्रताड़ित किया जाता था और मामले में पूरे परिवार की भूमिका की जांच होनी चाहिए। पुलिस जांच में जुटी, पति फरारथाटीपुर थाना पुलिस ने आरोपी देवर योगेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हथियार की बरामदगी और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जांच की जा रही है। वहीं, मृतका का पति मनोज कुशवाह अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जांच पर टिकी नजरफिलहाल पुलिस इस मामले को हादसा और हत्या दोनों एंगल से जांच रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और हथियार की फॉरेंसिक जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

नरसिंहपुर में राजस्व न्यायालयों पर सवाल, वकीलों ने उठाई आवाज

मध्य प्रदेश । नरसिंहपुर जिले में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के नाम प्रभारी अपर कलेक्टर गजेंद्र नागेश को दिया गया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि राजस्व न्यायालयों में न केवल मामलों के निपटारे में देरी हो रही है, बल्कि कई बार उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार भी नहीं किया जाता, जिससे न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। लंबित मामलों और ऑनलाइन प्रक्रिया पर उठे सवालज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि राजस्व न्यायालयों में मामलों का समय पर पंजीयन और निपटारा नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि कई मामलों को केवल पोर्टल पर लंबित न दिखाने के उद्देश्य से ऑनलाइन डिस्पोज कर दिया जाता है, जबकि वास्तविक सुनवाई ऑफलाइन जारी रहती है। इसके साथ ही, बिना उचित प्रक्रिया के मामलों को खारिज करने और अपंजीकृत प्रकरणों के संचालन को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। नियमित अधिकारी और समयबद्ध न्यायालय कार्य की मांगअधिवक्ताओं ने मांग की कि नरसिंहपुर जिले में नियमित अपर कलेक्टर की तत्काल नियुक्ति की जाए। वर्तमान में जिला पंचायत सीईओ को अपर कलेक्टर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जिससे न्यायालयीन कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि अपर कलेक्टर न्यायालय में सुनवाई के लिए निश्चित दिन और समय तय किया जाए ताकि वकीलों और पक्षकारों को अनावश्यक परेशानी न हो। कर्मचारियों पर कार्रवाई और पारदर्शिता की मांगज्ञापन में यह भी मांग की गई कि न्यायालय में लंबे समय से पदस्थ कर्मचारियों को हटाया जाए, ऑनलाइन और ऑफलाइन मामलों की जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने जोर देकर कहा कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र पंजीयन और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि आम नागरिकों को न्याय में देरी न हो। प्रशासन से समाधान की उम्मीदअधिवक्ताओं ने प्रशासन से इस पूरे मामले में गंभीरता से संज्ञान लेने और जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

नरसिंहपुर में किसानों का अर्धनग्न प्रदर्शन: मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी और 12 घंटे बिजली की मांग, SDM को सौंपा ज्ञापन

मध्य प्रदेश । नरसिंहपुर जिले में मंगलवार को राष्ट्रवादी किसान आर्मी के बैनर तले किसानों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर के नाम का ज्ञापन एसडीएम मणीन्द्र कुमार सिंह को सौंपा। मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांगकिसानों ने मांग की कि जिले में उत्पादित मूंग फसल की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि वर्तमान खरीद व्यवस्था में किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और उन्हें अपनी उपज बेचने में कठिनाई हो रही है। ई-टोकन व्यवस्था पर सवालज्ञापन में ई-टोकन व्यवस्था को जटिल बताते हुए इसे समाप्त करने या सरल बनाने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि इस प्रणाली के कारण उन्हें खाद और अन्य कृषि संसाधन प्राप्त करने में लगातार परेशानी हो रही है। 12 घंटे बिजली आपूर्ति की मांगकिसानों ने सिंचाई संकट को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन कम से कम 12 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण खेती प्रभावित हो रही है और उत्पादन पर असर पड़ रहा है। इसके साथ ही खाद-बीज वितरण प्रणाली को सुधारने, लंबी कतारों को खत्म करने, गिरदावरी की त्रुटियों को ठीक करने और फसल पंजीयन प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की गई है। बकाया भुगतान और सुधार की मांगकिसानों ने गेहूं, चना और मसूर की फसलों के बकाया भुगतान तुरंत जारी करने की मांग भी रखी। उनका आरोप है कि भुगतान में देरी से किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उग्र आंदोलन की चेतावनीराष्ट्रवादी किसान आर्मी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

डिजिटल पेमेंट्स का विस्तार: कंबोडिया के 45 लाख व्यापारिक साझेदारों पर चलेगा भारतीय UPI

नई दिल्ली । भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की अंतरराष्ट्रीय इकाई एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) ने कंबोडिया की राष्ट्रीय क्यूआर कोड भुगतान प्रणाली KHQR के साथ साझेदारी कर वहां UPI भुगतान सेवा शुरू कर दी है। इस पहल के साथ भारतीय यात्री अब कंबोडिया में अपने परिचित डिजिटल भुगतान माध्यम का उपयोग करते हुए आसानी से लेनदेन कर सकेंगे। यह कदम भारत के तेजी से विस्तार कर रहे डिजिटल भुगतान नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सेवा की औपचारिक शुरुआत कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई। इस अवसर पर दोनों देशों के वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नई व्यवस्था के तहत भारत के UPI उपयोगकर्ता अपने मोबाइल भुगतान एप्लिकेशन के माध्यम से कंबोडिया में KHQR से जुड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सीधे भुगतान कर सकेंगे। इससे भारतीय पर्यटकों, व्यापारिक यात्रियों और अन्य आगंतुकों को विदेशी मुद्रा विनिमय या नकद भुगतान की जटिलताओं से काफी राहत मिलेगी। इस परियोजना के पहले चरण में भारतीय ग्राहकों को कंबोडिया के 45 लाख से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भुगतान की सुविधा मिलेगी। इनमें होटल, रेस्तरां, पर्यटन स्थल, शॉपिंग सेंटर और रिटेल स्टोर जैसे अनेक व्यवसाय शामिल हैं। इससे यात्रियों को न केवल तेज और सुरक्षित भुगतान का अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापारियों को भी भारत के विशाल डिजिटल भुगतान उपभोक्ता आधार तक पहुंचने का अवसर प्राप्त होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी सकारात्मक बढ़ावा मिलेगा। परियोजना का दूसरा चरण और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके तहत भविष्य में कंबोडिया के नागरिक अपने घरेलू बैंकिंग या डिजिटल भुगतान एप्लिकेशन का उपयोग करते हुए भारत में मौजूद लाखों UPI क्यूआर कोड आधारित व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भुगतान कर सकेंगे। इस प्रकार दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय और पूरी तरह इंटरऑपरेबल डिजिटल भुगतान नेटवर्क विकसित होगा, जो सीमा-पार लेनदेन को पहले से अधिक सहज और प्रभावी बनाएगा। यह मॉडल भविष्य में अन्य देशों के साथ भी डिजिटल भुगतान सहयोग का आधार बन सकता है। डिजिटल भुगतान क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल रियल-टाइम भुगतान प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी। साथ ही स्थानीय व्यापारियों को नकदी प्रबंधन की आवश्यकता कम होगी, परिचालन लागत में कमी आएगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। यह व्यवस्था छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए भी नए अवसर पैदा कर सकती है, जो अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक पहुंच बनाना चाहते हैं। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में UPI को एक वैश्विक डिजिटल भुगतान ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार काम किया है। विभिन्न देशों के साथ साझेदारी और सीमा-पार भुगतान नेटवर्क के विस्तार से भारतीय फिनटेक इकोसिस्टम को भी नई पहचान मिल रही है। कंबोडिया में UPI की शुरुआत इसी रणनीति का हिस्सा है, जो भारत को वैश्विक डिजिटल भुगतान नवाचार के अग्रणी देशों में शामिल करने की दिशा में एक और मजबूत कदम साबित हो सकती है।

खाद के लिए किसानों की लंबी कतार, रातभर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर डटे

मध्य प्रदेश । अशोकनगर जिले में खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों का आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में किसान डबल लॉक गोदाम के सामने से लेकर त्रिदेव मंदिर तक सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ डटे रहे। स्थिति यह रही कि सोमवार रात तेज आंधी और बारिश के बावजूद किसान वहीं रुके रहे और पूरी रात सड़क किनारे ही गुजार दी। किसानों ने अपने साथ खाने-पीने की व्यवस्था कर रखी थी और वहीं भोजन भी तैयार किया। टोकन व्यवस्था के आधार पर हो रहा वितरणजिले में खाद का वितरण ऑनलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से फिलहाल उन्हीं किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिनके टोकन पहले से बुक थे। मंगलवार सुबह से टोकन धारकों को खाद वितरण शुरू किया गया, जबकि कई किसान नए टोकन बुक कराने की मांग पर भी अड़े हुए हैं। पहले चक्काजाम, फिर गोदाम पर डेराखाद संकट को लेकर सोमवार को भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने राजमाता चौराहे पर चक्काजाम किया था। इसके बाद प्रशासन ने आश्वासन देते हुए किसानों को विदिशा रोड स्थित खाद गोदाम भेजा। इसके बाद से ही किसान लगातार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ गोदाम परिसर में मौजूद हैं। कुछ किसानों को मिली खाद, कई इंतजार मेंसोमवार को कुछ किसानों को खाद का वितरण किया गया, जबकि कई के दस्तावेज लेकर टोकन प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जिन किसानों के टोकन लंबित हैं, उनके लिए अगले एक-दो दिनों में व्यवस्था की जाएगी।किसानों की मांग: तुरंत खाद उपलब्ध कराई जाएकिसानों का कहना है कि खरीफ सीजन की बुवाई का समय नजदीक है, ऐसे में खाद की कमी से खेती प्रभावित हो रही है। किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि सभी को जल्द से जल्द खाद उपलब्ध कराई जाए।