स्थिति यह रही कि सोमवार रात तेज आंधी और बारिश के बावजूद किसान वहीं रुके रहे और पूरी रात सड़क किनारे ही गुजार दी। किसानों ने अपने साथ खाने-पीने की व्यवस्था कर रखी थी और वहीं भोजन भी तैयार किया।
टोकन व्यवस्था के आधार पर हो रहा वितरण
जिले में खाद का वितरण ऑनलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से फिलहाल उन्हीं किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिनके टोकन पहले से बुक थे। मंगलवार सुबह से टोकन धारकों को खाद वितरण शुरू किया गया, जबकि कई किसान नए टोकन बुक कराने की मांग पर भी अड़े हुए हैं।
पहले चक्काजाम, फिर गोदाम पर डेरा
खाद संकट को लेकर सोमवार को भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने राजमाता चौराहे पर चक्काजाम किया था। इसके बाद प्रशासन ने आश्वासन देते हुए किसानों को विदिशा रोड स्थित खाद गोदाम भेजा। इसके बाद से ही किसान लगातार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ गोदाम परिसर में मौजूद हैं।
कुछ किसानों को मिली खाद, कई इंतजार में
सोमवार को कुछ किसानों को खाद का वितरण किया गया, जबकि कई के दस्तावेज लेकर टोकन प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जिन किसानों के टोकन लंबित हैं, उनके लिए अगले एक-दो दिनों में व्यवस्था की जाएगी।
किसानों की मांग: तुरंत खाद उपलब्ध कराई जाए
किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन की बुवाई का समय नजदीक है, ऐसे में खाद की कमी से खेती प्रभावित हो रही है। किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि सभी को जल्द से जल्द खाद उपलब्ध कराई जाए।