HIGHLIGHTS:
- बिना फार्मासिस्ट संचालित हो रहे मेडिकल स्टोर
- किराए के लाइसेंस पर दवाओं की बिक्री
- कलेक्टर से की गई लिखित शिकायत
- मृत लाइसेंस धारकों के नाम पर भी दुकानें
- कई क्षेत्रों में अनियमितताओं का खुलासा
BHIND MEDICAL STORES: मध्यप्रदेश। भिंड में मेडिकल स्टोरों के संचालन में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, कई मेडिकल स्टोर बिना योग्य फार्मासिस्ट के ही संचालित हो रहे हैं। यहां तक कि दसवीं-बारहवीं पास युवक मरीजों को दवाएं दे रहे हैं और उनकी डोज तक तय कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ है।
किराए के लाइसेंस पर चल रहा दवाओं का कारोबार
मामले में यह भी सामने आया है कि कई संचालक फार्मासिस्ट के लाइसेंस किराए पर लेकर मेडिकल स्टोर चला रहे हैं। इसके लिए 10 से 15 हजार रुपए प्रतिमाह तक भुगतान किया जा रहा है। इस तरह बिना नियमों का पालन किए दवाओं की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है, जो ड्रग्स नियमों का खुला उल्लंघन है।
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कलेक्टर को की गई शिकायत
मिहोना क्षेत्र के प्रदीप पचौरी ने इस संबंध में कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में कई मेडिकल स्टोरों के नामों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि जिले में बिना मानकों के बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर खोले जा रहे हैं।
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जांच की मांग, अधिकारियों पर भी सवाल
मामले में ड्रग्स इंस्पेक्टर रविकुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। वहीं डॉ. जेएस यादव ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन अब जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता ने नियमित जांच, दवाओं का रिकॉर्ड रखने और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।