सोमवती अमावस्या 2026: कुंडली के गृह दोषों को शांत करने के लिए अपनी राशि के मुताबिक करें शिवजी का जलाभिषेक, कटेंगे सारे पाप

नई दिल्ली। सनातन धर्म में सोमवती अमावस्या को एक अत्यंत पवित्र, कल्याणकारी और आध्यात्मिक रूप से प्रभावशाली तिथि माना गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अधिकमास के दौरान आने वाली सोमवती अमावस्या आगामी 15 जून 2026 को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह विशेष तिथि मुख्य रूप से पितरों की तृप्ति और तर्पण के लिए समर्पित होती है, लेकिन सोमवार के दिन अमावस्या का होना इसे शिव साधना के लिए सर्वोत्तम बनाता है। ज्योतिषविदों का मानना है कि इस दिव्य संयोग पर यदि कोई जातक अपनी राशि के अनुसार विशेष पूजन सामग्री से शिवलिंग का अभिषेक करता है, तो उसके संचित पापों का नाश होता है, अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और कुंडली में प्रतिकूल ग्रहों की स्थिति भी संतुलित हो जाती है। धार्मिक दृष्टिकोण से सोमवार का दिन देवों के देव महादेव की उपासना के लिए पहले से ही निश्चित है, और इसी दिन अमावस्या तिथि का आना एक दुर्लभ और महासंयोग का निर्माण करता है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इसके पश्चात पास के किसी भी प्राचीन या सिद्ध शिव मंदिर में जाकर पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर राशि आधारित द्रव्यों से अभिषेक करना जीवन के बड़े से बड़े संकटों को दूर करने वाला माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस विधि से की गई पूजा जीवन में अटूट सुख, समृद्धि और मानसिक शांति लेकर आती है। ज्योतिष शास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर सभी बारह राशियों के लिए अलग-अलग अभिषेक पद्धतियां बताई गई हैं, जो जातक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। मेष राशि के जातकों को इस पावन दिन पर शिवलिंग पर केवल पवित्र गंगाजल अर्पित करते हुए अभिषेक करना चाहिए, जिससे उनकी ऊर्जा सही दिशा में प्रवाहित हो सके। वृषभ राशि के जातकों के लिए सलाह दी जाती है कि वे गंगाजल में थोड़ा सा शुद्ध दूध मिलाकर महादेव का अभिषेक करें। मिथुन राशि के लोगों को दूध में दूर्वा (दूब घास) मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करनी चाहिए, जबकि कर्क राशि के जातकों के लिए इस दिन ताजे दही से भगवान शिव का अभिषेक करना अत्यंत शुभ और मानसिक शांति प्रदायक रहेगा। सिंह राशि के जातकों को सूर्य देव के प्रभाव के कारण गंगाजल में लाल रंग के फूल (विशेषकर गुड़हल या गुलाब) डालकर शिव जी को अर्पित करना चाहिए। कन्या राशि के लोगों के लिए गंगाजल में दूर्वा डालकर अभिषेक करना व्यापार और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहेगा। तुला राशि के जातकों को सुख-सौभाग्य में वृद्धि के लिए दूध, दही, घी, शहद और चीनी के मिश्रण यानी पंचामृत से शिवलिंग का विधिपूर्वक अभिषेक करना चाहिए। वृश्चिक राशि के लोगों को मंगल के प्रभाव स्वरूप दूध में शुद्ध शहद मिलाकर महादेव पर चढ़ाना चाहिए, जिससे उनके पराक्रम में वृद्धि होगी और शत्रुओं का शमन होगा। ज्ञान और धर्म के प्रतीक धनु राशि के जातकों के लिए सोमवती अमावस्या पर दूध में केसर की कुछ पत्तियां या केसरिया चंदन डालकर शिवलिंग का अभिषेक करना सर्वोत्तम फल देने वाला रहेगा। शनि देव के स्वामित्व वाली मकर राशि के लोगों को अपने कष्टों की निवृत्ति के लिए गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिव जी का तर्पण और अभिषेक करना चाहिए। वहीं कुंभ राशि के जातकों के लिए इस विशिष्ट तिथि पर नारियल के जल से शिवलिंग का अभिषेक करना अत्यंत कल्याणकारी और धन-धान्य बढ़ाने वाला बताया गया है। अंत में, मीन राशि के जातकों को अपने करियर और आध्यात्मिक उन्नति के लिए गन्ने के शुद्ध रस से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए, जिससे उनके जीवन की सभी बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी।
फिल्म 'काला हिरण' की रिलीज और प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग, दिल्ली उच्च न्यायालय में अब 19 जून को होगी अगली सुनवाई

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान द्वारा फिल्म ‘काला हिरण : द बैटल फॉर लेगेसी’ की रिलीज और इसके प्रचार पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की एकल पीठ ने फिल्म के निर्माता अमित जानी, जानी फायरफॉक्स फिल्म्स और अन्य संबंधित पक्षों को औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने इस संवेदनशील कानूनी विवाद की अगली सुनवाई के लिए 19 जून की तारीख तय की है। सलमान खान ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि फिल्म के जरिए उनके व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनैलिटी राइट्स) का व्यावसायिक लाभ के लिए खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। अदालती कार्यवाही के दौरान सलमान खान का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता निजाम पाशा ने दलील दी कि अभिनेता के व्यक्तित्व अधिकार पहले से ही उच्च न्यायालय द्वारा संरक्षित हैं। इन विधिक अधिकारों के दायरे में सलमान खान की छवि, उनकी सार्वजनिक पहचान, उनके जैसा दिखने वाला स्वरूप और उनसे जुड़ी अन्य विशिष्ट व्यक्तिगत विशेषताएं शामिल हैं। याचिका में मुख्य रूप से 29 मई को जारी किए गए फिल्म के एक पोस्टर पर आपत्ति जताई गई है। वकील ने अदालत को बताया कि इस पोस्टर में एक व्यक्ति को हूबहू सलमान खान जैसा दिखाया गया है, जिसने कलाई में वही खास फिरोजा ब्रेसलेट पहना हुआ है, जो लंबे समय से सलमान खान की अनूठी पहचान रहा है। याचिकाकर्ता का दावा है कि फिल्म के प्रचार-प्रसार में उनकी इस पहचान का इस्तेमाल बिना किसी पूर्व अनुमति के किया जा रहा है। कानूनी टीम ने अदालत को यह भी अवगत कराया कि साल 1998 के बहुचर्चित काला हिरण शिकार मामले से जुड़े कुल चार मुकदमों में से तीन में सलमान खान को कानूनी रूप से राहत मिल चुकी है, जबकि केवल एक मामला वर्तमान में अपील के साथ अदालत में लंबित है। इसके बावजूद फिल्म और उससे जुड़े प्रचार प्रसार की सामग्रियों के माध्यम से अभिनेता के नाम को लगातार विवादों के साथ घसीटा जा रहा है। सार्वजनिक रूप से ऐसे बयान दिए जा रहे हैं जो उनकी सामाजिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। अभिनेता ने अपनी इस याचिका में निर्माता अमित जानी के साथ-साथ निर्देशक भरत एस. श्रीनाते, अक्षय पांडेय और अन्य संबंधित सहयोगियों को मुख्य पक्षकार बनाया है। सलमान खान की मांग है कि अदालत इस फिल्म के निर्माण, वितरण, डिजिटल या सैटेलाइट रिलीज और किसी भी प्रकार के विज्ञापन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाए। उनका तर्क है कि उनकी सार्वजनिक छवि का इस तरह उपयोग करना कानूनी और नैतिक रूप से गलत है। उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘काला हिरण : द बैटल फॉर लेगेसी’ साल 1998 के चर्चित शिकार मामले और उसके बाद के घटनाक्रमों पर आधारित बताई जा रही है, जिसका फर्स्ट लुक और ट्रेलर हाल ही में जारी किया गया था। इस कंटेंट के सामने आने के बाद सलमान खान की कानूनी टीम ने पहले ही निर्माताओं को एक कानूनी नोटिस भेजा था और अब यह मामला पूरी तरह से दिल्ली हाईकोर्ट के विचाराधीन है, जहां 19 जून को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
उदय शेट्टी और मजनू भाई के ऑरा पर नाना पाटेकर के बयान का सच; अक्षय कुमार की बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म को लेकर हुआ बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ का आधिकारिक ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म की विशाल स्टारकास्ट के बीच दर्शकों और प्रशंसकों ने पहले दो भागों के मुख्य आकर्षण रहे उदय शेट्टी यानी नाना पाटेकर और मजनू भाई यानी अनिल कपूर को काफी मिस किया। इसी बीच इंटरनेट पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें दावा किया गया कि नाना पाटेकर ने इस तीसरी किस्त में अपनी अनुपस्थिति को लेकर फिल्म मेकर्स पर तीखा तंज कसा है। वायरल पोस्ट में लिखा था कि आप 25 एक्टर्स को तो फिल्म में ले लोगे, लेकिन उदय शेट्टी और मजनू भाई जैसा ऑरा कहां से लाओगे। इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई, लेकिन अब इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ चुकी है। तथ्यों की जांच करने पर पता चला है कि इंटरनेट पर घूम रहा यह विवादित पोस्ट पूरी तरह से फर्जी और एआई जनरेटेड है। अभिनेता नाना पाटेकर ने ‘वेलकम टू द जंगल’ या उसकी स्टारकास्ट को लेकर ऐसा कोई भी कमेंट या पोस्ट अपने किसी भी सोशल मीडिया हैंडल पर साझा नहीं किया है। तकनीकी उपकरणों की मदद से तैयार किए गए इस झूठे स्क्रीनशॉट ने कुछ ही घंटों में प्रशंसकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी, जिसे अब पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम के दौरान खुद मुख्य अभिनेता अक्षय कुमार ने इस विषय पर बात की और स्वीकार किया कि टीम ने नाना पाटेकर और अनिल कपूर को बहुत मिस किया। अक्षय कुमार ने स्पष्ट किया कि इस बार स्क्रिप्ट की मांग के अनुसार कहानी में बदलाव किए गए हैं। फिल्म की नई पटकथा के अनुसार, इस बार उदय और मजनू भाई के भाइयों की एंट्री कहानी में दिखाई गई है। इन नए किरदारों को बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी और अरशद वारसी निभा रहे हैं। सुनील शेट्टी जहां उदय के भाई की भूमिका में नजर आएंगे, वहीं अरशद वारसी ने मजनू के भाई का किरदार निभाया है। फिल्म की विशाल स्टारकास्ट में सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, राजपाल यादव और कृष्णा अभिषेक जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं। रिलीज हुए ट्रेलर की कहानी की बात करें तो इसमें दिखाया गया है कि एक फ्लॉप एक्टर अपने डूबते करियर को बचाने के लिए एक सुपरहिट एक्ट्रेस के साथ फिल्म साइन करता है। इस काल्पनिक फिल्म की पूरी कास्ट और क्रू शूटिंग के सिलसिले में एक सुदूर गांव में जाती है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब गांव वाले इस फिल्मी क्रू को सचमुच की भारतीय सेना समझ बैठते हैं और उनसे गुंडा गैंग के लीडर जैकी श्रॉफ से अपनी सुरक्षा करने की गुहार लगाते हैं। ट्रेलर के अनुसार, इस नकली फिल्म का बजट 2000 करोड़ रुपये दिखाया गया है, जो पूरी कहानी में हास्य और भ्रम की स्थितियां पैदा करता है। यह फिल्म सुपरहिट फ्रेंचाइजी ‘वेलकम’ का तीसरा पार्ट है। इस सिलसिले की पहली फिल्म साल 2007 में आई थी, जिसमें अक्षय कुमार, कटरीना कैफ, नाना पाटेकर, अनिल कपूर और परेश रावल मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके बाद साल 2015 में इसका दूसरा भाग ‘वेलकम बैक’ रिलीज हुआ, जिसमें जॉन अब्राहम और श्रुति हासन के साथ नाना पाटेकर और अनिल कपूर की जोड़ी बरकरार रही थी। अब इस फ्रेंचाइजी का यह तीसरा भाग नए किरदारों और नए ट्विस्ट के साथ 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसके प्रति दर्शकों में भारी उत्सुकता बनी हुई है।
'द फैमिली मैन' के फैंस के लिए ओटीटी पर थ्रिलर और सस्पेंस का नया धमाका, इस वीकेंड को रोमांचक बनाएंगी ये 6 बेहतरीन वेब सीरीज

नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इस वीकेंड दर्शकों के लिए मनोरंजन का एक बड़ा और बेहद रोमांचक बुके तैयार है। अगर आप ‘द फैमिली मैन’ जैसी थ्रिलर, क्राइम, सस्पेंस और देशभक्ति से ओत-प्रोत कहानियां देखने के शौकीन हैं, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस समय कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। जी5, सोनी लिव और अमेजन प्राइम वीडियो जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर इस समय ऐसी कई सीरीज ट्रेंड कर रही हैं, जो अपनी कसी हुई पटकथा और शानदार अभिनय के दम पर दर्शकों को पलक झपकने का मौका भी नहीं दे रही हैं। इन सीरीज में देश के लिए जान जोखिम में डालने वाले जासूसों की अनसुनी कहानियों से लेकर असल जिंदगी के घोटालों पर बने तीखे व्यंग्य तक शामिल हैं। इसी कड़ी में जी5 पर उपलब्ध ‘मुखबिर – द स्टोरी ऑफ अ स्पाई’ एक बेहतरीन जासूसी थ्रिलर के रूप में उभरी है। इस सीरीज की कहानी एक अनाथ और शातिर चोर हरफान बुखारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे भारतीय खुफिया एजेंसी के अधिकारी देशहित में जासूसी करने के लिए चुनते हैं। हरफान को कड़ी ट्रेनिंग देकर और एक नई पहचान के साथ पाकिस्तान भेजा जाता है। यह सीरीज एक जासूस के अकेलेपन, उसके आंतरिक संघर्ष और देश के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च बलिदान को बेहद संजीदगी और यथार्थ के साथ परदे पर उतारती है। दूसरी तरफ, अमेजन प्राइम वीडियो पर हाल ही में रिलीज हुई सीरीज ‘राख’ दर्शकों के बीच भारी चर्चा बटोर रही है। यह सीरीज साल 1978 के दिल्ली के मशहूर रंगा-बिल्ला कांड जैसी वास्तविक घटना से प्रेरित है। इस क्राइम ड्रामा में अभिनेता अली फजल एक बेहद जिद्दी सब-इंस्पेक्टर की भूमिका में हैं, जबकि सोनाली बेंद्रे एक पीड़ित स्कूल शिक्षिका का किरदार निभा रही हैं। कहानी दो किशोरों के अचानक गायब होने और उसके बाद पूरे शहर में फैले खौफ के इर्द-गिर्द घूमती है। इस जांच के दौरान जो चौंकाने वाले सच सामने आते हैं, वे दर्शकों को अंदर तक हिलाकर रख देते हैं। सस्पेंस के शौकीनों के लिए सोनी लिव पर ‘तनाव’ सीरीज भी एक शानदार विकल्प है। यह मशहूर इजरायली थ्रिलर सीरीज ‘फौदा’ का आधिकारिक भारतीय रूपांतरण है। इस सीरीज की पृष्ठभूमि कश्मीर पर आधारित है, जहां एक स्पेशल टास्क फोर्स यूनिट को एक ऐसे खतरनाक और अंडरग्राउंड हो चुके विद्रोही कमांडर को पकड़ने के लिए दोबारा सक्रिय किया जाता है, जिसे पहले मृत मान लिया गया था। यह सीरीज भारत के सुरक्षा बलों के ऑपरेशन्स और उनके व्यक्तिगत जीवन के तनाव को बेहद करीब से दिखाती है। इसके अलावा जी5 पर ही उपलब्ध ‘ब्राउन’ एक अलग तरह की डार्क और कसी हुई कॉप थ्रिलर है। इसकी मुख्य किरदार रीता कोलकाता पुलिस की एक बेहद तेज-तर्रार लेकिन व्यक्तिगत जीवन में डिप्रेशन और शराब की लत से जूझ रही डिटेक्टिव है। जब शहर का एक बेहद हाई-प्रोफाइल मर्डर केस उसके पास आता है, तो उसे न सिर्फ व्यवस्था के भीतर फैले झूठ और भ्रष्टाचार से लड़ना पड़ता है, बल्कि वह अपने आंतरिक विकारों से भी मुकाबला करती है। इस सीरीज को अपनी सस्पेंस भरी कहानी के लिए अच्छी रेटिंग मिली है। आधुनिक समय के अपराधों और समाज पर केंद्रित ‘द पिरामिड स्कीम’ अमेजन प्राइम वीडियो पर एक अनूठा प्रयोग है। परमवीर चीमा और रणवीर शौरी के अभिनय से सजी यह सीरीज आज के दौर के लालच और मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कैम्स पर एक करारा और मनोरंजक सटायर है। यह गोल्डी नाम के एक ऐसे युवक की कहानी है, जो शॉर्टकट से अमीर बनने के सपने देखते हुए एक नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी के जाल में फंस जाता है, जिसके बाद धोखे और कॉमेडी की एक जबरदस्त रोलरकोस्टर राइड शुरू होती है। अंत में, देशप्रेम के जज्बे से भरी ‘द टेस्ट केस’ जी5 पर एक और शानदार मिलिट्री ड्रामा है, जो भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेज में कॉम्बैट ट्रेनिंग लेने वाली पहली महिला कैप्टन शिखा शर्मा के संघर्ष, साहस और दृढ़ संकल्प की कहानी को बयां करती है।
20 साल बाद इस्माइल दरबार का दमदार कमबैक, बेटे जैद ने लौटाई खोई पहचान; इंडियन आइडल के मंच पर छलके आंसू

नई दिल्ली। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर संगीतकार Ismail Darbar एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपने मधुर संगीत और यादगार धुनों से लाखों दिलों पर राज करने वाले इस्माइल दरबार ने करीब 20 साल बाद संगीत की दुनिया में शानदार वापसी की है। इस खास वापसी के पीछे किसी निर्माता, निर्देशक या बड़ी म्यूजिक कंपनी का हाथ नहीं, बल्कि उनके बेटे Zaid Darbar का अटूट विश्वास और मेहनत है। बीते कई वर्षों से इस्माइल दरबार फिल्मी दुनिया और संगीत के मुख्यधारा मंचों से दूर थे। हालांकि उनके प्रशंसक आज भी उनकी रचनाओं को उतना ही पसंद करते हैं, लेकिन निजी कारणों और फिल्म निर्माताओं के साथ रचनात्मक मतभेदों के चलते उन्होंने धीरे-धीरे काम करना कम कर दिया था। ऐसे में उनके करियर का यह नया अध्याय न सिर्फ उनके लिए बल्कि उनके चाहने वालों के लिए भी बेहद खास बन गया है। हाल ही में लोकप्रिय टीवी शो Indian Idol के मंच पर इस्माइल दरबार और उनके बेटे जैद दरबार ने इस खुशखबरी को साझा किया। इस दौरान इस्माइल दरबार ने खुलकर बताया कि लंबे समय से जैद उन्हें फिर से संगीत की दुनिया में सक्रिय होने के लिए प्रेरित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैद अक्सर उनसे पूछते थे कि वे काम क्यों नहीं कर रहे हैं। इस्माइल ने बताया कि उन्हें लगता था कि वे जिस तरह का संगीत बनाना चाहते हैं, उसे वह स्वतंत्र रूप से नहीं कर पा रहे थे। इसी वजह से उन्होंने खुद को काम से दूर कर लिया था। लेकिन बेटे ने हार नहीं मानी। इस्माइल दरबार के अनुसार, जैद ने उनके नाम से एक यूट्यूब चैनल तैयार किया और उनसे कहा कि अब वे किसी के दबाव या नियंत्रण के बिना अपनी पसंद का संगीत बना सकते हैं। यही बात उन्हें दोबारा संगीत रचना के लिए प्रेरित कर गई। अब इस प्लेटफॉर्म के जरिए इस्माइल दरबार अपना स्वतंत्र संगीत सीधे दर्शकों तक पहुंचा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान इस्माइल दरबार ने अपने बेटे की जमकर तारीफ की। उन्होंने भावुक होकर कहा कि जिस तरह एक पिता अपने बेटे के लिए मेहनत करता है, वैसा ही काम यहां बेटा अपने पिता के लिए कर रहा है। यह सुनकर जैद दरबार भावुक हो गए और मंच पर ही उनकी आंखें नम हो गईं। पिता-पुत्र के इस भावनात्मक पल ने दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स का दिल जीत लिया। फैंस जैद दरबार की सराहना करते हुए उन्हें एक आदर्श बेटे का उदाहरण बता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहां रिश्तों में दूरियां बढ़ती जा रही हैं, वहां जैद ने अपने पिता के सपनों को फिर से जीवित कर एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। इस्माइल दरबार की वापसी संगीत प्रेमियों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है। अब उनके प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले समय में वे एक बार फिर अपनी जादुई धुनों से संगीत जगत में नया इतिहास रचेंगे।
जब सलमान खान ने बोनी कपूर के लिए मुफ्त में किया था काम, ‘सिर्फ तुम’ के कैमियो से जुड़ा दिलचस्प किस्सा आया सामने
नई दिल्ली। बॉलीवुड में सलमान खान और फिल्म निर्माता बोनी कपूर के रिश्ते कभी बेहद मजबूत और दोस्ताना रहे हैं। दोनों के बीच की यही गहरी दोस्ती कई मौकों पर देखने को मिली और इसका एक दिलचस्प उदाहरण फिल्म ‘सिर्फ तुम’ से जुड़ा है। हाल ही में यह पुराना किस्सा एक बार फिर चर्चा में आ गया है, जिसमें सलमान खान ने दोस्ती निभाने के लिए बोनी कपूर की फिल्म में बिना फीस लिए काम करने का फैसला किया था। यह घटना 1990 के दशक की बताई जाती है। उस समय बोनी कपूर अपनी फिल्म ‘जुदाई’ की शूटिंग के सिलसिले में हैदराबाद में थे। संयोग से सलमान खान भी उसी दौरान अपनी फिल्म ‘जुड़वा’ की शूटिंग के लिए हैदराबाद में मौजूद थे। दोनों एक ही होटल में ठहरे हुए थे। एक शाम सलमान खान, बोनी कपूर और अनिल कपूर के साथ बैठकर लंबी पार्टी में शामिल हुए। बोनी कपूर ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि वह सामान्य तौर पर बहुत कम शराब पीते थे, लेकिन उस रात सलमान के आग्रह पर पार्टी देर रात से लेकर सुबह तक चलती रही। बताया जाता है कि सुबह करीब सात बजे तक पार्टी का दौर चलता रहा। इसके बाद सलमान थोड़ी देर आराम करके अपनी शूटिंग पर निकल गए, जबकि बोनी कपूर पूरे दिन हैंगओवर से परेशान रहे। हालांकि इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती और मजबूत हो गई। बोनी कपूर के अनुसार, अगले दिन सलमान खान को यह महसूस हुआ कि उन्होंने सिर्फ उनके कहने पर पूरी रात पार्टी में साथ दिया था। तब सलमान ने उनसे कहा कि यदि भविष्य में कभी किसी काम की जरूरत पड़े तो वह जरूर मदद करेंगे। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह बात आगे चलकर एक फिल्मी किस्से का हिस्सा बन जाएगी। कुछ वर्षों बाद जब बोनी कपूर फिल्म ‘सिर्फ तुम’ का निर्माण कर रहे थे, तब उन्हें एक विशेष कैमियो रोल के लिए सलमान खान की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने सलमान को फोन कर फिल्म में छोटी लेकिन अहम भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया। सलमान ने बिना देर किए प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, लेकिन इसके साथ एक शर्त भी रख दी। सलमान खान ने बोनी कपूर से कहा कि वह यह रोल जरूर करेंगे, लेकिन इसके लिए कोई फीस नहीं लेंगे। अभिनेता का मानना था कि यह उनकी दोस्ती और पुराने वादे को निभाने का अवसर है। सलमान की इस बात ने बोनी कपूर को हैरान भी किया और भावुक भी। फिल्म ‘सिर्फ तुम’ में सलमान खान का कैमियो भले ही छोटा था, लेकिन दर्शकों ने उसे खूब पसंद किया। फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और सलमान का यह विशेष किरदार लंबे समय तक याद किया गया। यह किस्सा आज भी बॉलीवुड में दोस्ती, भरोसे और रिश्तों की अहमियत का एक खूबसूरत उदाहरण माना जाता है।
13 जून 2026 का राशिफल: ग्रहों के महासंयोग से कई राशियों की चमकेगी किस्मत, कुछ को रहना होगा सतर्क

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार 13 जून 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। द्वितीय ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि का संयोग बन रहा है, वहीं पूरे दिन कृतिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। चंद्रमा सुबह 09:25 तक वृषभ राशि में रहकर बाद में मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ग्रहों की इस स्थिति से वाशि योग, सुनफा योग, शंख योग, सुकर्मा योग और सर्वाअमृत योग जैसे शक्तिशाली संयोग बन रहे हैं, जो कई राशियों के लिए लाभकारी साबित होंगे। मेष से कन्या तक का प्रभावमेष राशि के जातकों के लिए यह दिन नई शुरुआत और आर्थिक लाभ का संकेत दे रहा है। व्यापार में विस्तार और करियर में सहयोग मिलने की संभावना है। वृषभ राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए आय स्रोत बन सकते हैं। मिथुन राशि के लिए दिन कुछ उतार-चढ़ाव भरा रहेगा, खर्च और तनाव बढ़ सकता है। कर्क राशि वालों को कार्यस्थल पर बड़ी जिम्मेदारी और सफलता मिलने के योग हैं। सिंह राशि के लिए नौकरी और व्यापार में बड़ी उपलब्धि के संकेत मिल रहे हैं। कन्या राशि के जातकों को करियर में तरक्की और प्रेम जीवन में सकारात्मकता मिलेगी। तुला से वृश्चिक तक का हालतुला राशि के लिए यह दिन चुनौतीपूर्ण रह सकता है, खासकर करियर और खर्च को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय बेहद शुभ है, पार्टनरशिप और बिजनेस में बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। धनु से मीन तक की स्थितिधनु राशि के लिए दिन सामान्य रहेगा लेकिन भावनात्मक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। मकर राशि के जातकों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं लेकिन पारिवारिक तनाव भी संभव है। कुंभ राशि के लिए यह दिन कुछ कठिनाइयों भरा रहेगा, निवेश और विवादों से बचना चाहिए। मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ संकेत दे रहा है, करियर और व्यापार में बड़ी सफलता और लाभ मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर 13 जून 2026 का दिन ग्रहों के विशेष योगों से प्रभावित रहेगा। जहां कुछ राशियों के लिए यह दिन भाग्यवृद्धि और आर्थिक उन्नति लेकर आएगा, वहीं कुछ राशियों को सावधानी और संयम से काम लेना होगा।
देश की राजनीति में खास मुकाम हासिल करने की कहानी.

प्रो. मनोज कुमारकुछ बात तो है उनमें, कोइ यूँ ही नरेन्द्र मोदी नहीं कहलाता. वैसे भी भारतीय राजनीति में अलग-अलग समय में अलग-अलग मानक गढ़े जाते हैं और वह ऐतिहासिक हो जाता है. एक और राजनीतिक मानक गढ़ा है प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी ने. लगातार 12 वर्ष प्रधानमंत्री बने रहने का उनका यह नया कीर्तिमान है. आप चाहें जितना विरोध कर लें, आप चाहें जितनी आलोचना कर लें लेकिन कुछ बात तो उनमें है कि कई बार विरोधी भी कायल हो जाते हैं. 12 वर्ष पूर्व उनका अभिनंदन, स्वागत और उम्मीदों का साल था. जैसा होता है समय के साथ इस भाव में कहीं कमी दिखी तो चाहने वाले वैसे ही बने रहे. उनकी पहचान वैश्विक नेता के रूप में अपवाद स्वरूप बनी रही तो लगातार और बार-बार राज्यों के चुनावों में उनके नाम पर जीत इस बात की आश्वस्ति दिलाती रही कि ‘मोदी मैजिक’ कायम है. साथ ही अन्य दलों से टूटकर भी आने वाले जनप्रतिनिधियों ने उनके प्रति अपना भरोसा जताया, यह एक अलग किस्म का भारतीय राजनीति को अनुभव हुआ. इसके पहले भी दल-बदल होता रहा है लेकिन इसे दल-बदल के साथ ‘दिल’ बदल के रूप में देखा जाना चाहिए. आम आदमी पार्टी और हालिया तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का उनके साथ चले जाना, यह परिघटना के रूप में परिभाषित होगा. हालांकि विरोधियों का कहना है कि उनका ‘डर से दिल’ बदला है. डर या विश्वास, दिल से दल बदल रहा है और 12 वर्षों में इस बदलाव को रेखांकित किया जाएगा. यह भी अजीब सा लगता है कि बार-बार कहा जा रहा है कि मोदी ने नेहरु के रिकार्ड को तोड़ दिया. अरे नहीं, भाई मोदी ने रिकार्ड बनाया है. भारतीय राजनीति में 12 वर्ष का समय बहुत होता है और जब चौतरफा हमले हो रहे हैं तब सत्ता में बने रहना सच में अर्थपूर्ण है. विरोध विरोधियों से हो तो सामान्य सी बात है लेकिन विरोध खुद के घर से हो तो यह चुनौती बन जाता है. विरोधियों के कुछ जायज हमले हैं तो कुछ नाजायज. कुछ हमले तो व्यक्तिगत हो रहे हैं, जिसे सही नहीं कहा जा सकता है. नीति-नियमों के आधार पर तार्किक विरोध का हर मंच पर स्वागत होता है लेकिन पूर्वाग्रहों से भरे विरोध कोई मायने नहीं रखता है. खैर, वैश्विक संकट का असर भारत में दिखने लगा. अनेक स्तरों पर भारत भी इस संकट से जूझ रहा है और इसका परिणाम यह हुआ कि 12 साल पहले किए गए वायदों को पूरा करने में खरोंच लगी. महंगाई, बेरोजगारी का ग्राफ बढ़ता गया. युद्ध के चलते भारत की आर्थिक हालत पर भी घाव लगा और देखते ही देखते महंंगाई का ग्राफ तेजी से बढऩे लगा. आखिरकार मोदी को आम आदमी के सामने आकर सहयोग का आह्वान करना पड़ा. कुछ बातें ऐसी थी जिसे एक आम भारतीय नहीं मानता है जैसे सोना ना खरीदने की बात लेकिन अर्थशास्त्र के जानकार बताएंगे ऐसा क्यों? हम मोटामोटी तौर पर सहज और सरल जिंदगी चाहते हैं और सरकार को अलादीन का चिराग मानकर उसे हर मुराद पूरी करने की जिद् भी कर बैठते हैं और जब जिद् पूरी नहीं होती है तब सरकार खराब हो जाती है. इस समय सरकार का मतलब समझा दिया गया है मोदी और मोदी को खराब साबित करने के लिए हर स्तर पर कोशिश जारी है. यह भी सच है कि 12 वर्ष पहले युवाओं को जो उम्मीदों के पंख लगे थे, वह टूटकर बिखरने लगे. उम्मीद टूटी लेकिन नाउम्मीद नहीं हुए और वे अपने एक ‘वोट’ से अपने नायक मोदी को मजबूत करते रहे, यह भी एक बड़ा सच है. स्मरण कीजिए कि लोकपाल की माँग को लेकर यही नौजवान सडक़ पर उतरे तो कांग्रेस की सरकार पलट दी तो क्या यह नाराजगी मोदी को चुनौती नहीं दे सकती है? जरूर दे सकती है लेकिन तब जब युवा नाउम्मीद हो जाए. इन 12 वर्षों में ऐसे चाहे-अनचाहे बात-बयान हुआ और उनकी इमेज को सोशल मीडिया के जरिए तोडऩे की कोशिश की गई. अतिरेक में विरोधियों के साथ भी ऐसा ही हुआ और इसका दुष्परिणाम यह निकला कि सत्ता और प्रतिपक्ष में जो समन्वय होना चाहिए था, उसमें दरार पड़ गई. प्रतिपक्ष की प्रकृत्ति प्रतिरोध की रही है लेकिन विरोधी व्यवहार कई नीतिगत मुश्किलें उत्पन्न करता है और ऐसा हुआ भी. समय एक सा नहीं रहता है और यह सबके साथ होता है, मोदी कोइ अपवाद नहीं लेकिन 12 वर्षों तक मोदी करिश्मा अपवाद है. इस अपवाद का सबसे बड़ा गुण है एक कुशल जनसंचार के रूप में स्वयं को स्थापित करना. ‘मन की बात’ के माध्यम से वे देश के करोड़ों लोगों तक पहुँच गए. माटी से खादी तक चर्चा कर हुनरमंद लोगोंं को उनके घेरे से बाहर लाकर मुख्यधारा से जोडक़र एक नया मुकाम दिया. प्रधानमंत्री मोदी तारीफ करें तो उनके हुनर को पंख लग जाना स्वाभाविक है. ‘मन की बात’ की हर ऐपिसोड में समाज के अंतिम छोर पर बैठे हुनरमंद को तलाश कर ले आते हैं. वे जनता की नब्ज भी जानते हैं और समझते हैं. और ऐसे में वे कभी खेल के मैदान में उतर जाते हैं तो कभी गाँव की चौपाल में खाट में बैठकर अपनापन का भाव जताते हैं. जैसा कि उन्होंने खुद ही अपील कर कहा कि मोदीजी नहीं, मोदी कहा जाए. वे जानते हैं कि एक ‘जी’ अपनों से पराया बना देती है. उनका यही हुनर उन्हें एक कुशल संचारक के रूप में स्थापित करता है. संचार की अवधारणा कहती है कि संदेश देने वाले की कामयाबी इस बात में नहीं है कि वह संदेश क्या देता है बल्कि कामयाबी इस बात में है कि संदेश ग्रहण करने वाला उसे कैसे ग्रहण करता है. बातें और भी बहुत सी है और यही बातें उन्हें दूसरों से जुदा करती है. एक बात स्मरण में हो आता है कि एक कामयाब व्यक्ति से पूछा गया कि आपका मुकाबला किससे है? तो उनका जवाब था-मेरा अपने आप से. मोदीजी के बारे में भी यही बात लागू होती है
World Day Against Child Labour 2026: विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर CM मोहन यादव का आह्वान, बोले- बच्चों के हाथों में किताबें शोभा देती हैं

World Day Against Child Labour 2026: भोपाल। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से बाल श्रम मुक्त समाज बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के माथे पर बोझ अच्छा नहीं लगता, उनके हाथों में कलम और किताब ही शोभा देती है। उन्होंने कहा कि खुशहाल बचपन और शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और राज्य सरकार बच्चों के हितों एवं उनकी शिक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू को फिर मिली जान से मारने की धमकी, बोले- पुलिस नहीं कर रही प्रभावी कार्रवाई बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता की जरूरत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि बाल श्रम केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि बच्चों के बचपन और उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर सामाजिक मुद्दा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और बाल श्रम को जड़ से खत्म करने के लिए मिलकर प्रयास करें। इंदौर में युवक को बीच सड़क रोका, मारपीट के बाद कार में बैठाने की कोशिश; तीन आरोपियों पर केस दर्ज भारत में अब भी बड़ी चुनौती श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में 5 से 14 साल के करीब 1.01 करोड़ बच्चे काम करते थे। हालांकि पिछले कुछ सालों में बाल श्रम के मामलों में कमी आई है, लेकिन यह समस्या अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की 2026 रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में अब भी 13.8 करोड़ बच्चे बाल श्रम में लगे हुए हैं, जिनमें से लगभग 5.4 करोड़ बच्चे खतरनाक परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। अमेरिका-ईरान समझौते पर बना संशय, होर्मुज में ड्रोन कार्रवाई और बंदर अब्बास धमाकों से फिर बढ़ा तनाव बच्चों का बचपन बचाने का संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन का अधिकार है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि कोई भी बच्चा मजदूरी के लिए मजबूर न हो और उसे अपने सपनों को पूरा करने का पूरा अवसर मिले। बच्चों के माथे पर बोझ अच्छा नहीं लगता है। खुशहाल बचपन और शिक्षा उनका अधिकार है। ‘विश्व बालश्रम निषेध दिवस’ पर संकल्प लें कि बच्चों के हाथों में कलम-किताब ही देंगे और बाल श्रम से मुक्त समाज बनाएंगे। हमारी सरकार बच्चों के हितों और शिक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। pic.twitter.com/yL1jb88I7E — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 12, 2026
INDORE BRICKS SUMMIT: इंदौर में BRICS कृषि सम्मेलन का आगाज, CM बोले- BRICS देशों के अनुभवों से मजबूत होगा कृषि क्षेत्र

INDORE BRICKS SUMMIT: इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में 11 से 13 जून तक आयोजित होने वाले BRICS कृषि सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हो गया है। जहां आज कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अन्य देश के कृषि मंत्रियों के साथ संवाद करेंगे। सम्मेलन में BRICS देशों समेत 21 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य सरकार की ओर से आयोजित विशेष डिनर कार्यक्रम में शामिल होकर विदेशी प्रतिनिधियों, राजदूतों और कृषि मंत्रियों का स्वागत किया। राज्यसभा चुनाव विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा संदेश, मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज, संवैधानिक सीमाओं का दिया हवाला कृषि सेक्टर को बढ़ावा इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘एग्रीकल्चर ईयर’ के दौरान आयोजित यह सम्मेलन कृषि क्षेत्र में वैश्विक सहयोग, नवाचार और साझेदारी को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के देशों के साथ सहयोग और साझा विकास की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। सीएम ने मध्यप्रदेश की धरती पर आए सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि इंदौर में आयोजित यह सम्मेलन खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार, जलवायु अनुकूल खेती, कृषि व्यापार और छोटे किसानों को सशक्त बनाने में मदद करेगा। ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों एवं प्रतिनिधियों के सम्मान में राज्य शासन की ओर से आयोजित रात्रि भोज में सहभागिता की। ‘कृषि वर्ष’ के अवसर पर आयोजित यह सम्मेलन कृषि क्षेत्र में साझेदारी और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मैं सभी… pic.twitter.com/WmAbsvSRLb — Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) June 11, 2026 कृषि क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार तीन दिवसीय सम्मेलन में ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, यूएई सहित कई देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। 12 जून को कृषि मंत्रियों के बीच विशेष संवाद आयोजित होगा, जबकि 13 जून को BRICS देशों की मंत्रिस्तरीय बैठक होगी, जिसमें कृषि क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेक्सिको की शानदार शुरुआत, साउथ अफ्रीका को 2-0 से रौंदा मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे मध्यप्रदेश को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर भी मिलेगा। सम्मेलन के दौरान विदेशी प्रतिनिधि इंदौर और मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू होंगे। इसके तहत वे राजवाड़ा, छप्पन दुकान, सराफा और मांडू जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे। जिससे उन्हें मध्यप्रदेश की समृद्ध परंपरा और संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।