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Meta का नया धमाका: Facebook में आया Reddit जैसा “Forum” ऐप, AI के साथ अब होगी खुली कम्युनिटी चर्चा

नई दिल्ली। मेटा ने सोशल मीडिया अनुभव को और अधिक कम्युनिटी-केंद्रित बनाने के लिए एक नया प्रयोग शुरू किया है। कंपनी ने अमेरिका में “Forum” नाम से एक नया ऐप लॉन्च किया है, जिसे खास तौर पर Facebook Groups की चर्चाओं को एक जगह और अधिक व्यवस्थित तरीके से दिखाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह ऐप फिलहाल iPhone यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है और इसका उद्देश्य पारंपरिक स्क्रॉलिंग फीड से हटकर विषय-आधारित बातचीत को बढ़ावा देना है। Forum ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें यूजर्स अपने Facebook अकाउंट से लॉगिन कर सकते हैं। लॉगिन करने के बाद उन्हें अलग-अलग Facebook Groups की पोस्ट एक Reddit-जैसी इंटरफेस में दिखाई देती हैं, जहां वे किसी भी विषय पर चर्चा पढ़ सकते हैं, सवाल पूछ सकते हैं और कम्युनिटी से सीधे जुड़ सकते हैं। Meta का कहना है कि इस ऐप का फोकस वायरल कंटेंट के बजाय उपयोगी बातचीत और ज्ञान साझा करने पर है। इस प्लेटफॉर्म में यूजर्स को Nickname (छद्म नाम) के जरिए पोस्ट करने का विकल्प भी दिया गया है, हालांकि उनकी एक्टिविटी उनके असली Facebook अकाउंट और संबंधित ग्रुप्स से जुड़ी रहती है। इसका उद्देश्य लोगों को ज्यादा खुलकर अपनी राय रखने की सुविधा देना है, लेकिन कम्युनिटी ट्रैकिंग और पारदर्शिता भी बनी रहती है। Forum ऐप का सबसे अहम फीचर इसका AI-आधारित “Ask” सिस्टम है। इसमें यूजर किसी भी सवाल को टाइप करता है और ऐप Facebook Groups में मौजूद चर्चाओं के आधार पर जवाब तैयार करता है। साथ ही, जिन पोस्ट्स या चर्चाओं से जानकारी ली गई होती है, उनके लिंक भी दिखाए जाते हैं, ताकि यूजर चाहें तो पूरा संदर्भ भी पढ़ सकें। यह फीचर जानकारी को अधिक भरोसेमंद और स्रोत-आधारित बनाता है। Meta पहले भी कम्युनिटी फीचर्स पर प्रयोग कर चुका है। कंपनी ने 2014 में अलग से Facebook Groups ऐप लॉन्च किया था, लेकिन बाद में उसे बंद कर दिया गया। अब AI तकनीक और नए इंटरफेस के साथ कंपनी इस कॉन्सेप्ट को दोबारा मजबूत तरीके से पेश कर रही है। इससे पहले Threads और Instants जैसे प्रोजेक्ट्स भी Meta के नए सोशल मीडिया प्रयोगों का हिस्सा रहे हैं। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया केवल फोटो और वीडियो स्क्रॉलिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह ज्यादा चर्चा-आधारित और ज्ञान साझा करने वाला प्लेटफॉर्म बनेगा। इसी रणनीति के तहत Meta लगातार AI को अपने सभी प्लेटफॉर्म्स में इंटीग्रेट कर रहा है ताकि यूजर्स को ज्यादा पर्सनलाइज्ड और उपयोगी अनुभव मिल सके। फिलहाल यह ऐप केवल अमेरिका में उपलब्ध है और इसके ग्लोबल लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह प्रयोग सफल होता है तो Meta भविष्य में इसे Facebook इकोसिस्टम का एक बड़ा हिस्सा बना सकता है।

Chrome यूजर्स के लिए सरकार का बड़ा अलर्ट: पुराने वर्जन से हो सकता है बैंक अकाउंट खाली, तुरंत करें अपडेट

नई दिल्ली। भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Google Chrome यूजर्स के लिए गंभीर सुरक्षा चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने बताया है कि Chrome ब्राउजर के कुछ पुराने वर्जन में ऐसी खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर अपराधी यूजर्स का निजी डेटा चुरा सकते हैं। इसमें बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी के लीक होने का खतरा शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, यह खतरा खासकर उन यूजर्स के लिए ज्यादा गंभीर है जो अपने मोबाइल या कंप्यूटर में अपडेटेड Chrome वर्जन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। साइबर ठग फर्जी लिंक और संक्रमित वेबसाइट्स के जरिए यूजर्स को फंसाते हैं। जैसे ही कोई यूजर ऐसे लिंक पर क्लिक करता है, हैकर्स उसके डिवाइस पर कंट्रोल हासिल कर सकते हैं और जरूरी डेटा चोरी कर सकते हैं। CERT-In ने यह भी चेतावनी दी है कि इस सिक्योरिटी खामी के जरिए डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल किया जा सकता है, जो यूजर की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख सकता है। इतना ही नहीं, यह खतरनाक सॉफ्टवेयर कैमरा और माइक्रोफोन तक एक्सेस कर सकता है, जिससे प्राइवेसी पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस खतरे से बचने के लिए यूजर्स को तुरंत अपने Google Chrome ब्राउजर को अपडेट करने की सलाह दी गई है। यूजर्स Chrome ऐप या Google Play Store के जरिए लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल कर सकते हैं। जिन डिवाइस में ऑटो-अपडेट फीचर ऑन है, उनमें यह अपडेट अपने आप इंस्टॉल हो जाता है और सिस्टम सुरक्षित रहता है। CERT-In ने साफ किया है कि नया अपडेट इन सभी सुरक्षा खामियों को ठीक करता है, जिससे यूजर्स का डेटा और डिवाइस दोनों सुरक्षित रहते हैं।

चौथा बड़ा मंगल आज, हनुमान जी की आराधना का विशेष दिन, जाने पूजा-व्रत और मांगलिक दोष से राहत के उपाय

नई दिल्‍ली । ज्‍येष्‍ठ अधिकमास चल रहा है, इसके मंगलवार बहुत खास होते हैं. बड़ा मंगल का व्रत रखना, हनुमान जी की पूजा करना और उपाय करना बहुत लाभ देगा. इससे तमाम तरह की समस्‍याओं का अंत होता है और जीवन में सुख-सम‍ृद्धि आती है. जिन लड़के-लड़कियों को मंगल दोष है, वो बड़ा मंगल के दिन गुड़, चने, लाल मसूर की दाल दान करें. ऐसा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होंगी. साथ ही चौथे बड़ा मंगल पर सुंदरकांड का पाठ करें. यहां देखिए आज की तिथि, योग, नक्षत्र, राहुकाल समेत पूरा पंचाग.जिन लड़के-लड़कियों को मंगल दोष है, वो बड़ा मंगल के दिन गुड़, चने, लाल मसूर की दाल दान करें. ऐसा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होंगी. साथ ही चौथे बड़ा मंगल पर सुंदरकांड का पाठ करें. यहां देखिए आज की तिथि, योग, नक्षत्र, राहुकाल समेत पूरा पंचाग. 26 मई 2026 का पंचांग आज की तिथि – सुबह 05:11 बजे से ज्‍येष्‍ठ शुक्‍ल एकादशी तिथि प्रारंभ होगी, जो अगले दिन 27 मई तक रहेगी. लिहाजा एकादशी तिथि का व्रत 27 मई को रखा जाएगा. आज का वार – मंगलवार. आज के ग्रह गोचर – आज चंद्रमा कन्‍या राशि में गोचर करेंगे. आज का नक्षत्र – 26 मई 04:08 बजे से हस्‍त नक्षत्र रहेगा और पूरा दिन रहेगा. आज के योग – 03:15 बजे से सिद्धि योग प्रारंभ होगा और पूरे दिन रहेगा. सूर्य व चंद्रमा का समय सूर्योदय – सुबह 05:46 बजे सूर्यास्त – शाम 07:01 बजेचन्द्रोदय – दोपहर 02:54 बजेचन्द्रास्त – 26 व 27 मई की तड़के सुबह 02:46 बजे(शहर के हिसाब से उदय व अस्त के समय में कुछ मिनट या सेकेंड का अंतर देखा जा सकता है) आज के शुभ कालब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04:09 बजे से 04:57 बजे तकअभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:50 बजे तकअमृत काल – रात 11:28 बजे से 01:11 बजे तक आज के अशुभ कालराहुकाल – दोपहर 03:42 बजे से शाम 05:22 बजे तकयम गण्ड – सुबह 09:04 बजे से 10:44 बजे तककुलिक – दोपहर 12:23 बजे से 02:03 बजे तकदुर्मुहूर्त – सुबह 08:25 बजे से 09:18 बजे तक, रात 11:19 बजे से 12:02 बजे तकवर्ज्यम् – दोपहर 01:09 बजे से 02:52 बजे तक

12 मंजिला भव्य मंदिर से सोने की आंखों वाले हनुमान जी तक, बोकारो के इन अद्भुत मंदिरों में बसती है गहरी आस्था

नई दिल्ली। झारखंड का Bokaro जिला अपनी औद्योगिक पहचान के साथ-साथ धार्मिक आस्था के लिए भी जाना जाता है। यहां स्थित कई हनुमान मंदिर अपनी भव्यता, विशाल प्रतिमाओं और अनोखी बनावट के कारण विशेष पहचान रखते हैं। इन मंदिरों में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कई मंदिर ऐसे हैं जो केवल पूजा का केंद्र नहीं बल्कि पर्यटन आकर्षण के रूप में भी प्रसिद्ध हो चुके हैं। विशाल संरचनाओं ने बनाई अलग पहचानबोकारो के कई हनुमान मंदिर अपनी ऊंचाई और अनूठी वास्तुकला के कारण लोगों का ध्यान खींचते हैं। यहां बने कुछ मंदिर दूर से ही दिखाई देते हैं और पहली नजर में अपनी भव्यता से प्रभावित कर देते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इन मंदिरों में दर्शन करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक अनुभव मिलता है। आस्था का प्रमुख केंद्र बने संकटमोचन मंदिरजिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कई मंदिर वर्षों से लोगों की आस्था से जुड़े हुए हैं। इनमें संकटमोचन मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध माना जाता है। यहां हर मंगलवार और शनिवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। परिवार की सुख-शांति और जीवन की परेशानियों से मुक्ति की कामना लेकर लोग यहां पूजा-अर्चना करते हैं।विशाल हनुमान प्रतिमाएं बनीं आकर्षणबोकारो में कई स्थानों पर भगवान हनुमान की विशाल प्रतिमाएं स्थापित हैं। कुछ प्रतिमाएं इतनी ऊंची हैं कि दूर से ही नजर आने लगती हैं। इनकी भव्यता के कारण केवल श्रद्धालु ही नहीं बल्कि घूमने आने वाले पर्यटक भी यहां पहुंचते हैं। लोग दर्शन के साथ-साथ इन स्थानों की सुंदरता को भी करीब से देखना पसंद करते हैं। 12 मंजिला मंदिर बना विशेष आकर्षणबोकारो के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में एक भव्य 12 मंजिला हनुमान मंदिर भी शामिल है। यह मंदिर अपनी विशाल संरचना और विशेष निर्माण शैली के लिए जाना जाता है। यहां स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। कहा जाता है कि इस मंदिर के निर्माण में कई वर्ष लगे और इसकी भव्यता दूर-दूर से आने वाले लोगों को प्रभावित करती है। सोने की आंखों वाली प्रतिमा बनी चर्चा का विषयइस मंदिर की सबसे अनोखी बात यहां स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा को माना जाता है। प्रतिमा की आंखों को विशेष रूप से तैयार किया गया है, जिसने लोगों की जिज्ञासा और आस्था दोनों को बढ़ाया है। यही वजह है कि यह स्थान धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपनी विशेष पहचान के लिए भी चर्चा में रहता है।

फिल्म से निकलने के लिए किशोर कुमार की अनोखी चाल, गंजे होकर ऑफिस पहुंचे और बदल गई पूरी कहानी

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के दिग्गज गायक और अभिनेता Kishore Kumar अपने शानदार गीतों के साथ-साथ अपनी अनोखी आदतों और मजाकिया स्वभाव के लिए भी खूब पहचाने जाते थे। उनके जीवन से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं जो आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। उनके साथ काम करने वाले कलाकार और फिल्मकार अक्सर उनके अलग अंदाज और अप्रत्याशित व्यवहार के बारे में बातें करते रहे हैं। ऐसा ही एक किस्सा एक बड़ी फिल्म से जुड़ा है, जिसने बाद में हिंदी सिनेमा के इतिहास में खास जगह बनाई।दोस्ती और दुविधा के बीच फंसे थे किशोर कुमारउस दौर में मशहूर फिल्म निर्देशक Hrishikesh Mukherjee और किशोर कुमार के बीच गहरी दोस्ती थी। निर्देशक अपनी नई फिल्म के लिए ऐसे कलाकार की तलाश में थे जो मुख्य किरदार को जीवंत बना सके। उनकी पसंद किशोर कुमार थे और वे चाहते थे कि वही फिल्म के नायक बनें। लेकिन दूसरी तरफ किशोर कुमार इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के इच्छुक नहीं थे। परेशानी यह थी कि गहरी दोस्ती के कारण वह सीधे तौर पर मना भी नहीं कर पा रहे थे। फिल्म से बचने के लिए अपनाया अनोखा तरीकाकाफी सोच-विचार के बाद किशोर कुमार ने एक अलग रास्ता चुना। फिल्म शुरू होने से पहले जब उन्हें लुक और कॉस्ट्यूम को लेकर चर्चा के लिए बुलाया गया तो वहां मौजूद लोग उन्हें देखकर चौंक गए। वह पूरी तरह गंजे होकर पहुंचे थे। इतना ही नहीं, वह पूरे ऑफिस में घूमते हुए मजाकिया अंदाज में नाचते और गाते रहे। उनका यह रूप देखकर सभी हैरान रह गए। एक फैसले ने बदल दी पूरी कहानीनिर्देशक के लिए यह दृश्य अप्रत्याशित था। फिल्म के मुख्य किरदार के लिए जिस छवि की कल्पना की गई थी, उसके विपरीत किशोर कुमार का यह अंदाज था। आखिरकार बात इतनी आगे बढ़ी कि उन्हें फिल्म से अलग कर दिया गया। बाद में उसी किरदार के लिए दूसरे कलाकार को चुना गया और फिल्म ने आगे चलकर बड़ी सफलता हासिल की। फिल्म इतिहास का यादगार अध्यायबाद में यह फिल्म बनी Anand, जिसमें मुख्य भूमिका Rajesh Khanna ने निभाई और उनके साथ Amitabh Bachchan भी नजर आए। फिल्म की कहानी और अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। यह फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है। इस घटना ने यह भी साबित किया कि किशोर कुमार केवल एक महान कलाकार ही नहीं थे, बल्कि उनका जीवन अनोखे और दिलचस्प किस्सों से भी भरा हुआ था, जिनकी चर्चा आज भी उतनी ही दिलचस्पी से होती है।

जब एक्टर की भविष्यवाणी सच निकली, बॉलीवुड में मच गया था सनसनी

नई दिल्ली । बॉलीवुड में कई कलाकार अपनी दमदार एक्टिंग और यादगार किरदारों के लिए हमेशा याद किए जाते हैं, लेकिन कुछ सितारों की जिंदगी से जुड़े किस्से उन्हें और भी खास बना देते हैं। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता संजीव कुमार भी ऐसे ही कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी शानदार अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। खास बात यह है कि उन्होंने अपनी मौत को लेकर जो भविष्यवाणी की थी, वह बाद में सच साबित हुई। 1960 के दशक में फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले संजीव कुमार ने अपने अभिनय के दम पर इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई। एक समय ऐसा था जब वे अमिताभ बच्चन और शशि कपूर जैसे बड़े सितारों को कड़ी टक्कर देते थे। उनकी फिल्मों और किरदारों को दर्शकों ने खूब पसंद किया। उन्होंने गंभीर, कॉमिक और भावनात्मक हर तरह के रोल निभाकर खुद को बहुमुखी अभिनेता साबित किया। संजीव कुमार की जिंदगी से जुड़ा सबसे चर्चित किस्सा उनकी मौत की भविष्यवाणी से जुड़ा है। बताया जाता है कि एक इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया था कि कम उम्र में भी वे फिल्मों में बुजुर्गों के किरदार इतनी सहजता से कैसे निभा लेते हैं। इस पर अभिनेता ने बेहद चौंकाने वाला जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि वे कभी बूढ़े हो पाएंगे, क्योंकि उनके परिवार के ज्यादातर पुरुष 50 साल की उम्र से पहले ही दुनिया छोड़ चुके हैं। संजीव कुमार का मानना था कि वे भी 50 साल की उम्र तक जीवित नहीं रह पाएंगे। यही वजह थी कि वे कम उम्र में ही बड़े पर्दे पर बुजुर्ग किरदार निभाने में सहज महसूस करते थे। बाद में उनकी यह बात सच साबित हुई। 6 नवंबर 1985 को हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 47 साल थी। बताया जाता है कि उनके दादा, पिता और छोटे भाई का निधन भी कम उम्र में ही हो गया था। परिवार के इस इतिहास का असर संजीव कुमार की सोच पर भी पड़ा था और उन्हें अपनी उम्र को लेकर हमेशा आशंका बनी रहती थी। अपने करियर में संजीव कुमार ने कई यादगार फिल्मों में काम किया। शोले, त्रिशूल, अंगूर, पति पत्नी और वो और हीरो जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी सराहा जाता है। उनकी मौत के बाद भी उनकी कई फिल्में रिलीज हुईं, जो दर्शकों के बीच चर्चा में रहीं। संजीव कुमार भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी अदाकारी और उनसे जुड़े किस्से आज भी बॉलीवुड प्रेमियों के दिलों में जिंदा हैं।

700 फिल्मों वाला बॉलीवुड स्टार: सलमान-शाहरुख भी रह गए पीछे

नई दिल्ली । हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिन्होंने अपने दमदार अभिनय और लगातार मेहनत के बल पर लंबा और सफल करियर बनाया। कुछ सितारे अपने स्टारडम के लिए जाने गए, तो कुछ कलाकारों ने फिल्मों की संख्या के मामले में रिकॉर्ड कायम कर दिए। दिलचस्प बात यह है कि सबसे ज्यादा फिल्में करने की सूची में सिर्फ सुपरस्टार ही नहीं, बल्कि एक ऐसे अभिनेता का नाम सबसे ऊपर है जिसने विलेन, कॉमेडियन और कैरेक्टर रोल्स से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। सबसे ज्यादा फिल्में करने वाले कलाकारों की बात करें तो शक्ति कपूर इस सूची में सबसे आगे नजर आते हैं। शक्ति कपूर ने अपने करियर में 700 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। 80 और 90 के दशक में उन्होंने खलनायक और कॉमिक किरदारों से जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। उनकी खास डायलॉग डिलीवरी और अलग अंदाज ने उन्हें बॉलीवुड का यादगार कलाकार बना दिया। इस सूची में दूसरा बड़ा नाम अनुपम खेर का है। अनुपम खेर ने 500 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है। उन्होंने गंभीर, कॉमिक और भावनात्मक हर तरह के किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई। खास बात यह है कि लंबे समय से इंडस्ट्री में सक्रिय रहने के बावजूद आज भी वे लगातार फिल्मों और वेब सीरीज में नजर आते हैं। वहीं धर्मेंद्र भी बॉलीवुड के सबसे व्यस्त कलाकारों में शामिल रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। एक्शन, रोमांस और पारिवारिक फिल्मों में उनकी लोकप्रियता दशकों तक बनी रही। उनका नाम हिंदी सिनेमा के सबसे सफल अभिनेताओं में गिना जाता है। कॉमेडी की दुनिया के मशहूर कलाकार जॉनी लीवर ने भी 280 से ज्यादा फिल्मों में काम कर दर्शकों को खूब हंसाया। उनकी कॉमिक टाइमिंग और अलग अंदाज ने उन्हें बॉलीवुड का सबसे लोकप्रिय कॉमेडियन बना दिया। इसके अलावा परेश रावल ने 250 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है। कॉमेडी से लेकर निगेटिव और गंभीर किरदारों तक, उन्होंने हर भूमिका में अपनी छाप छोड़ी। उनकी कई फिल्में आज भी दर्शकों की पसंदीदा मानी जाती हैं। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है और उम्र के इस पड़ाव पर भी लगातार सक्रिय हैं। वहीं अक्षय कुमार ने 150 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर खुद को इंडस्ट्री के सबसे व्यस्त सितारों में शामिल किया है। इन कलाकारों ने साबित किया कि मेहनत, निरंतरता और दर्शकों का प्यार किसी भी अभिनेता को इतिहास में खास जगह दिला सकता है।

बैन विवाद पर रणवीर सिंह की टीम की सफाई, बोले- सोच-समझकर रखी चुप्पी

नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच फिल्म डॉन 3 को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। Federation of Western India Cine Employees यानी FWICE द्वारा रणवीर सिंह को बैन किए जाने के बाद अब पहली बार उनकी टीम की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। रणवीर के प्रवक्ता ने साफ किया है कि अभिनेता ने इस पूरे विवाद पर जानबूझकर चुप्पी बनाए रखी थी, क्योंकि वे निजी और पेशेवर मामलों को सार्वजनिक बहस का हिस्सा नहीं बनाना चाहते थे। रणवीर सिंह की टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अभिनेता फिल्म इंडस्ट्री और डॉन 3 फ्रैंचाइजी से जुड़े सभी लोगों का सम्मान करते हैं। बयान के मुताबिक, रणवीर का मानना है कि प्रोफेशनल बातचीत और व्यक्तिगत रिश्तों को गरिमा, परिपक्वता और आपसी सम्मान के साथ संभाला जाना चाहिए। इसी वजह से उन्होंने विवाद के दौरान सामने आई अटकलों और चर्चाओं पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझा। टीम ने यह भी कहा कि रणवीर का पूरा ध्यान फिलहाल अपने काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। उन्होंने कभी भी विवाद को हवा देने या किसी पर सार्वजनिक टिप्पणी करने की कोशिश नहीं की। बयान में यह भी जोड़ा गया कि अभिनेता डॉन 3 से जुड़े सभी कलाकारों और निर्माताओं की सफलता की कामना करते हैं और आगे भी धैर्य और शांति बनाए रखेंगे। दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब अप्रैल 2026 में फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह के खिलाफ FWICE में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रणवीर ने कंपनी के साथ तीन फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था और उनमें से एक फिल्म प्री-प्रोडक्शन स्टेज में पहुंच चुकी थी। लेकिन शूटिंग शुरू होने से करीब तीन सप्ताह पहले अभिनेता ने अचानक फिल्म छोड़ दी, जिससे प्रोडक्शन हाउस को लगभग 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। FWICE के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद रणवीर सिंह को हर 10 दिन के अंतराल पर तीन नोटिस भेजे गए थे। इसके बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभिनेता को बैन करने का फैसला लिया। संगठन ने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से अपील की है कि जब तक नुकसान की भरपाई नहीं होती, तब तक रणवीर के साथ काम न किया जाए। इस पूरे घटनाक्रम ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच समझौता होता है या विवाद और बढ़ता है।

Gwalior family dispue: मां बेटी के बिच बिस्तर को लेकर हुई लड़ाई, समझते वक्त पिता को आया हार्ट अटैक

Heart Attack News

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में मां-बेटी के विवाद के बीच पिता की मौत बिस्तर को लेकर शुरू हुआ था पारिवारिक झगड़ा समझाने पहुंचे अनिल कपूर को आया हार्ट अटैक अस्पताल पहुंचने से पहले ही हुई मौत परिवार के रिश्तों की कहानी भी चर्चा में आई   Gwalior family dispue: ग्वालियर। कोतवाली थाना क्षेत्र के वैकुंठ अपार्टमेंट से एक खतरनाक मामला सामने आया है जहां पारिवारिक विवाद में पिता को अचानक हार्ट अटैक आ गया जिसके बाद उनकी मौत हो गयी। बता दें कि रविवार रात बिस्तर को लेकर अनिल कपूर की पत्नी रितु कपूर और बेटी मानसी कपूर के बीच विवाद शुरू हुआ था, इस दौरान समझते वक्त अनिल की तबियत ख़राब हो गयी। LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत…. PNG कनेक्शन लेने पर सरेंडर नहीं होगा सिलेंडर, बदला नियम! समझाते वक्त ज़्यादा बिगड़ी तबियत परिवार में बढ़ते विवाद को देखकर अनिल कपूर दोनों को समझाने पहुंचे। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह जमीन पर गिर पड़े। जिसके बाद परिवार के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई है। चारधाम यात्रा : अब तक 22 लाख तीर्थयात्री कर चुके हैं दर्शन…. 5 हफ्तों में 92 श्रद्धालुओं की मौत अनिल कपूर की पहली शादी चर्चा में जांच के दौरान पता चला कि अनिल कपूर की पहली पत्नी कंचन की साल 2019 में मौत हो गई थी जिसके बाद में साल 2023 में उन्होंने अपनी साली रितु कपूर से शादी की थी। रितु की बेटी मानसी को बचपन में ही कंचन और अनिल ने गोद लिया था, शादी के बाद मानसी कुछ दिनों के लिए मायके आई हुई थी इसी दौरान घर में यह विवाद हुआ।  

सीने की बेचैनी नहीं मामूली बात: दिल की चेतावनी को समय पर समझना बन सकता है जीवनरक्षक कदम

नई दिल्ली । बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के दौर में हृदय संबंधी बीमारियां तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। पहले जहां दिल की बीमारियां बढ़ती उम्र के साथ जुड़ी मानी जाती थीं, वहीं अब कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। हार्ट अटैक एक ऐसी गंभीर स्थिति है जो कई बार अचानक सामने आती है और मरीज तथा परिवार दोनों को संभलने का मौका तक नहीं देती। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर कई बार पहले ही कुछ संकेत देने लगता है, जिन्हें समय रहते पहचान लिया जाए तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं। कई मामलों में यह संकेत सामान्य शारीरिक परेशानी की तरह लगते हैं, जिसके कारण लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। सबसे सामान्य और गंभीर संकेत सीने में दर्द, दबाव या जकड़न महसूस होना माना जाता है। कई बार यह दर्द धीरे-धीरे शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने लगता है। दर्द बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े, कोहनी और पीठ तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति को सामान्य दर्द समझकर टालना खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अलावा अचानक सांस लेने में कठिनाई होना या बिना ज्यादा मेहनत के सांस फूलना भी दिल से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। कई लोगों को अचानक चक्कर आने लगते हैं या शरीर में कमजोरी महसूस होने लगती है। कुछ मामलों में मतली, उल्टी या पेट में असहजता भी देखने को मिलती है, जिसके कारण लोग इसे गैस या पाचन से जुड़ी समस्या मान लेते हैं। अचानक ठंडा पसीना आना और चेहरे की रंगत फीकी पड़ जाना भी ऐसे संकेत हैं जिन्हें गंभीरता से लेना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं और बुजुर्गों में कई बार हार्ट अटैक के लक्षण स्पष्ट रूप से सामने नहीं आते। यही कारण है कि इन वर्गों में अधिक सतर्कता की आवश्यकता होती है। अगर किसी व्यक्ति में ये लक्षण लगातार कुछ मिनटों तक बने रहें या तेजी से बढ़ने लगें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी हो जाता है। देरी कई बार जानलेवा साबित हो सकती है। हृदय रोगों से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव सबसे अहम कदम माना जाता है। रोजाना नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और तनाव से दूरी हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फलों, हरी सब्जियों, साबुत अनाज और पौष्टिक भोजन को दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए। तला-भुना और अत्यधिक नमक या चीनी वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर रखना फायदेमंद हो सकता है। धूम्रपान और अत्यधिक शराब सेवन हृदय के लिए गंभीर जोखिम बढ़ाते हैं, इसलिए इन आदतों से बचना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच कराना अब आवश्यकता बन चुका है। समय पर जांच और सतर्कता न केवल बीमारियों की पहचान आसान बनाती है, बल्कि एक स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की दिशा भी तय करती है।