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अंडर-18 एशिया कप हॉकी के फाइनल में पहुंचा भारत, रोमांचक सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से रौंदा

नई दिल्ली । भारतीय युवा हॉकी टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए मेन्स अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026 के खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया है। कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज हॉकी स्टेडियम में खेले गए एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 5-3 से करारी शिकस्त दी। इस महामुकाबले में भारतीय टीम की जीत के सबसे बड़े नायक स्टार खिलाड़ी पूर्ति आशीष तानी रहे, जिन्होंने विरोधी टीम के डिफेंस को पूरी तरह से ध्वस्त करते हुए अकेले ही चार शानदार गोल दागे और पाकिस्तान की फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को तोड़ दिया। मैच की शुरुआत से ही दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पहले क्वार्टर में दोनों ही टीमों ने आक्रामक रणनीति अपनाई और एक-दूसरे के गोल पोस्ट पर लगातार हमले किए। मुकाबले के 12वें मिनट में भारतीय टीम को एक पेनल्टी स्ट्रोक हासिल हुआ, जिस पर पाकिस्तान ने अंपायर के फैसले के खिलाफ रिव्यू भी लिया। हालांकि, वीडियो अंपायर ने मैदानी अंपायर के फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद पूर्ति आशीष तानी ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया और भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। दूसरे क्वार्टर में पाकिस्तानी टीम ने खेल की रफ्तार बढ़ाई और मैच में जोरदार वापसी की। इस दौरान पाकिस्तान को लगातार कई पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने मुस्तैदी दिखाते हुए उनके हमलों को नाकाम कर दिया। हालांकि, खेल के 27वें मिनट में पाकिस्तान के अदील ने भारतीय डिफेंस में सेंध लगाते हुए एक बेहतरीन मैदानी गोल दागा और स्कोर को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। हाफ टाइम तक दोनों ही टीमें बराबरी पर थीं और मैच का रुख किसी भी ओर पलट सकता था। तीसरे क्वार्टर में भारत ने एक बार फिर अपने आक्रमण को तेज किया, जिसके परिणामस्वरूप 35वें मिनट में अली शाहरुख ने गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। भारत की यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी और महज दो मिनट बाद ही पाकिस्तान के मुहम्मद फरहान असलम ने गोल कर स्कोर फिर से 2-2 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने मैच में पहली बार मानसिक बढ़त हासिल की, जब 42वें मिनट में उजैर अहमद ने एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर पाकिस्तान को 3-2 से आगे कर दिया। इस समय भारतीय टीम गहरे दबाव में नजर आ रही थी। मुकाबले के आखिरी और चौथे क्वार्टर में भारतीय युवाओं ने अपनी असली क्षमता और जुझारूपन का परिचय दिया। पूर्ति आशीष तानी ने पहले भारत को 3-3 की बराबरी दिलाई और फिर खेल के 53वें मिनट में अपना तीसरा गोल दागकर न केवल अपनी हैट्रिक पूरी की, बल्कि भारत को 4-3 की बेहद महत्वपूर्ण बढ़त भी दिला दी। इस अचानक हुए हमले से पाकिस्तानी टीम पूरी तरह बिखर गई और दबाव में आ गई। मैच के अंतिम पलों में तानी ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मैच का चौथा और टीम का पांचवां गोल दागकर भारत की 5-3 से जीत पूरी तरह सुनिश्चित कर दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारतीय टीम ने यह साबित कर दिया है कि यह युवा ब्रिगेड बड़े और दबाव वाले मुकाबलों में किसी भी विपरीत परिस्थिति से वापसी करने का माद्दा रखती है। अब भारतीय टीम का पूरा ध्यान खिताबी मुकाबले पर केंद्रित है, जहां शनिवार को इसी मैदान पर उसका सामना मेजबान जापान की मजबूत टीम से होना है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि सेमीफाइनल के स्टार रहे पूर्ति आशीष तानी फाइनल मैच में भी अपनी इसी जादुई फॉर्म को जारी रखेंगे और देश के लिए एशिया कप का खिताब जीतकर लाएंगे।

आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद

नई दिल्ली। भारतीय टी20 क्रिकेट में आज एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज प्रस्तावित है, जिसमें भारत की टी20 टीम और नए कप्तान को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यह चयन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ आगामी एशियन गेम्स को ध्यान में रखकर किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, टीम इंडिया के टी20 कप्तान पद में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह अब श्रेयस अय्यर का नाम सबसे आगे चल रहा है। माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने उनकी IPL में सफल कप्तानी और रणनीतिक क्षमता को देखते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए प्राथमिकता दी है। अय्यर ने अलग-अलग IPL टीमों को फाइनल तक पहुंचाकर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है, जिसमें कोलकाता नाइट राइडर्स को IPL 2024 की ट्रॉफी जिताना भी शामिल है। दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया मुकाबलों में उनका फॉर्म उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। पिछली कई पारियों में वह बड़ी पारी खेलने में असफल रहे हैं। साथ ही फिटनेस और उम्र से जुड़ी चिंताओं ने भी चयनकर्ताओं के फैसले को प्रभावित किया है। हालांकि उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता था, लेकिन भविष्य की रणनीति को देखते हुए बदलाव की संभावना जताई जा रही है। टीम चयन में एक और बड़ा नाम चर्चा में है-तिलक वर्मा, जिन्हें उपकप्तान बनाए जाने की संभावना है। वहीं, युवा प्रतिभाओं को भी मौका मिलने के संकेत हैं। मात्र 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, जिन्हें पहली बार भारतीय टीम में जगह मिल सकती है। इसके अलावा प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे नए खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किए जाने की चर्चा है। तेज गेंदबाजी विभाग को लेकर भी चयनकर्ताओं के सामने एक अहम सवाल है कि क्या अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद दोबारा टीम इंडिया में जगह दी जाए या नहीं। BCCI की चयन समिति, जिसकी अगुवाई अजीत अगरकर कर रहे हैं, इस बार भविष्य की योजनाओं और तत्काल प्रदर्शन के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। 2028 ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम के नए ढांचे पर विचार किया जा रहा है। आज की यह बैठक भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके फैसले आने वाले वर्षों की टी20 रणनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

फीफा वर्ल्ड कप में लंबा इंतजार: 64 साल से लेकर 44 साल बाद लौटीं ये 5 टीमें

नई दिल्ली । 11 जून से शुरू होने जा रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले फुटबॉल इतिहास की कुछ ऐसी टीमों पर नजर डालना दिलचस्प है, जिन्हें इस सबसे बड़े टूर्नामेंट में वापसी करने के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ा। सबसे लंबा इंतजार वेल्स को करना पड़ा, जिसने 1958 के बाद 2022 में वर्ल्ड कप में वापसी की। यानी टीम को 64 साल बाद इस मंच पर खेलने का मौका मिला। हालांकि, वापसी के बाद भी टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी। मिस्र की टीम ने भी लंबा इंतजार झेला। 1934 के बाद उसे 1990 में विश्व कप में जगह मिली, यानी 56 साल का अंतराल। लेकिन टीम का प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा और वह ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई। इसी तरह नॉर्वे ने 1938 के बाद 1994 में वर्ल्ड कप में वापसी की, जिसके लिए उसे भी 56 साल इंतजार करना पड़ा। हालांकि नॉर्वे भी ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गया। तुर्की की कहानी अलग रही। 1954 के बाद 2002 में वापसी करने वाली टीम ने इतिहास रच दिया। 48 साल बाद लौटकर तुर्की ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया और तीसरे स्थान पर रहते हुए टूर्नामेंट का शानदार अंत किया। बोलीविया ने भी 44 साल के लंबे अंतराल के बाद 1994 में वर्ल्ड कप में वापसी की, हालांकि वह ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सका। इन टीमों की कहानियां दिखाती हैं कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में वापसी आसान नहीं होती, लेकिन जब होती है तो वह इतिहास भी रच सकती है।

ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा

मध्य प्रदेश । भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पंत को भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज बताते हुए उनकी टेस्ट क्रिकेट में भूमिका की जमकर सराहना की। देवांग गांधी ने कहा कि भले ही पंत इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हों, लेकिन उनकी क्षमता और मैच जिताने वाली पारियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चयनकर्ता भी उनकी काबिलियत को समझते हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार मौके दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पंत का इंग्लैंड दौरा काफी प्रभावशाली रहा था, हालांकि चोट के कारण वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है। देवांग गांधी के अनुसार, पंत ने विदेशी पिचों पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे दक्षिण अफ्रीका हो, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया—उन्होंने कई अहम मौकों पर मैच जिताने वाली पारियां खेली हैं, जिससे उनकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है। पूर्व चयनकर्ता ने यह भी कहा कि पंत की विकेटकीपिंग पर अक्सर बात नहीं होती, जबकि उन्होंने इसमें काफी सुधार किया है और घरेलू व विदेशी दोनों परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंत को “आधुनिक दौर का सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज” करार दिया। उन्होंने खास तौर पर गाबा टेस्ट में खेली गई पंत की ऐतिहासिक पारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार रहेगी। पंत अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट में अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलने उतर सकते हैं, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

“पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर

नई दिल्ली । भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन पंत से उनका प्राकृतिक आक्रामक खेल बदलने की उम्मीद नहीं करता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियों को समझकर खेलना बेहद जरूरी है। गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के आधार पर आंका जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को अपनी शैली पूरी तरह बदलनी होगी। उनके अनुसार, टेस्ट, वनडे या टी20—हर फॉर्मेट में लक्ष्य रन बनाना और टीम के लिए योगदान देना ही होता है, लेकिन यह कैसे करना है, यह मैच की स्थिति पर निर्भर करता है। उन्होंने साफ किया कि पंत को “गेम बदलने” या अलग तरीके से खेलने का निर्देश नहीं दिया गया है। बल्कि उनसे उम्मीद है कि वह अपने नैचुरल गेम के साथ-साथ हालात को पढ़कर समझदारी से बल्लेबाजी करें। ऋषभ पंत हाल के समय में फॉर्म को लेकर चर्चा में रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। हालांकि, इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन चोट के कारण वह सीरीज बीच में छोड़कर बाहर हो गए थे। अब पंत के पास अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। यह मुकाबला उनके टेस्ट करियर का 50वां मैच भी हो सकता है, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सुदर्शन को भारतीय टेस्ट टीम में पर्याप्त मौके दिए जाएंगे और उन्हें जल्दबाजी में नहीं आंका जाएगा। गंभीर ने कहा कि साई सुदर्शन एक वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी हैं और हाल ही में आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। सुदर्शन ने इस सीजन में 700 से अधिक रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गंभीर के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को सिर्फ कुछ पारियों के आधार पर जज नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खुद को स्थापित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया में सभी खिलाड़ियों के साथ समान अवसर दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सुदर्शन को नंबर तीन पर लगातार मौका मिल सकता है, जिससे वह टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत कर सकें। साई सुदर्शन का अब तक का टेस्ट रिकॉर्ड भी संतुलित रहा है। उन्होंने भारत के लिए 6 टेस्ट मैचों में 11 पारियों में 302 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि, उनके प्रदर्शन को लेकर टीम प्रबंधन का मानना है कि उनमें लंबी रेस का घोड़ा बनने की क्षमता है। आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए सुदर्शन ने 17 मैचों में 157 के स्ट्राइक रेट से 722 रन बनाए, जो उनके शानदार फॉर्म को दर्शाता है। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टेस्ट टीम में निरंतर मौके मिलने की संभावना बढ़ गई है। भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच 6 जून से मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें साई सुदर्शन के खेलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दी मात, सीरीज अपने नाम की

नई दिल्ली । लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में पाकिस्तान ने दमदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया। इस मैच में गेंद और बल्ले दोनों से पाकिस्तान का दबदबा देखने को मिला। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। पारी की शुरुआत बेहद खराब रही और मैथ्यू शॉर्ट बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद मार्नस लाबुशेन ने 19 रन बनाए, लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। लगातार गिरते विकेटों के बीच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी बिखरती चली गई। एलेक्स कैरी 19 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कैमरून ग्रीन सिर्फ 7 रन ही जोड़ सके। मिडिल ऑर्डर भी पूरी तरह फ्लॉप रहा और मैट रेनशॉ व कूपर कोनोली सस्ते में आउट होकर लौट गए। पूरी टीम केवल 157 रन पर ऑलआउट हो गई। हालांकि एक छोर पर जोश इंग्लिस ने संघर्ष जारी रखा और 71 गेंदों पर 65 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने 8 चौके और 1 छक्का भी लगाया, लेकिन दूसरे बल्लेबाजों का साथ न मिलने के कारण टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में कप्तान शाहीन अफरीदी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके। उनके अलावा अबरार अहमद और शादाब खान ने 2-2 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। साहिबजादा फरहान मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गए। माज सदाकत ने 27 रन की तेज पारी खेली लेकिन वह भी बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। बाबर आजम ने एक बार फिर जिम्मेदारी संभालते हुए 40 रन बनाए, हालांकि वह भी अर्धशतक से चूक गए। मिडिल ऑर्डर में गाजी घोरी और सलमान आगा जल्दी आउट हो गए, जिससे मैच थोड़ा रोमांचक हो गया। लेकिन अंत में अब्दुल समद और शादाब खान ने संयम और समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 49 रनों की नाबाद साझेदारी की और टीम को जीत दिलाई। शादाब खान 29 रन और अब्दुल समद 18 रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्तान ने 41.5 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।  ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैथ्यू कुहनेमन ने 3 विकेट लेकर प्रयास जरूर किया, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने न केवल मैच जीता बल्कि सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली, जिससे घरेलू फैंस में उत्साह का माहौल है।

शाहीन अफरीदी की कप्तानी में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को चटाई धूल, गद्दाफी स्टेडियम में रोमांचक मुकाबले के साथ जीती ऐतिहासिक वनडे सीरीज

नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पटल पर पाकिस्तान ने एक बार फिर घरेलू मैदान पर अपना दबदबा साबित किया है। लाहौर के ऐतिहासिक गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए तीसरे और अंतिम निर्णायक मुकाबले में पाकिस्तान ने मेहमान ऑस्ट्रेलियाई टीम को 4 विकेट से पराजित कर दिया। इस शानदार जीत के साथ ही शाहीन शाह अफरीदी की कप्तानी वाली मेजबान टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया है। पाकिस्तान की इस ऐतिहासिक जीत के सूत्रधार खुद कप्तान शाहीन अफरीदी और अनुभवी बल्लेबाज बाबर आजम रहे। निर्णायक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक और लड़खड़ाती हुई रही। पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभाल रहे शाहीन अफरीदी ने मैच के पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर सलामी बल्लेबाज मैथ्यू शॉट को पवेलियन का रास्ता दिखाकर कंगारू टीम को पहला बड़ा झटका दिया। इसके बाद जोश इंग्लिस ने एक छोर संभालकर पारी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का ठोस सहयोग नहीं मिल सका। मध्यक्रम के प्रमुख बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन और विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने क्रीज पर टिकने के लिए 30 से अधिक गेंदों का सामना जरूर किया, मगर दोनों में से कोई भी खिलाड़ी 20 रन के निजी आंकड़े को पार करने में पूरी तरह असफल रहा। लगातार गिरते विकेटों के बीच कप्तान जोश इंग्लिस पर रन गति बढ़ाने का भारी दबाव था। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य दिखाते हुए 8 चौकों और 1 छक्के की मदद से 65 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली, जो अंततः ऑस्ट्रेलियाई पारी का एकमात्र बड़ा स्कोर साबित हुई। मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 27वें ओवर की पहली गेंद पर आया जब शाहीन अफरीदी ने अर्धशतक जमा चुके जोश इंग्लिस को आउट कर पवेलियन भेजा। इस विकेट के गिरते ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। एक समय 3 विकेट पर 119 रन बनाकर सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम महज 157 रनों पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने आखिरी 7 विकेट महज 38 रनों के भीतर गंवा दिए और पूरी टीम 42 ओवरों में ही सिमट गई। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत संतुलित रही। सलामी बल्लेबाज माज सदाकत ने 26 रनों का योगदान दिया, जबकि साहिबजादा फरहान केवल 6 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। लाहौर की धीमी पिच पर 158 रनों का यह छोटा लक्ष्य भी ट्रिकी नजर आ रहा था, लेकिन पूर्व कप्तान बाबर आजम ने बेहतरीन खेल कौशल और संयम का परिचय दिया। बाबर आजम ने 84 गेंदों का सामना करते हुए सूझबूझ से भरी 40 रनों की पारी खेली, जिससे टीम लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच सकी। मैच में एक समय रोमांच तब बढ़ गया जब 112 के कुल योग पर बाबर आजम आउट हो गए और पाकिस्तानी खेमे में भी मध्यक्रम के ढहने की आशंका पैदा हो गई। हालांकि, अनुभवी ऑलराउंडर शादाब खान ने परिस्थितियों को संभाला और 42 गेंदों पर धैर्यपूर्ण 29 रन बनाकर 42वें ओवर में पाकिस्तान को जीत की दहलीज के पार पहुंचा दिया। सांख्यिकीय और रणनीतिक रूप से यह पाकिस्तान की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार तीसरी द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत है, जिसने पाकिस्तानी टीम के मनोबल को एक नई ऊंचाई दी है।

श्रेयस अय्यर बनेंगे नए टी20 कप्तान, आईपीएल स्टार 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को सीनियर टीम में जगह मिलने के संकेत

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम में आगामी दौरों को लेकर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बीसीसीआई शनिवार को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए राष्ट्रीय टीम की घोषणा करने जा रही है। ईएसपीएनक्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, चयनकर्ता न केवल नए खिलाड़ियों को आजमाने के मूड में हैं, बल्कि टी20 टीम के नेतृत्व में भी बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर चुके हैं। मौजूदा टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पर इस समय खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। हाल ही में मार्च में उनकी कप्तानी में भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था, लेकिन इसके बावजूद चयनकर्ता उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त करने का मन बना रहे हैं। उनकी जगह मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को भारतीय टी20 टीम का नया कप्तान नियुक्त किया जा सकता है। नेतृत्व परिवर्तन का यह सिलसिला केवल कप्तानी तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। टीम के उप-कप्तान अक्षर पटेल को भी इस जिम्मेदारी से हटाया जा सकता है, और उनकी जगह युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को नया उप-कप्तान बनाया जा सकता है। चयनकर्ताओं का यह कड़ा रुख भविष्य की योजनाओं, विशेषकर 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक और उसी वर्ष होने वाले अगले टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है। सूर्यकुमार यादव के लिए यह बदलाव दोहरा झटका साबित हो सकता है क्योंकि उन्हें न सिर्फ कप्तानी से हाथ धोना पड़ सकता है, बल्कि खराब फॉर्म के चलते पूरी टीम से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। टी20 वर्ल्ड कप की नौ पारियों में उनका स्ट्राइक रेट तो ठीक था, लेकिन वे केवल 242 रन बना सके। इसके बाद आईपीएल 2026 के सीजन में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, जहां उन्होंने 13 पारियों में सिर्फ 20.76 के औसत से 270 रन बनाए। दूसरी ओर, नए कप्तान के रूप में उभर रहे 31 वर्षीय श्रेयस अय्यर ने दिसंबर 2023 के बाद से कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। उस समय सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की मध्यक्रम में मौजूदगी के कारण अय्यर को टीम संयोजन में जगह नहीं मिल पा रही थी। इसी साल जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज के दौरान उन्हें चोटिल खिलाड़ी के विकल्प के रूप में शामिल जरूर किया गया था, लेकिन मैच खेलने का मौका नहीं मिला क्योंकि प्रबंधन तब वर्ल्ड कप की कोर टीम को आजमाना चाहता था। भारतीय चयनकर्ताओं द्वारा कप्तानों को बदलने का यह लगातार दूसरा बड़ा फैसला है। इससे पहले साल 2025 में भी ऐसा ही देखने को मिला था, जब रोहित शर्मा ने मार्च में भारत को चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जिताया था, लेकिन अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें वनडे टीम की कप्तानी से हटा दिया था, हालांकि रोहित टीम में बने रहे थे। इस आगामी चयन में सबसे बड़ा आकर्षण 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी हो सकते हैं। आईपीएल 2026 के एक धमाकेदार सीजन में 237.30 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाने वाले सूर्यवंशी को पहली बार सीनियर टीम में शामिल किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वह 1980 के दशक के उत्तरार्ध में सचिन तेंदुलकर के डेब्यू के बाद भारत की सीनियर पुरुष टीम में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे। राष्ट्रीय टीम के दौरों से ठीक पहले, सूर्यवंशी 9 से 21 जून तक श्रीलंका में होने वाली इंडिया ए की ट्राई-सीरीज का हिस्सा होंगे, जिसमें अफगानिस्तान की टीम भी शामिल है। इसके ठीक बाद सीनियर भारतीय टीम को 26 और 28 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैच खेलने हैं। इसके बाद भारतीय टीम 1 से 11 जुलाई तक इंग्लैंड के लंबे दौरे पर रहेगी, जहां पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज खेली जानी है।

रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, सीरीज से पहले होगा जरूरी टेस्ट

नई दिल्ली ।  अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि दोनों खिलाड़ियों के खेलने को लेकर अंतिम फैसला फिटनेस टेस्ट और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोएशेट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों का टीम से बाहर या अंदर होना हमेशा चर्चा का विषय रहता है। उन्होंने बताया कि मेडिकल टीम दोनों खिलाड़ियों की स्थिति की समीक्षा कर रही है और अगले कुछ दिनों में उनकी उपलब्धता पर निर्णय लिया जाएगा। फिटनेस रिपोर्ट के बाद ही तय होगा भविष्यकोच डोएशेट ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मेडिकल टीम अपनी रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी कि रोहित और कोहली सीरीज का हिस्सा होंगे या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि टीम प्रबंधन चाहता है कि सभी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मैचों में पूरी फिटनेस और सर्वश्रेष्ठ फॉर्म के साथ उतरें, ताकि टीम का प्रदर्शन प्रभावित न हो। वर्कलोड और आईपीएल को लेकर भी चर्चासहायक कोच ने खिलाड़ियों के वर्कलोड और आईपीएल के दौरान चोटों के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की स्थिति अलग होती है और इसे व्यक्तिगत रूप से देखा जाना चाहिए। डोएशेट के अनुसार, आईपीएल जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट में खिलाड़ियों पर काफी दबाव रहता है, लेकिन टीम इंडिया के लिए जरूरी है कि जब खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी पर आएं तो वे पूरी तरह फिट हों। हार्दिक पांड्या पर भी नजर, टीम संयोजन पर असर संभवअफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या को शामिल किया गया है। हालांकि, फिटनेस को लेकर अनिश्चितता के कारण टीम संयोजन में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।