HIGHLIGHTS :
- तहसील स्तर पर निकाली गई रैली, सौंपे गए ज्ञापन
- गोवंश की घटती संख्या पर जताई गंभीर चिंता
- तस्करी और अवैध वध को गैर-जमानती अपराध बनाने की मांग
- हर जिले में आदर्श गोशाला, गांवों में नंदीशाला की मांग
- गो-एम्बुलेंस और गोचर भूमि संरक्षण पर जोर

COW PROTECTION PROTEST: मध्यप्रदेश। अशोकनगर में गौ सेवकों ने गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग को लेकर तहसील स्तर पर रैली निकाली। रैली के बाद प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें गोवंश संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी।
उज्जैन में सनसनी: कृषि अध्ययनशाला के गेट पर धमकी भरा संदेश, लिखा- “तुम सब मरोगे”
घटती संख्या और बदहाल हालात पर चिंता
ज्ञापन में देशी गोवंश की लगातार घटती संख्या पर गहरी चिंता जताई गई। गौ सेवकों ने इसके पीछे भूख, सड़क दुर्घटनाएं, तस्करी और अवैध वध जैसे कारण बताए। साथ ही सड़कों और खेतों में भटकते पशुओं की दयनीय स्थिति को भी गंभीर समस्या बताया गया, जिस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत बताई गई।
सड़क सुरक्षा पर हाईकोर्ट का सवाल- अवैध कट और धीमी एंबुलेंस सेवा पर मांगा जवाब
कड़े कानून और सुविधाओं की मांग
गौ सेवकों ने मांग की कि गोवंश की तस्करी और वध को गैर-जमानती अपराध घोषित किया जाए। इसके अलावा गोवंश को ‘विधिक व्यक्ति’ का दर्जा देने, प्रत्येक जिले में आदर्श गोशाला और हर ग्राम पंचायत में नंदीशाला स्थापित करने की बात कही गई। साथ ही गो-एम्बुलेंस सेवा शुरू करने और गोचर भूमि के संरक्षण की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
ग्वालियर में सनसनीखेज वारदात, जीजा ने साले पर किया जानलेवा हमला, सड़क पर तड़पता छोड़ा
जागरूकता और जनभागीदारी पर जोर
आयोजकों ने स्कूली पाठ्यक्रम में गो-विज्ञान को शामिल करने की भी मांग रखी, ताकि नई पीढ़ी में जागरूकता बढ़े। उनका कहना है कि यह अभियान किसी एक संस्था का नहीं, बल्कि आम नागरिकों की स्वस्फूर्त पहल है, जो सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्रहित की भावना से प्रेरित है।