Gwalior Board Exam Error: ग्वालियर। बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रा ने साल भर मेहनत की थी, लेकिन जब परिणाम घोषित हुए तो वह हैरान रह गई। क्योंकि अंग्रेजी के विषय में उसे मात्र 11 अंक देकर फेल घोषित कर दिया गया। अपनी मेहनत पर भरोसा रखने वाली छात्रा इस नतीजे को स्वीकार नहीं कर पाई और मानसिक तनाव में चली गई। बाद में री-टोटलिंग में पता चला कि उसके अंग्रेजी में 11 नहीं, बल्कि 71 अंक थे।
10 फरवरी को हुई अंग्रेजी परीक्षा में अनामिका को पूरा भरोसा था कि उसका प्रदर्शन अच्छा रहेगा। लेकिन 15 अप्रैल को घोषित रिजल्ट ने उसकी उम्मीदों को झटका दे दिया। उसे सिर्फ 11 अंक मिले और फेल घोषित कर दिया गया।
खाना पीना छोड़ चुकी थी छात्रा
परिवार वालों का कहना है कि रिजल्ट के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उसने लोगों से बातचीत बंद कर दी, खाना छोड़ दिया और अधिकतर समय अकेले रहने लगी। स्थिति गंभीर होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
छात्रा ने बताया कि इस दौरान उसके मन में निराशा और आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगे थे। परिवार लगातार उसकी हालत को लेकर चिंतित रहा।
री-टोटलिंग में सामने आई सच्चाई
परिजनों ने 16 अप्रैल को री-टोटलिंग के लिए आवेदन किया। शुरुआती जांच में ‘नो चेंज’ बताया गया, लेकिन परिवार ने प्रयास जारी रखा। आखिरकार 29 मई को दोबारा जांच में बड़ा खुलासा हुआ अनामिका को 11 नहीं, बल्कि 71 अंक मिले थे।


परिवार ने उठाए सवाल
इस बड़ी गलती ने शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रा की मां हेमलता रावत ने कहा कि बेटी की इस हालत को देखकर पूरा परिवार डर और तनाव में रहा। उन्हें हर समय यह आशंका बनी रहती थी कि कहीं वह कोई गलत कदम न उठा ले।
परिवार ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।