Gwalior collector Ruchika Chauhan: ग्वालियर। जिले के ग्राम बरेठा में रविवार रात आयोजित रात्रि चौपाल में प्रशासन का अलग ही अंदाज देखने को मिला। कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान पंचायत भवन के सामने चबूतरे पर ग्रामीणों के बीच बैठीं और उनकी समस्याएं सीधे सुनीं। पूरे कार्यक्रम में औपचारिकता कम और संवाद ज्यादा देखने को मिला।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने बेझिझक अपनी समस्याएं रखीं। विभिन्न विभागों से जुड़े 88 आवेदन मिले, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। बाकी मामलों के लिए अधिकारियों को तय समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
किसानों को दी नई खेती अपनाने की सलाह
बैठक में खरीफ सीजन और इस साल कम बारिश की संभावना पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने किसानों से धान की जगह तिल, टमाटर, मिर्च और मशरूम जैसी कम पानी में होने वाली नकदी फसलें अपनाने की अपील की। कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने इन फसलों से होने वाले उत्पादन और संभावित आय की भी जानकारी दी।
अधिकारियों की सलाह से प्रभावित होकर 20 किसानों ने तिल, जबकि 10-10 किसानों ने टमाटर और मशरूम की खेती शुरू करने के लिए अपने नाम दर्ज कराए। प्रशासन ने उन्हें तकनीकी सहायता देने का भरोसा भी दिया।
जरूरतमंद परिवारों को मिली राहत
चौपाल में गांव की रहने वाली रेखा ने अपने लकवाग्रस्त पति और आर्थिक परेशानी की जानकारी दी। इस पर कलेक्टर ने श्रम विभाग को निर्देश देकर संबल योजना के तहत 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू कराई। रेखा ने कहा कि इस मदद से वह सिलाई मशीन खरीदकर अपने परिवार की आजीविका शुरू करेगी।
इलाज और राजस्व मामलों पर भी हुई कार्रवाई
चौपाल के दौरान आंखों की गंभीर समस्या से जूझ रहे किशोर इरफान के इलाज के लिए कलेक्टर ने तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए। वहीं सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे से जुड़े कई राजस्व मामलों में भी अधिकारियों को मौके पर ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इस रात्रि चौपाल में जिला पंचायत सीईओ सोजन सिंह रावत, जनपद पंचायत अध्यक्ष दिलराज सिंह किरार सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।