HIGHLIGHTS:
• इमरजेंसी वार्ड में घुप अंधेरा, मरीजों का तुरंत इलाज जारी
• परिजनों ने मोबाइल टॉर्च जलाकर डॉक्टरों की मदद की
• वीडियो वायरल, मोबाइल की रोशनी में चल रहा था ऑपरेशन
• बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल, अधिकारियों में हड़कंप

GWALIOR HOSPITAL NEGLIGENCE : मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। जहां जिला मुख्यालय स्थित कु. जाहर सिंह शासकीय अस्पताल, जो कहने को तो 600 बिस्तरों का बड़ा अस्पताल है, वहां बिजली गुल होने के बाद घोर लापरवाही का नजारा देखने को मिला। बता दें कि इमरजेंसी वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों का इलाज बिजली न होने के कारण मोबाइल की टॉर्च जलाकर करना पड़ा।
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इमरजेंसी वार्ड में पसरा अंधेरा
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बिजली कट गई। इस दौरान एक्सीडेंट में घायल हुए कई मरीज अस्पताल पहुंचे थे, जिनकी हालत नाजुक थी। लेकिन हैरत की बात यह रही कि करोड़ों की लागत से बने इस अस्पताल में पावर बैकअप (जेनरेटर) की कोई व्यवस्था काम नहीं कर रही थी।
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डॉक्टर बेबस, परिजनों ने थामी टॉर्च
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मोबाइल की रोशनी में मरीजों के घावों पर टांके लगा रहे हैं और मरहम-पट्टी कर रहे हैं। इस दौरान मरीजों के परिजन खुद अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर डॉक्टरों की मदद करते नजर आए। घायलों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में घंटों बिजली गुल रहती है और वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर कुछ भी नहीं है।
600 बेड के अस्पताल की बदहाली
मुरैना का यह जिला अस्पताल संभाग के बड़े अस्पतालों में गिना जाता है, जहाँ रोजाना सैकड़ों मरीज आते हैं। 600 बेड की क्षमता होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की स्थिति बनी हो, लेकिन फिर भी प्रशासन इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।