HIGHLIGHTS:
- ग्वालियर में साल 2026 की दूसरी नेशनल लोक अदालत आयोजित
- बिजली और जलकर मामलों के लिए उमड़ी भीड़
- सर्वर समस्या के बावजूद भुगतान प्रक्रिया जारी रही
- छूट कम मिलने पर उपभोक्ताओं ने जताई नाराजगी
- दिव्यांग उपभोक्ता ने पानी और बिल व्यवस्था पर उठाए सवाल

GWALIOR LOK ADALAT: मध्यप्रदेश। ग्वालियर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में शनिवार को साल 2026 की दूसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। बता दें कि लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से आयोजित इस लोक अदालत में जिलेभर से बड़ी संख्या में वादी-प्रतिवादी और उपभोक्ता पहुंचे। नगर निगम, बिजली विभाग और जलकर से जुड़े मामलों की संख्या सबसे अधिक रही। पुराने प्रकरणों का निपटारा कराने के लिए सुबह से ही न्यायालय परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली।
सर्वर समस्या के बावजूद नहीं रुकी भुगतान प्रक्रिया
पिछली लोक अदालत में सर्वर डाउन होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। इस बार प्रशासन ने पहले से तैयारी करते हुए उपभोक्ताओं का डेटा मशीनों में अपलोड कर दिया था। इसी वजह से तकनीकी दिक्कत आने के बावजूद भुगतान प्रक्रिया जारी रही । उपभोक्ताओं ने आसानी से अपने पुराने बिजली बिल, संपत्ति कर और जलकर जमा किए। लोक अदालत में कई पुलिसकर्मी भी अपने लंबित बिजली बिल भरने पहुंचे।
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छूट के नाम पर उपभोक्ताओं में नाराजगी
हालांकि लोक अदालत में मिलने वाली छूट को लेकर कई उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई। लोगों का कहना था कि राहत के नाम पर बहुत कम छूट दी जा रही है, जिससे उन्हें अपेक्षित फायदा नहीं मिल रहा। उपभोक्ताओं का कहना था कि बड़ी रकम के पुराने बकाया पर अधिक राहत मिलनी चाहिए थी ताकि आर्थिक बोझ कम हो सके।
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दिव्यांग उपभोक्ता ने सुनाई अपनी परेशानी
सागरताल स्थित सरकारी मल्टी में रहने वाले दिव्यांग कपिल राठौर भी जलकर का बकाया जमा करने लोक अदालत पहुंचे। उन्होंने बताया कि करीब दो साल तक नियमित बिल नहीं भेजे गए और अब एक साथ 3441 रुपए का बिल थमा दिया गया। कपिल ने कहा कि यदि हर महीने बिल मिलता तो भुगतान आसान रहता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मल्टी में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है और उन्हें अलग से पानी खरीदना पड़ता है।