HIGHLIGHTS:
- वेंडरों ने पुलिस पर मारपीट और वसूली के आरोप लगाए
- घटना के बाद पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
- 6 आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया
- आरोपियों और सस्पेंड कर्मियों की सूची में अंतर से उठे सवाल
- एफआईआर दर्ज नहीं, विभागीय जांच जारी

Gwalior Station Police Suspend : ग्वालियर। रेलवे स्टेशन पर वेंडरों और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है। बता दें कि शनिवार शाम सामने आए इस मामले में दो वेंडरों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया। विवाद के बाद उच्च अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया और कार्रवाई शुरू की।
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पैसे न देने पर की मारपीट
वेंडर अमित धाकरे और राघव तोमर का आरोप है कि थाना प्रभारी जितेंद्र चंदेरिया लंबे समय से उनसे अवैध वसूली कर रहे थे। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें एक निजी कमरे में ले जाकर बेरहमी से पीटा।
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हमले के बाद अस्पताल पहुंचा मामला
पीड़ित अमित धाकरे के मुताबिक, उन्हें लातों और बेल्ट से मारा गया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश भी पैदा किया है।
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6 पुलिसकर्मी निलंबित
जीआरपी ने इस मामले में 6 आरक्षकों को निलंबित कर दिया है। हालांकि, वेंडरों द्वारा लगाए गए आरोपों और निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों के नामों में अंतर सामने आया है, जिससे कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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विभागीय जांच जारी
एसपी राहुल लोढ़ा के अनुसार, मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी भी पक्ष ने एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। फिलहाल विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है, लेकिन आगे की जांच से ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।