जानकारी के अनुसार यह हादसा सुबह करीब पांच बजे हुआ जब सुरेंद्र सिंह भल्ला अपने घर में मौजूद थे। रसोईघर में रखे गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी और आसपास के लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही पलों में पूरी कॉलोनी में अफरा तफरी का माहौल बन गया।
विस्फोट की चपेट में आकर 60 वर्षीय सुरेंद्र सिंह भल्ला और उनकी पत्नी पद्मा भल्ला बुरी तरह झुलस गए। दोनों को तत्काल बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें भोपाल रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में नरसिंहगढ़ पहुंचते ही सुरेंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं उनकी पत्नी का इलाज जारी है और उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
घटना के समय दंपती घर में अकेले थे जिससे किसी को तुरंत मदद के लिए बुलाने का मौका भी नहीं मिल पाया। घर में पीएनजी गैस कनेक्शन के साथ एलपीजी सिलेंडर भी मौजूद था जिससे हादसे की वजह को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पहले आग लगी और उसके बाद विस्फोट हुआ या फिर विस्फोट के कारण आग भड़की।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल ब्यावरा भेजकर पोस्टमार्टम कराया और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू की जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इस हादसे ने एक बार फिर घरेलू गैस सिलेंडर की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गैस सिलेंडर के उपयोग में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है इसलिए समय समय पर सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है।
पूरी कॉलोनी में इस घटना के बाद शोक और डर का माहौल है। स्थानीय लोग इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। यह घटना एक चेतावनी भी है कि घर में उपयोग होने वाली गैस से जुड़ी सावधानियों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।