MP CABINET: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश हित के लिए कई अहम फैसले लिए गए। इसमें जल संरक्षण, शिक्षा, किसानों और सामाजिक योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सरकार ने 5,365 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं को आगे जारी रखने का निर्णय लिया है।
अगले 5 साल तक चलेगी कन्यादान योजना
सबसे बड़ा फैसला मुख्यमंत्री कन्यादान योजना को लेकर लिया गया। योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 1,740 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं और प्रत्येक विवाह पर 55 हजार रुपए की सहायता राशि मिलती रहेगी।
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किसानों को सबसे आदिक लाभ
किसानों को भी बड़ी राहत देते हुए जीरो प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। अब 31 मार्च तक ऋण चुकाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। किसान जिस दिन ऋण लेंगे, उसी दिन से एक वर्ष तक की अवधि मिलेगी। इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को फायदा होगा और सरकार पर करीब 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा।
शिक्षा क्षेत्र को 635 करोड़ की मजूरी
शिक्षा के क्षेत्र में अगले तीन वर्षों में 100 प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 315 स्कूलों को हाई स्कूल और 214 स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नत किया जाएगा। इस योजना के लिए 635 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
इसके अलावा खाद्यान्न आपूर्ति परिवहन व्यय योजना के लिए 3,580 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने 2026 को “किसान वर्ष” के रूप में मनाने की घोषणा भी दोहराई और कृषि ऋण वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।
जानें और भी जरुरी फैसले
- 5,365 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी।
- मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अगले 5 साल तक जारी।
- प्रत्येक विवाह पर 55 हजार रुपए की सहायता जारी रहेगी।
- खाद्यान्न परिवहन योजना के लिए 3,580 करोड़ रुपए स्वीकृत।
- 315 स्कूल हाई स्कूल और 214 हायर सेकेंडरी स्कूल बनेंगे।
- किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर लोन की सुविधा जारी।
- 2026 को “किसान वर्ष” के रूप में मनाने की तैयारी।
UCC पर भी चर्चा, 5 जुलाई तक बन जाएगा अंतिम प्रारूप
एमपी कैबिनेट में समान नागरिक संहिता पर 9 लाख से ज्यादा सुझाव लिपिबद्ध हो चुके हैं। 90 फीसदी सुझावों में समान नागरिक संहिता के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया है। अल्पसंख्यक समाज की कई महिलाओं और पुरुषों ने समर्थन दिया है। बाकी सारी मुद्दे 22 जून तक संकलित करने के बाद उनमें से जो भी सुझाव समावेश करने योग्य होंगे उन्हें 30 जून तक शामिल किया जा सकेगा। 5 जुलाई तक इसका प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा।