HIGHLGHTS:
• चंबल नदी पुल की नींव तक 15 फीट खुदाई, संरचना खतरे में
• वनरक्षक हरकेश गुर्जर की ट्रेक्टर से कुचलकर हत्या
• कोर्ट बोला- या तो सरकार नाकाम या अधिकारियों की मिलीभगत
• 17 अप्रैल को फैसला, जांच रिपोर्ट मांगी\
MP ILLEGAL MINING : ग्वालियर। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार पर अवैध खनन रोकने में पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मुरैना के मामले में राज्य सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए।
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पुल की नींव तक खुदाई का खतरा
मुरैना के राजघाट क्षेत्र में स्थित नेशनल हाईवे-44 चंबल पुल के पिलरों की नींव तक रेत माफिया द्वारा 15 फीट गहरी खुदाई की गई है। कोर्ट ने पूछा यदि पुल गिर गया तो जिम्मेदारी किसकी होगी।
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वनरक्षक की क्रूर हत्या
8 अप्रैल को वन आरक्षक हरकेश गुर्जर को रेत माफिया ने ट्रेक्टर से कुचलकर मार डाला। कोर्ट ने इस हत्याकांड को बेहद गंभीर बताया और पूछा कि प्रशासन को अवैध खनन दिखाई नहीं देता क्या?
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मिलीभगत का आशंका जताया
कोर्ट ने साफ कहा कि या तो सरकार अवैध खनन रोकने में असमर्थ है या फिर अधिकारियों की मिलीभगत है। यह सब राज्य की निगरानी में हो रहा है, जो चिंताजनक है।
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अब 17 अप्रैल को फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने वनरक्षक हत्या की जांच रिपोर्ट, CCTV फुटेज और अवैध खनन रोकने के प्रयासों की जानकारी मांगी है। सुनवाई पूरी कर फैसला 17 अप्रैल को सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार बताया है।