जानकारी के अनुसार, गांव निवासी गोविंद धाकड़ (18) ने सोमवार शाम अज्ञात कारणों से सल्फास की गोलियां खा लीं। जहरीला पदार्थ खाने के कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों में हड़कंप मच गया।
परिजन आनन-फानन में उसे शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद सोमवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया। पुलिस को भी आत्महत्या के पीछे के कारणों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
मामले की सूचना मिलने पर मेडिकल चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब युवक के मोबाइल, बातचीत और आसपास के हालात की जांच कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव जैसे मुद्दों की ओर ध्यान खींचती है, हालांकि इस मामले में कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।