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स्क्रीन की लत बिगाड़ सकती है आपकी सेहत, आज ही सुधारें स्लीप साइकिल वरना होगा नुकसान


नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑफिस में घंटों कंप्यूटर स्क्रीन पर काम करने के बाद भी लोग घर पहुंचकर सोशल मीडिया, वीडियो और चैटिंग में व्यस्त हो जाते हैं। धीरे-धीरे यह आदत शरीर और दिमाग दोनों पर असर डालने लगती है। लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम न सिर्फ आंखों को थकाता है, बल्कि इंसान की स्लीप साइकिल भी खराब कर देता है। यही वजह है कि आजकल बड़ी संख्या में लोग अनिद्रा, थकान और चिड़चिड़ेपन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद की सबसे बड़ी दुश्मन बनती जा रही है। यह रोशनी दिमाग को यह संकेत देती है कि अभी दिन का समय है, जिससे शरीर सही तरीके से “स्लीप मोड” में नहीं जा पाता। आमतौर पर रात के समय शरीर मेलाटोनिन नाम का हार्मोन बनाता है, जो नींद लाने में मदद करता है, लेकिन देर रात तक स्क्रीन देखने से इस हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। इसका नतीजा यह होता है कि इंसान बिस्तर पर जाने के बाद भी लंबे समय तक सो नहीं पाता और करवटें बदलता रहता है।

लगातार खराब नींद का असर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है। सुबह उठने पर शरीर थका हुआ महसूस होता है, आंखों में जलन और सिर भारी रहने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इतना ही नहीं, नींद पूरी न होने से दिनभर सुस्ती बनी रहती है और काम में ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है। कई लोग ऑफिस में बैठे-बैठे जम्हाई लेते नजर आते हैं, क्योंकि उनका दिमाग पूरी तरह आराम नहीं कर पाता। लंबे समय तक खराब स्लीप साइकिल रहने से मानसिक तनाव, कमजोरी और याददाश्त पर भी असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि लगातार नींद की कमी दिल और दिमाग से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है। देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करने वाले लोगों का पूरा रूटीन बिगड़ने लगता है। वे सुबह समय पर उठ नहीं पाते, जिससे दिनभर थकान और चिड़चिड़ापन बना रहता है। यही कारण है कि डॉक्टर हमेशा सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह देते हैं।

अगर आप भी देर रात तक फोन चलाने की आदत से परेशान हैं, तो कुछ आसान बदलाव आपकी मदद कर सकते हैं। कोशिश करें कि सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी बना लें। रात में हल्की रोशनी रखें और बेवजह सोशल मीडिया स्क्रॉल करने से बचें। अगर काम की वजह से लंबे समय तक स्क्रीन देखना जरूरी हो, तो हर 20 से 30 मिनट बाद आंखों को कुछ सेकंड का आराम जरूर दें।

इसके अलावा सोने से पहले किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या परिवार के साथ समय बिताना दिमाग को शांत करने में मदद करता है। डॉक्टरों के मुताबिक हर व्यक्ति को रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि अच्छी नींद ही शरीर को नई ऊर्जा देती है। इसलिए आज से ही अपनी स्लीप साइकिल सुधारने की कोशिश शुरू करें, वरना छोटी सी लापरवाही आगे चलकर बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन सकती है।

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