HIGHLIGHTS:
- श्योपुर जनसुनवाई में जहर खाने वाले बुजुर्ग की मौत के बाद हंगामा
- शव रखकर साढ़े 4 घंटे तक किया गया चक्काजाम
- प्रशासन ने तहसीलदार मनीषा मिश्रा को हटाया
- परिवार को 13 लाख सहायता और बेटे को नौकरी का आश्वासन
- विधायक बाबू जंडेल ने हत्या का केस दर्ज करने की मांग की
Sheopur Jansunwai Case: मध्यप्रदेश। श्योपुर कलेक्टोरेट की जनसुनवाई में जहर खाने वाले बुजुर्ग देवेंद्र गोयल की मौत के बाद बुधवार को शहर में भारी हंगामा हो गया। बता दें कि अग्रवाल समाज और कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के नेतृत्व में लोगों ने जय स्तंभ चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन करीब साढ़े चार घंटे तक चला जिससे शहर में यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
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सुनवाई न होने पर खाया जहर
मृतक देवेंद्र गोयल मंगलवार सुबह अपनी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे। उनका आरोप था कि रिश्तेदारों ने उनकी दुकान पर कब्जा कर लिया है और कई बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताया जा रहा है कि इस बार भी अधिकारियों ने उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी। इससे परेशान होकर उन्होंने कलेक्टोरेट परिसर में ही जहर खा लिया।
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तहसीलदार को पद से हटाया
लगातार बढ़ते विरोध और चक्काजाम के बाद प्रशासन को आखिरकार कार्रवाई करनी पड़ी। जिसके चलते कलेक्टर शीला दाहिमा ने तहसीलदार मनीषा मिश्रा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया। जिसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे धरना समाप्त हुआ। प्रदर्शन खत्म होने के बाद विधायक बाबू जंडेल परिजनों और समाज के लोगों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे और तहसीलदार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने के लिए आवेदन सौंपा। साथ ही प्रशासन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में जनसुनवाई में आने वाले लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा।
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परिवार को दिया आश्वासन
प्रशासन ने मृतक के परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 2 लाख रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही अतिरिक्त सहायता के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजने की बात कही गई है। मृतक के बेटे को नौकरी देने का आश्वासन भी प्रशासन की ओर से दिया गया है। वहीं अग्रवाल समाज ने परिवार को 11 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। पूरे मामले के बाद शहर में प्रशासनिक व्यवस्था और जनसुनवाई की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।