बॉटम ट्रॉलिंग मछली पकड़ने की एक विवादित तकनीक है, जिसमें भारी जालों को समुद्र तल तक खींचकर मछलियां, झींगे और अन्य समुद्री जीव पकड़े जाते हैं। श्रीलंका ने इस तकनीक पर 2017 से ही प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन तमिलनाडु के कुछ मछुआरों द्वारा इस क्षेत्र में प्रवेश करने पर श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तारियां की जाती हैं, जिससे कई बार तनाव की स्थिति बन जाती है।
श्रीलंकाई मंत्री ने संकेत दिया कि वे जल्द ही तमिलनाडु का दौरा कर मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाधान केवल कूटनीतिक बातचीत से ही संभव है और दोनों पक्षों को नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मछुआरों की गिरफ्तारी का कारण अवैध रूप से समुद्री सीमा पार करना और प्रतिबंधित मछली पकड़ने की तकनीक का उपयोग करना है। श्रीलंका का कहना है कि उसके उत्तरी और पूर्वी तटीय क्षेत्रों में बड़ी आबादी आजीविका के लिए मछली पालन पर निर्भर है, और ऐसे तरीकों से उनके संसाधनों पर असर पड़ता है।
भारत की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर लगातार कूटनीतिक स्तर पर बातचीत होती रही है, ताकि मछुआरों की सुरक्षा और आजीविका दोनों के बीच संतुलन बनाया जा सके।