Chambalkichugli.com

विराट कोहली की वापसी से बढ़ी ताकत, लेकिन कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर के बीच फंसा प्लेइंग-11 का पेच

नई दिल्ली । टी20 श्रृंखला में 0-4 की एकतरफा और निराशाजनक हार का सामना करने के बाद, भारतीय क्रिकेट टीम अब एक नई शुरुआत के इरादे से मैदान पर उतरने के लिए तैयार है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला का पहला मुकाबला बर्मिंघम के प्रतिष्ठित एजबेस्टन मैदान पर खेला जाना है। इस मुकाबले में भारतीय टीम प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य न केवल एक शानदार जीत दर्ज करना होगा, बल्कि खेल के इस प्रारूप में अपनी बादशाहत को पुनः साबित करना भी होगा। मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल के लिए यह मुकाबला रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे टी20 श्रृंखला की गलतियों को दोहराने से बचना चाहेंगे।

इस श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में कई सीनियर खिलाड़ियों की वापसी हुई है, जिससे टीम का संतुलन काफी मजबूत नजर आ रहा है। रोहित शर्मा और पूर्व कप्तान विराट कोहली जैसे अनुभवी दिग्गजों की मौजूदगी से बल्लेबाजी क्रम को अत्यधिक स्थिरता मिलेगी। सलामी जोड़ी के रूप में रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल पारी की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं, पिछले कुछ समय से मध्यक्रम में विकल्प के तौर पर देखे जा रहे यशस्वी जायसवाल इस श्रृंखला का हिस्सा नहीं हैं, जिसके चलते विराट कोहली का अपने पसंदीदा नंबर-3 स्थान पर खेलना पूरी तरह तय माना जा रहा है। कोहली की वापसी के कारण ईशान किशन को इस मैच में अंतिम एकादश से बाहर बैठना पड़ सकता है।

भारतीय टीम का मध्यक्रम इस प्रारूप में काफी अनुभवी और विश्वसनीय दिखाई दे रहा है। नंबर-4 पर श्रेयस अय्यर और नंबर-5 पर विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल की जगह लगभग पक्की मानी जा रही है। हालांकि, मुख्य कोच गौतम गंभीर के रणनीतिक दृष्टिकोण को देखते हुए केएल राहुल के बल्लेबाजी क्रम में परिस्थितियों के अनुसार लचीलापन देखा जा सकता है। बाएं हाथ के हरफनमौला खिलाड़ी अक्षर पटेल को टीम में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिन्हें बल्लेबाजी में गहराई प्रदान करने के लिए नंबर-5 या नंबर-6 पर प्रमोट किया जा सकता है। उनकी मौजूदगी से दाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता वाले मध्यक्रम को एक अच्छा संतुलन मिलेगा।

तेज गेंदबाजी विभाग की बात करें तो अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की लंबे समय बाद एकदिवसीय टीम में वापसी हो रही है। वह वर्ष 2023 के एकदिवसीय विश्व कप फाइनल के बाद पहली बार इस प्रारूप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। बुमराह के साथ तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा के कंधों पर होगी। इंग्लैंड की सीम और स्विंग के अनुकूल परिस्थितियों में यह तिकड़ी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है। हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की चोट के कारण अनुपलब्धता ने टीम प्रबंधन के लिए ऑलराउंडर के विकल्प को थोड़ा सीमित कर दिया है, जिसके कारण शिवम दुबे को अंतिम एकादश में शामिल किया जाना तय माना जा रहा है।

टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी दुविधा स्पिन विभाग के चयन को लेकर खड़ी हो गई है। कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव मध्य ओवरों में विकेट निकालने की अपनी बेजोड़ क्षमता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनकी कमजोर बल्लेबाजी टीम की निचली क्रम की गहराई को प्रभावित करती है। यदि भारत कुलदीप और शिवम दुबे दोनों को खिलाता है, तो टीम की बल्लेबाजी केवल नंबर-7 तक ही सीमित रह जाएगी। ऐसे में दूसरे विकल्प के रूप में वॉशिंगटन सुंदर का नाम सामने आ रहा है, जो आक्रामक ऑफ-स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। कोच गौतम गंभीर के पिछले निर्णयों को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि वह बल्लेबाजी की गहराई को प्राथमिकता दे सकते हैं, जिससे सुंदर का पलड़ा थोड़ा भारी नजर आता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular News