सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पहचान न होने के कारण बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वर्षों से मंदिर क्षेत्र में रह रहे थे साधु
स्थानीय लोगों के अनुसार यह साधु लंबे समय से सलकनपुर क्षेत्र में रह रहे थे। वे रोजाना मंदिर मार्ग पर दंडवत करते हुए माता के दर्शन करने जाते थे और दर्शन के बाद आसपास के लोगों से भोजन स्वीकार करते थे।
व्यापारी दिलीप मालवीय ने बताया कि बाबा ने कभी भी अपने परिवार या मूल निवास के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की। वे पूरी तरह भक्ति और तपस्या में लीन रहते थे।
पुलिस जांच जारी
जानकारी के अनुसार, कोरोना लॉकडाउन के बाद से साधु इसी तरह जीवन व्यतीत कर रहे थे। पुलिस अब उनकी पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।