Swachh MP: भोपाल। मध्यप्रदेश को स्वछता का तमगा दिलाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार कार्य कर रहे हैं। इसी कड़ी में एमपी सरकार ने अब एक और नया कदम उठाया है, जिसके तहत अब आपको गिला और सूखा कचरा अलग ही रखना होगा।
अब प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 लागू कर दिए गए हैं। इन नियमों का मकसद कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
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स्वच्छता को बनाओ जन आंदोलन
मोहन यादव ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से ही यह अभियान सफल हो सकता है। उन्होंने लोगों से घर से ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने और स्वच्छता नियमों का पालन करने की अपील की।
क्या बदलने वाला है?
नए नियमों के तहत अब घर, दुकान, दफ्तर और संस्थानों में कचरे को अलग-अलग रखना जरूरी होगा। गीला, सूखा और दूसरे तरह के कचरे को अलग करके देना होगा। वहीं नगर निगम और नगर परिषद को कचरा उठाने से लेकर उसके निपटान तक की पूरी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इससे पूरी व्यवस्था पर नजर रखना आसान होगा।
नियम नहीं माने तो होगी कार्रवाई
सरकार ने साफ किया है कि अगर कोई इन नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सरकार का कहना है कि मकसद लोगों पर जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना है।
स्वच्छ और हरित प्रदेश बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री का कहना है कि अगर हर व्यक्ति छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाए, तो मध्यप्रदेश को स्वच्छ और हरित राज्य बनाने का सपना आसानी से पूरा किया जा सकता है। नए नियम इसी दिशा में एक अहम कदम माने जा रहे हैं।