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बंगाल में सत्ता बदलाव का बड़ा असर! झारखंड के अवैध कारोबार पर कसेगा शिकंजा, सियासत में भी हलचल

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन के संकेतों ने न सिर्फ राज्य की राजनीति बदली है, बल्कि इसका असर पड़ोसी Jharkhand तक देखने को मिल सकता है। करीब 15 साल बाद बन रहे नए सियासी समीकरणों के बीच अवैध कारोबार और सीमा से जुड़ी गतिविधियों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि नई सरकार के आने के बाद अवैध नेटवर्क पर सख्ती बढ़ सकती है। खासतौर पर Bharatiya Janata Party की संभावित नीतियों को देखते हुए ऐसे कारोबार में शामिल लोगों के बीच डर का माहौल बनना शुरू हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन गतिविधियों पर लगाम लगाने को सरकार प्राथमिकता दे सकती है। झारखंड लंबे समय से पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश  से जुड़े अवैध कारोबार के लिए एक “ट्रांजिट कॉरिडोर” के रूप में देखा जाता रहा है। राज्य के कई जिले जैसे साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम पश्चिम बंगाल से सटे होने के कारण इन गतिविधियों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। अब अगर बंगाल में सख्ती बढ़ती है, तो इन जिलों में चल रहे अवैध नेटवर्क पर सीधा असर पड़ सकता है। इससे झारखंड की राजनीति भी प्रभावित हो सकती है, जहां मौजूदा महागठबंधन सरकार पर दबाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पूर्वी भारत की सुरक्षा और राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि नई नीतियां जमीन पर कितनी तेजी से लागू होती हैं और उनका वास्तविक असर क्या पड़ता है। West Bengal, Jharkhand, Election Result 2026, BJP, Illegal Trade, Bangladesh Border, Indian Politics, State Politics, Border Security, Political Impact

WEST BENGAL ELECTION CELEBRATION: BJP की बढ़त पर वाराणसी में जश्न, गंगा घाट पर BJP महिलाओं ने बंटी झालमुड़ी

WEST BENGAL ELECTION CELEBRATION

HIGHLIGHTS: बंगाल रुझानों का असर वाराणसी तक गंगा घाट पर बंगाली महिलाओं का जश्न झालमुड़ी खाकर मनाई खुशी पीएम मोदी के संदेश को किया दोहराया BJP समर्थकों में बढ़ता उत्साह     WEST BENGAL ELECTION CELEBRATION: वाराणसी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों में BJP की बढ़त का असर अब उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक देखने को मिल रहा है। जैसे-जैसे चुनावी तस्वीर साफ होती जा रही है, पार्टी समर्थकों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी इसका जश्न साफ नजर आया। Meta पर बड़ा विवाद: स्मार्ट ग्लास से रिकॉर्ड हुए प्राइवेट वीडियो, केन्या की कंपनी से तोड़ा करार गंगा घाट पर खास जश्न वाराणसी के गंगा घाटों पर बंगाली समाज की महिलाओं ने खास अंदाज में जश्न मनाया। सुबह-सुबह घाटों पर पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और उत्साह जताया। यह जश्न केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी खास नजर आया। पश्चिम बंगाल चुनाव में बड़ा सियासी दावा, ममता बनर्जी बोलीं-शाम तक पलट जाएगा पूरा रिजल्ट झालमुड़ी से मनाया जश्न जहां आमतौर पर बनारस की सुबह कचौड़ी-जलेबी के लिए जानी जाती है, वहीं इस मौके पर महिलाओं ने झालमुड़ी खाकर उत्साह मनाया। उनका कहना था कि जिस तरह नरेंद्र मोदी ने बंगाल में प्रचार के दौरान झालमुड़ी खाकर एक संदेश दिया था, उसी परंपरा को उन्होंने भी दोहराया। साथ ही वाराणसी में रहने वाले बंगाली समाज के लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। केरल में सत्ता वापसी के बाद कांग्रेस के लिए असली परीक्षा-नेतृत्व चयन बना सबसे बड़ा सवाल जीत की ओर बढ़ती BJP जैसे-जैसे रुझान सामने आ रहे हैं, BJP की स्थिति मजबूत होती जा रही है। समर्थकों को भरोसा है कि ये रुझान नतीजों में भी बदलेंगे। यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जश्न का माहौल अभी से शुरू हो गया है।

West Bengal Election 2026: शुरुआती बढ़त के साथ BJP में उत्साह, सत्ता वापसी का भरोसा

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। शुरुआती आंकड़ों में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती दिखाई दी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस भी कई क्षेत्रों में कड़ा मुकाबला करती नजर आ रही है। रुझानों के सामने आते ही भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल देखा गया है। पार्टी नेताओं ने दावा किया है कि जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान किया है और परिणाम उनके पक्ष में जाने की संभावना मजबूत है। कई नेताओं का कहना है कि मतदाताओं ने विकास और परिवर्तन को प्राथमिकता दी है और इसी कारण भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है। पार्टी का विश्वास है कि अंतिम नतीजे उनके पक्ष में जा सकते हैं। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि इस बार का जनादेश राज्य में नई राजनीतिक दिशा की ओर संकेत कर रहा है। उनका मानना है कि जनता ने पुराने राजनीतिक समीकरणों से हटकर नया विकल्प चुना है। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस भी कई सीटों पर मजबूती से मुकाबला कर रही है, जिससे चुनावी तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। मुकाबला बेहद करीबी बना हुआ है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शुरुआती रुझान केवल एक संकेत होते हैं और अंतिम परिणाम तक तस्वीर बदल भी सकती है। इसलिए सभी दलों की नजरें अब अंतिम मतगणना पर टिकी हैं। कुल मिलाकर बंगाल चुनाव 2026 ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले समय में परिणाम तय करेंगे कि सत्ता की बागडोर किसके हाथ में जाएगी।

West Bengal Election: आरजी कर केस की गूंज चुनाव में, पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ पानीहाटी से आगे

RATNA DEBNATH

HIGHLIGHTS: पानीहाटी सीट पर रत्ना देबनाथ आगे RG Kar केस बना बड़ा चुनावी मुद्दा TMC के तीर्थंकर घोष से सीधा मुकाबला महिला सुरक्षा पर केंद्रित रहा प्रचार भावनात्मक कैंपेन का दिखा असर   West Bengal Election: कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों में BJP की स्थिति मजबूत नजर आ रही है, लेकिन इस बीच कुछ सीटें काफी चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक है उत्तर 24 परगना की पानीहाटी सीट, जहां RG Kar केस की गूंज चुनावी मुद्दा बन गई है। इस सीट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि यहां मुकाबला सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी बन गया है। West Bengal Election: ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंजा BJP मुख्यालय, कोलकाता में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न रत्ना देबनाथ पानीहाटी से आगे रत्ना देबनाथ जो आरजी कर रेप-मर्डर पीड़िता की मां हैं, पानीहाटी विधानसभा सीट से आगे चल रही हैं। चुनाव आयोग के रुझानों के मुताबिक वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तीर्थंकर घोष से बढ़त बनाए हुए हैं। इस सीट पर उनकी बढ़त को BJP के लिए अहम माना जा रहा है। WEST BENGAL ELECTION: पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों ने TMC का साथ छोड़ा, मतगणना के बीच शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान हाई-प्रोफाइल मुकाबला बना पानीहाटी पानीहाटी सीट इस बार सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। तीर्थंकर घोष, जो पांच बार के विधायक के परिवार से आते हैं, और रत्ना देबनाथ के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। यह सीट दमदम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और यहां का चुनावी माहौल काफी संवेदनशील बना हुआ है। WEST BENGAL ELECTION: चुनाव में दिखा ‘झालमुड़ी फैक्टर, झाड़ग्राम में बीजेपी की मजबूत पकड़ महिला सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा चुनाव प्रचार के दौरानरत्ना देबनाथ ने अपनी बेटी के मामले को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके इस भावनात्मक और मजबूत कैंपेन का असर अब रुझानों में भी दिखता नजर आ रहा है। west bengal election 2026: पश्चिम बंगाल में 1 बजे तक 60% से ज्यादा मतदान, तमिलनाडु थोड़ा पीछे, देंखे अब तक के आंकड़े भावनाओं से जुड़ा चुनावी संदेश रत्ना देबनाथ ने प्रचार के दौरान कहा था कि उन्होंने अपनी बेटी को खोया है, लेकिन अब वह समाज की सेवा करना चाहती हैं। उनका यह संदेश मतदाताओं के बीच गहराई से जुड़ा और चुनाव को एक अलग दिशा दे गया। पानीहाटी सीट अब सिर्फ एक राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश का केंद्र बन चुकी है।

बंगाल में BJP की बढ़त से बांग्लादेश में बढ़ी बेचैनी, ‘घुसपैठ’ पर क्या शुरू होगा नया विवाद?

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बढ़त ने भारत के साथ-साथ बांग्लादेश में भी सियासी हलचल तेज कर दी है। चुनाव परिणामों पर नजर रख रहे बांग्लादेश के नेताओं ने पहले ही संभावित स्थिति को लेकर चिंता जताई थी, जो अब फिर चर्चा में है। सवाल उठ रहा है कि अगर बंगाल में BJP सरकार बनाती है, तो क्या अवैध प्रवासियों यानी कथित ‘घुसपैठियों’ पर कार्रवाई तेज होगी और इससे भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। दरअसल, बांग्लादेश की राजनीति में यह मुद्दा पहले ही उठ चुका है। बांग्लादेश की एक पार्टी के सांसद अख्तर हुसैन ने संसद में आशंका जताई थी कि अगर पश्चिम बंगाल में BJP सत्ता में आती है, तो भारत में रह रहे बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा जा सकता है। उनके मुताबिक, ऐसा होने पर बांग्लादेश को एक बड़े शरणार्थी संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि “प्रवासियों का सैलाब” देश में लौट सकता है, जिससे हालात बिगड़ सकते हैं। भारत में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। BJP लगातार इस मुद्दे को उठाती रही है और अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करती रही है। ऐसे में बंगाल में उसकी संभावित जीत को इस नीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि जमीनी स्तर पर यह प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2001 में भारत में करीब 1.2 करोड़ अवैध बांग्लादेशी प्रवासी होने का अनुमान था। वहीं, कुछ स्वतंत्र रिपोर्ट्स के अनुसार यह संख्या 2026 तक 1.5 से 2 करोड़ के बीच हो सकती है। पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर और दक्षिण 24 परगना में जनसंख्या बदलाव को अक्सर इस मुद्दे से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन असली चुनौती इन लोगों की पहचान को लेकर है। बड़ी संख्या में लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए खुद को भारतीय नागरिक साबित कर चुके हैं, जिससे उन्हें चिन्हित करना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, अगर भारत इन्हें वापस भेजना चाहता है, तो बांग्लादेश की सहमति जरूरी होगी। अगर ढाका इन लोगों को अपना नागरिक मानने से इनकार करता है, तो यह मामला और जटिल हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा केवल कानून या प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है। बांग्लादेश इस मुद्दे को अपनी संप्रभुता और सम्मान से जोड़कर देखता है, जबकि भारत इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन के नजरिए से देखता है। 2024 के बाद बांग्लादेश की राजनीति में आए बदलाव के चलते वहां की सरकार पर घरेलू दबाव भी बढ़ा है कि वह भारत के प्रति सख्त रुख अपनाए। हालांकि, नई सरकार की ओर से भारत के साथ संबंध सामान्य रखने के संकेत भी दिए गए हैं, लेकिन ‘घुसपैठ’ का मुद्दा दोनों देशों के बीच एक संवेदनशील और संभावित विवाद का कारण बन सकता है। ऐसे में बंगाल चुनाव के नतीजे सिर्फ एक राज्य की सत्ता तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इसके असर क्षेत्रीय राजनीति और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी पड़ सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह मुद्दा सियासी बयानबाजी तक सीमित रहता है या वास्तव में किसी बड़े कूटनीतिक टकराव का रूप लेता है।

MAMATA BANERJEE STATEMENT: TMC कार्यकर्ताओं का अलर्ट मोड ऑन, ममता बोलीं- लास्ट राउंड में जीतेगी पार्टी; काउंटिंग सेंटर न छोड़ें

MAMTA BANERJEE STATEMENT

HIGHLIGHTS: ममता बनर्जी का पहला बयान आया सामने कार्यकर्ताओं से काउंटिंग सेंटर न छोड़ने की अपील BJP और केंद्रीय एजेंसियों पर लगाए आरोप कहा—अभी शुरुआती राउंड, नतीजे बदलेंगे ‘सूर्यास्त के बाद TMC की जीत’ का दावा   MAMATA BANERJEE STATEMENT: कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे काउंटिंग सेंटर्स न छोड़ें। ममता ने कहा कि अभी केवल शुरुआती राउंड की गिनती हुई है और अंतिम नतीजे आने में समय लगेगा। उनके इस बयान से साफ है कि TMC अभी भी मुकाबले में बनी रहने का दावा कर रही है। फिल्मी सितारों के ग्लैमर और राजनीति के चाणक्यों के बीच सीधी जंग, क्या थलपति विजय बनेंगे सियासत के नए ‘थलापति’? काउंटिंग सेंटर न छोड़ें—कार्यकर्ताओं को संदेश भवानीपुर सीट से उम्मीदवार ममता बनर्जी ने कहा कि काउंटिंग एजेंट और उम्मीदवार किसी भी हाल में सेंटर न छोड़ें। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की ओर से भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है। ममता ने कहा कि यह रणनीति पहले से तय थी कि शुरुआती राउंड में उन्हें पीछे दिखाया जाएगा। चुनावी रुझानों का असर बाजार पर, सेंसेक्स 700 अंक उछला, बंगाल कंपनियों में जबरदस्त तेजी BJP और केंद्रीय एजेंसियों पर आरोप ममता बनर्जी ने BJP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई जगह काउंटिंग प्रक्रिया प्रभावित की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर मशीनों में गड़बड़ी पाई गई है और केंद्रीय बलों के जरिए TMC कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। हारी हुई बाजी जीत ले गए वॉशिंगटन सुंदर, अंतिम गेंद तक चले संघर्ष में ढेर हुई पंजाब की टीम। ‘अभी सिर्फ 4 राउंड, असली तस्वीर बाकी’ ममता बनर्जी ने कहा कि अभी केवल 2-4 राउंड की गिनती हुई है, जबकि कुल 14-18 राउंड तक काउंटिंग होती है। उन्होंने भरोसा जताया कि अंतिम राउंड के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी और TMC ही जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से धैर्य बनाए रखने और आखिरी तक डटे रहने की अपील की। हारी हुई बाजी जीत ले गए वॉशिंगटन सुंदर, अंतिम गेंद तक चले संघर्ष में ढेर हुई पंजाब की टीम। ‘सूर्यास्त के बाद जीत हमारी’ अपने संदेश में ममता बनर्जी ने कहा कि कार्यकर्ता निराश न हों और हिम्मत बनाए रखें। उन्होंने कहा कि सूर्यास्त के बाद जीत हमारी होगी। उनके इस बयान से साफ है कि पार्टी अभी भी अंतिम नतीजों को लेकर आश्वस्त है और संघर्ष जारी रखने के मूड में है।     জরুরি বার্তা pic.twitter.com/Uc82oihwEL — Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 4, 2026

चुनावी रुझानों के बीच नया माहौल, महिलाओं ने बदलाव की संभावना पर जताई सकारात्मक सोच

नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल में चुनावी रुझानों के शुरुआती संकेतों के साथ ही राज्य का राजनीतिक माहौल तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। जैसे-जैसे आंकड़ों में एक खास रुझान सामने आने लगा है, वैसे-वैसे लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम में महिलाओं की ओर से आई प्रतिक्रियाओं ने विशेष ध्यान खींचा है, जहां उन्होंने मौजूदा स्थिति को लेकर संतोष और उम्मीद दोनों जाहिर की है। कई महिलाओं ने बातचीत के दौरान कहा कि वे लंबे समय से विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बेहतर स्थिति की उम्मीद कर रही थीं। उनके अनुसार, केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं ने लोगों के बीच एक नई सोच को जन्म दिया है, खासकर महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर। इसी कारण उन्हें भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं। कुछ महिलाओं ने यह भी माना कि राज्य में बदलाव की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उनका कहना है कि वे चाहती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और सामाजिक स्थिति को और मजबूत किया जाए। मौजूदा रुझानों को वे इसी बदलाव की दिशा में एक संकेत के रूप में देख रही हैं। राजनीतिक हलचल के बीच यह भी साफ दिख रहा है कि जनता अब केवल वादों से नहीं, बल्कि वास्तविक बदलाव और परिणामों से प्रभावित हो रही है। महिलाओं की प्रतिक्रियाओं में यह बात प्रमुख रूप से सामने आई कि वे ऐसे नेतृत्व को प्राथमिकता देती हैं जो विकास और सुरक्षा दोनों पर समान रूप से ध्यान दे। शुरुआती रुझानों ने जहां राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है, वहीं आम जनता की प्रतिक्रियाओं ने यह संकेत दिया है कि लोग अब अधिक जागरूक और अपेक्षाओं के साथ मतदान प्रक्रिया को देख रहे हैं। महिलाओं की उम्मीदें इस पूरे माहौल को और अधिक महत्वपूर्ण बना रही हैं, जिससे आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है।

West Bengal Election: ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंजा BJP मुख्यालय, कोलकाता में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न

BJP OFFICE KOLKATA

HIGHLIGHTS: रुझानों में BJP 165+ सीटों पर आगे TMC करीब 80 सीटों पर सिमटी BJP मुख्यालय में जश्न और नारेबाजी मोदी-शाह को दिया गया श्रेय समिक भट्टाचार्य ने आसान जीत का दावा किया   West Bengal Election: कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में BJP ने मजबूत बढ़त बना ली है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पार्टी 140 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है, जबकि TMC 75 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इन रुझानों ने राज्य की सियासत में हलचल बढ़ा दी है और सत्ता परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। त्यागराज जयंती पर विरासत बचाने का संकल्प, पवन कल्याण ने संगीत संरक्षण पर उठाए बड़े कदम BJP मुख्यालय में जश्न का माहौल कोलकाता स्थित BJP मुख्यालय में कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बता दें कि पार्टी समर्थक नरेंद्र मोदी की तस्वीरें हाथ में लेकर ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे हैं। साथ ही सुवेंदु अधिकारी के समर्थन में भी नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की और राहगीरों को भी इसमें शामिल किया। दक्षिण भारत में सियासी भूचाल: तमिलनाडु में TVK का ऐतिहासिक उभार, केरल में कांग्रेस की वापसी, असम में BJP की सत्ता बरकरार; पुडुचेरी में भी NDA आगे नेताओं ने दिया जीत का श्रेय BJP नेताओं ने इस बढ़त का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया । उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर किए गए काम और मजबूत संगठन के कारण पार्टी को यह बढ़त मिलती नजर आ रही है। WEST BENGAL ELECTION: पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों ने TMC का साथ छोड़ा, मतगणना के बीच शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान ‘सपने सच होने वाले हैं’—समिक भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष Sसमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के सपने अब सच होने वाले हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि BJP राज्य में आसानी से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि गंगोत्री से गंगासागर तक BJP की सरकार बनाने का सपना अब पूरा होता दिख रहा है, हालांकि अंतिम नतीजों का इंतजार अभी बाकी है। WEST BENGAL ELECTION: चुनाव में दिखा ‘झालमुड़ी फैक्टर, झाड़ग्राम में बीजेपी की मजबूत पकड़ बहुमत के आंकड़े से आगे BJP ताजा रुझानों के अनुसार BJP 165 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है, जबकि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस करीब 80 सीटों पर सिमटती नज़र आ रही है। 294 सीटों वाले बंगाल में बहुमत का आंकड़ा 148 है, जिसे BJP पार करती दिख रही है। अगर यह रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है।

5 राज्यों के चुनावी नतीजों में हाई-वोल्टेज ड्रामा: कहीं जश्न, कहीं सन्नाटा; भाजपा-कांग्रेस-TVK की जीत के बीच बदला सियासी माहौल

नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की विधानसभा चुनाव मतगणना के बीच राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरम हो गया है। शुरुआती रुझानों ने जहां कई राज्यों में सत्ता परिवर्तन के संकेत दिए हैं, वहीं अलग-अलग दलों के दफ्तरों में जश्न और सन्नाटे का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। कोलकाता में All India Trinamool Congress (TMC) कार्यालय के बाहर सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। कार्यकर्ताओं की कम मौजूदगी और शांत माहौल ने राजनीतिक हलचल को साफ दिखा दिया। वहीं दूसरी ओर दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर जश्न का माहौल देखने को मिला, जहां कार्यकर्ताओं ने पूरी और जलेबी बनाकर खुशी जताई। भाजपा कार्यालय में जश्न का माहौलदिल्ली स्थित Bharatiya Janata Party (BJP) मुख्यालय में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा। असम में पार्टी की बढ़त और बंगाल में मजबूत प्रदर्शन के चलते कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। बैंड-बाजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी भी शुरू हो गई। बंगाल में टकराव और सन्नाटापश्चिम बंगाल में भाजपा की बढ़त के बीच कोलकाता और सिलिगुड़ी जैसे इलाकों में अलग-अलग माहौल देखने को मिला। जहां एक ओर भाजपा समर्थकों ने भगवा रंग के अबीर-गुलाल के साथ जश्न मनाया, वहीं TMC कार्यालय शांत नजर आया। केरल में कांग्रेस का जश्नकेरल में Indian National Congress के नेतृत्व वाला UDF गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। इस बढ़त के बाद तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस कार्यालय में केक काटकर जश्न मनाया गया। इसमें वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल, शशि थरूर और अन्य नेता शामिल हुए। तमिलनाडु में TVK का उभारतमिलनाडु में सबसे बड़ा राजनीतिक सरप्राइज Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) का प्रदर्शन रहा। एक्टर Vijay की पार्टी ने शुरुआती रुझानों में 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर सभी को चौंका दिया। चेन्नई में TVK समर्थकों ने मिठाई बांटकर और जश्न मनाकर खुशी जाहिर की। दूसरी ओर DMK कार्यालय में पहले जहां उत्साह था, वहीं रुझान बदलने के बाद टेंट हटाए जाने और माहौल शांत होने की खबरें सामने आईं। असम और पुडुचेरी का हालअसम में भाजपा मजबूत स्थिति में दिख रही है, जबकि कांग्रेस कुछ सीटों पर पीछे चल रही है। वहीं पुडुचेरी में भी भाजपा गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। कुल मिलाकर तस्वीरइन पांच राज्यों के शुरुआती रुझानों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। कहीं सत्ता की वापसी की तैयारी है, तो कहीं नई राजनीतिक ताकतें उभरती नजर आ रही हैं। हालांकि अंतिम नतीजों का इंतजार अभी जारी है।

WEST BENGAL ELECTION: पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों ने TMC का साथ छोड़ा, मतगणना के बीच शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान

Suvendu Adhikari

HIGHLIGHTS: 293 सीटों के रुझानों में BJP 174 पर आगे TMC 116 सीटों पर, अन्य 3 सीटों पर बढ़त Suvendu Adhikari ने BJP सरकार बनने का दावा किया मुस्लिम वोट को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान फाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान   WEST BENGAL ELECTION: पश्चिम बंगाल। मतगणना के बीच पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचलें तेज हो गयी है। बता दें कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि बीजेपी राज्य में अगली सरकार बनाएगी। गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं और भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती दे रहे हैं। शहडोल में दर्दनाक सड़क हादसा: बोरवेल गाड़ी ने 3 को कुचला, मां-बेटे की मौत, 10 साल की बच्ची गंभीर मुस्लिमों ने छोड़ा TMC का हाथ अधिकारी ने कहा कि इस चुनाव में बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाताओं ने तृणमूल कांग्रेस का साथ नहीं दिया है। साथ ही उन्होंने दवा किया कि बीजेपी बंगाल में अगली सरकार बनाएगी। बीजेपी नेता ने कहा, मैं 9वें या 10वें चरण के बाद आगे बढ़ूंगा और इस सीट पर जीत हासिल करुंगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि हिंदू वोट बीजेपी के पक्ष में एकजुट हैं। सिंगरौली बैंक डकैती का बड़ा खुलासा: बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क उजागर एक सीट पर 21 मई को वोटिंग पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से फिलहाल 293 सीटों पर मतगणना जारी है। दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा सीट पर दोबारा मतदान के आदेश के कारण वहां आज गिनती नहीं हो रही है, इसलिए बाकी 293 सीटों के ही नतीजे सामने आएंगे। शुरुआती रुझानों में बीजेपी बहुमत के आंकड़े से काफी आगे निकलती दिख रही है। खबर लिखे जाने तक बीजेपी 174 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि टीएमसी 116 सीटों पर आगे है। अन्य दलों के खाते में फिलहाल 3 सीटें जाती नजर आ रही हैं। पार्षद को धमकी मामला: 7 साल पुराने भुगतान विवाद में बंडा नगर परिषद में हंगामा, FIR दर्ज चुनाव आयोग ने फाल्टा विधानसभा सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर 21 मई को दोबारा वोटिंग कराने का फैसला लिया है। इसी वजह से इस सीट का परिणाम बाद में घोषित किया जाएगा।