SCHOOL HOLIDAY: भीषण गर्मी के चलते शिवपुरी में 8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी, 9वीं से 12वीं की टाइमिंग चेंज

HIGHLIGHTS: 8वीं तक के सभी स्कूलों में 30 अप्रैल तक छुट्टी 27 अप्रैल से आदेश तत्काल प्रभाव से लागू 9वीं से 12वीं की क्लास अब सुबह 7:30 से 12 बजे तक सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू आदेश शिक्षकों को नियमित आना होगा, परीक्षाएं यथावत SCHOOL HOLIDAY: शिवपुरी। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी शासकीय और निजी स्कूलों में 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया है। Scindias Development Pledge: CM राइज स्कूल का उद्धाटन, शिवपुरी में केंद्रीय मदनतरि बोले- न रुकूंगा, न झुकूंगा! बड़ी कक्षाओं के लिए नया समय प्रशासन ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल टाइमिंग में बदलाव किया है। अब इन कक्षाओं का संचालन सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक किया जाएगा, ताकि छात्र तेज धूप और लू के असर से बच सकें। यह निर्णय भी छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। MIDDLE EAST WAR: ट्रंप के डिनर हमले को लेकर नया खुलासा, हमलावर ने गोलीबारी से पहले परिवार को भेजा था मैसेज सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू आदेश जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह आदेश जिले के सभी स्कूलों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। इसमें एमपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, केंद्रीय विद्यालय सहित सभी मान्यता प्राप्त सरकारी और निजी स्कूल शामिल हैं। RINKU SINGH STATEMENT: मेरा नाम रिंकू ही रहने दो… प्लेयर ऑफ द मैच बने रिंकू सिंह का दिल जीतने वाला बयान वायरल परीक्षाएं तय समय पर ही निर्धारित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश केवल छात्रों के लिए रहेगा, जबकि शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूल आना होगा। साथ ही, पहले से निर्धारित परीक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही संचालित की जाएंगी, उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ऑफिस मार्केट में तेजी का नया दौर, भारत में लीजिंग गतिविधियों ने बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड

नई दिल्ली। भारत का कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर 2026 की पहली तिमाही में एक मजबूत और रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के साथ सामने आया है। देशभर में ऑफिस स्पेस की मांग लगातार बढ़ती हुई दिखाई दी और यह आंकड़ा 21.5 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गया, जो अब तक के हालिया वर्षों में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक माना जा रहा है। इस तेज वृद्धि के पीछे मुख्य कारण ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर्स की बढ़ती भागीदारी रही है। अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अब भारत को केवल सपोर्ट सेंटर के तौर पर नहीं देख रही हैं, बल्कि इसे अपने इनोवेशन, रिसर्च और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट का महत्वपूर्ण केंद्र बना रही हैं। ऑफिस लीजिंग में हुई इस बढ़ोतरी से यह साफ संकेत मिलता है कि भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक पसंदीदा निवेश और ऑपरेशन डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। जीसीसी की भूमिका इस बदलाव में सबसे अहम रही है, जिन्होंने अपने विस्तार को तेज गति से आगे बढ़ाया है और कुल लीजिंग गतिविधियों में बड़ी हिस्सेदारी हासिल की है। इन सेंटर्स में अब पारंपरिक बैक-ऑफिस कार्यों से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट डिजाइन और इंजीनियरिंग जैसे हाई-वैल्यू काम किए जा रहे हैं। इससे भारत के टैलेंट मार्केट को भी बड़ा फायदा मिल रहा है। इसके साथ ही फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की मांग भी तेजी से बढ़ी है। कंपनियां अब हाइब्रिड और रिमोट वर्क मॉडल को ध्यान में रखते हुए अधिक लचीले ऑफिस स्पेस की ओर बढ़ रही हैं, जिससे इस सेगमेंट में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। देश के प्रमुख शहरों में इस वृद्धि का असर साफ दिखाई दिया है। बेंगलुरु ने ऑफिस लीजिंग में सबसे आगे रहकर अपनी स्थिति मजबूत की है, जबकि मुंबई और हैदराबाद ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। पुणे और दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों ने भी स्थिर और मजबूत योगदान दिया है। बेंगलुरु में जीसीसी की हिस्सेदारी विशेष रूप से काफी अधिक रही, जिससे यह शहर टेक्नोलॉजी और ग्लोबल इनोवेशन के सबसे बड़े केंद्रों में से एक बनता जा रहा है।
Scindias Development Pledge: CM राइज स्कूल का उद्धाटन, शिवपुरी में केंद्रीय मदनतरि बोले- न रुकूंगा, न झुकूंगा!

HIGHLIGHTS: शिवपुरी में सीएम राइज स्कूल का उद्घाटन सिंधिया ने विकास के प्रति दोहराई प्रतिबद्धता 40 करोड़ की सड़कों सहित कई परियोजनाओं की सौगात मेडिकल और जिला अस्पताल में बेड बढ़ाने की घोषणा कार्यक्रम में बैनर की गलती, मौके पर सुधार Scindias Development Pledge: ग्वालियर। शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज के पास सांदीपनी सीएम राइज स्कूल का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया। बता दें के इस मौके पर उन्होंने शिक्षा को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यह स्कूल बच्चों के सपनों को नई उड़ान देगा। उन्होंने इसे ‘आशाओं का संगम’ बताया। राज्यसभा का समीकरण बदला, राघव चड्ढा के फैसले से NDA बहुमत के और करीब पहुंचा.. मंत्री बोले- न रुकूंगा, न झुकूंगा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधिया ने शिवपुरी के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि वे जिले के विकास के लिए पूरी तरह समर्पित हैं और किसी भी चुनौती के सामने न रुकेंगे, न झुकेंगे। उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों में उत्साह भर दिया। MORENA BUS ACCIDENT: सड़क पार कर रही महिला को बस ने रौंदा, 30 फीट तक घसीटा शव शिवपुरी की विरासत का जिक्र सिंधिया ने अपने संबोधन में बताया कि उनके पूर्वज माधव महाराज ने शिवपुरी को भगवान शिव के नाम पर ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में स्थापित किया था। उन्होंने कहा कि यह शहर ऐतिहासिक रूप से समृद्ध है और अब इसे विकास के नए आयाम देने का समय है। GWALIOR CRIMES: प्रेम प्रस्ताव ठुकराने पर AI से बनाया फर्जी अश्लील वीडियो, छात्रा को किया ब्लैकमेल विकास परियोजनाओं की बारिश इस दौरान सिंधिया ने वार्ड 1 से 39 तक लगभग 40 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। साथ ही 5 करोड़ के वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट, 1 करोड़ के बस स्टैंड विकास और 2.75 करोड़ के प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों की सौगात भी दी। MIDDLE EAST WAR: ट्रंप के डिनर हमले को लेकर नया खुलासा, हमलावर ने गोलीबारी से पहले परिवार को भेजा था मैसेज स्वास्थ्य और सौंदर्यीकरण पर फोकस सिंधिया ने मेडिकल कॉलेज की क्षमता 400 से बढ़ाकर 600 बेड करने और जिला अस्पताल को भी 600 बेड का बनाने की घोषणा की। उन्होंने शहर के सौंदर्यीकरण के लिए 50 करोड़ रुपये लाने की भी बात कही, जो निजी कंपनी के माध्यम से जुटाए जाएंगे। CM MOHAN VISIT: ग्वालियर में 4 मई को होगा ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन, CM रहेंगे मुख्य अतिथि कार्यक्रम में छोटी चूक कार्यक्रम के दौरान मंच पर लगे बैनर में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा का फोटो नहीं होने की चूक सामने आई। हालांकि, कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही इसे सुधारते हुए उनका फोटो बैनर पर जोड़ दिया गया।
BHIND HEAT WAVE: दिन में भीषण गर्मी, रत में लू से नहीं मिल रही रहत; भिंड में पारा 45 डिग्री पार

HIGHLIGHTS: भिंड में 45°C पार तापमान, लू जारी। रातें भी गर्म, राहत नहीं। ग्वालियर-दतिया-शिवपुरी में भीषण गर्मी। दोपहर सड़कें सुनसान, पेय की मांग बढ़ी। डॉक्टर बोले- दोपहर बाहर न निकलें। BHIND HEAT WAVE: ग्वालियर। भिंड जिले में राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। बता दें कि बीते रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड समझौता साइन, दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार ग्वालियर चम्बल में बढ़ी तपिश राजस्थान से लगातार आ रही तपती हवाओं का असर भिंड के साथ-साथ ग्वालियर, दतिया और शिवपुरी जिलों में भी साफ दिख रहा है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं। पहले रात में तापमान गिरने से कुछ राहत मिल जाती थी, लेकिन अब न्यूनतम तापमान 29 डिग्री से ऊपर रहने के कारण रातें भी गर्म हो गई हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। MP NEWS : मुरैना में भक्ति की अनोखी मिसाल… खड़ियाहार गांव की रेखा ने भगवान ठाकुर जी से रचाया विवाह दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लोग केवल अत्यावश्यक काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। बाहर निकलने वाले लोग चेहरे को कपड़े से ढककर, सिर पर गमछा या टोपी लगाकर खुद को तेज धूप से बचा रहे हैं। गर्मी से तुरंत राहत पाने के लिए बाजारों में ठंडे पेय पदार्थों, गन्ने के रस और अन्य शीतल पेय की मांग तेजी से बढ़ गई है। MORENA BUS ACCIDENT: सड़क पार कर रही महिला को बस ने रौंदा, 30 फीट तक घसीटा शव डॉक्टरों की सलाह – दोपहर में बाहर न निकलें, डॉक्टरों के अनुसार तेज गर्मी से उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, हल्के सूती कपड़े पहनें और दोपहर के समय सीधे धूप में निकलने से बचें। जरूरी काम हो तो सुबह या शाम के समय ही घर से बाहर निकलें तथा छायादार जगहों पर रहने की कोशिश करें।
भू-राजनीतिक तनाव का असर, तेल कीमतों को लेकर नया वैश्विक अनुमान..

नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा बाजार इस समय एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर गहरा प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आए नए आकलनों में यह संकेत दिया गया है कि आने वाले समय में तेल की कीमतें पहले के अनुमान से अधिक रह सकती हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। मध्यपूर्व लंबे समय से विश्व ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने इस क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित किया है। तनाव बढ़ने के कारण तेल उत्पादन और परिवहन दोनों पर दबाव बढ़ा है, जिससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। इसी अनिश्चितता ने कच्चे तेल की कीमतों में संभावित वृद्धि के संकेत दिए हैं। नए अनुमान के अनुसार ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड दोनों की औसत कीमतों में पहले की तुलना में वृद्धि देखी जा सकती है। यह बदलाव मुख्य रूप से आपूर्ति में संभावित कमी और बाजार में बढ़ते जोखिम के कारण हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो तेल भंडार में गिरावट और तेज हो सकती है, जिससे कीमतों पर और अधिक दबाव बढ़ेगा। तेल बाजार में इस बदलाव का एक बड़ा कारण सप्लाई चेन में आने वाली बाधाएं भी हैं। मध्यपूर्व से होने वाली सप्लाई में कमी के कारण वैश्विक भंडार स्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। यह स्थिति ऊर्जा बाजार के संतुलन को प्रभावित कर रही है और निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा रही है। हालांकि मांग की स्थिति में बहुत बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है, लेकिन आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा सीधे कीमतों को प्रभावित कर रही है। इसी कारण बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है और कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना लगातार बनी हुई है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भू-राजनीतिक तनाव केवल अल्पकालिक प्रभाव ही नहीं डालता, बल्कि यह दीर्घकालिक निवेश और ऊर्जा रणनीतियों को भी प्रभावित करता है। यही कारण है कि वैश्विक बाजार में सतर्कता का माहौल देखा जा रहा है। दूसरी ओर, यदि आने वाले समय में स्थिति में सुधार होता है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होती है, तो कीमतों में स्थिरता लौटने की संभावना भी मौजूद है। लेकिन फिलहाल बाजार अनिश्चितता की स्थिति में है और हर नई घटना इसका सीधा असर ऊर्जा कीमतों पर डाल रही है।
भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड समझौता साइन, दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देते हुए एक महत्वपूर्ण फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बन गई है। इस समझौते को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में आयात-निर्यात और निवेश के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले लगभग सभी उत्पादों को टैरिफ छूट का लाभ मिलेगा। इसका सीधा फायदा भारतीय निर्यातकों को होगा, क्योंकि उनके उत्पाद वहां के बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बन जाएंगे। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड से भारत आने वाले अधिकतर उत्पादों पर भी टैरिफ कम किया जाएगा या समाप्त किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद अंतिम रूप में पहुंचा है और इसे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने वाला अहम समझौता माना जा रहा है। इससे व्यापार की रफ्तार बढ़ने के साथ-साथ नए निवेश के अवसर भी पैदा होंगे। समझौते में केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि निवेश और मानव संसाधन से जुड़े प्रावधानों को भी शामिल किया गया है। इसके तहत न्यूजीलैंड आने वाले वर्षों में भारत में बड़े स्तर पर निवेश करने की योजना बना सकता है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा। इसके अलावा इस समझौते में छात्रों और पेशेवरों की आवाजाही को भी आसान बनाने पर जोर दिया गया है। भारतीय छात्रों को न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान काम करने और बाद में रोजगार के अवसरों तक पहुंच मिलने की सुविधा इस समझौते का अहम हिस्सा है। कौशल आधारित भारतीय पेशेवरों के लिए भी अस्थायी वर्क वीजा की सुविधा रखी गई है, जिससे वे निर्धारित अवधि तक न्यूजीलैंड में काम कर सकेंगे। इससे दोनों देशों के बीच स्किल एक्सचेंज और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। हालांकि भारत ने अपने कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस समझौते में सुरक्षित रखा है, ताकि घरेलू उद्योगों पर किसी तरह का नकारात्मक असर न पड़े।
राज्यसभा का समीकरण बदला, राघव चड्ढा के फैसले से NDA बहुमत के और करीब पहुंचा..

नई दिल्ली। राज्यसभा की राजनीति में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसने पूरे सत्ता समीकरण को प्रभावित कर दिया है। सदन में हुए हालिया घटनाक्रम के बाद नंबर गेम पूरी तरह बदल गया है और इसका सीधा असर राजनीतिक ताकतों के संतुलन पर पड़ा है। इस पूरे घटनाक्रम में Raghav Chadha का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। उनके राजनीतिक कदम और उससे जुड़े बदलावों के बाद राज्यसभा में सत्ता पक्ष की स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है। माना जा रहा है कि इससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को सीधा फायदा मिला है। सूत्रों के अनुसार, कुछ सांसदों के दलगत बदलाव और विलय की प्रक्रिया के बाद सदन में सीटों का गणित बदल गया है। इस बदलाव के बाद सत्ता पक्ष की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जबकि विपक्ष की स्थिति कमजोर हुई है। राज्यसभा में यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यहां बहुमत का सीधा असर कानून निर्माण और बड़े विधायी फैसलों पर पड़ता है। अब बदले हुए समीकरण के बाद सत्ता पक्ष बहुमत के आंकड़े के और करीब पहुंच गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के बदलाव आने वाले समय में संसद की कार्यवाही और महत्वपूर्ण बिलों पर असर डाल सकते हैं। खासकर उन मुद्दों पर जहां दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है, वहां अब स्थिति पहले से ज्यादा अनुकूल दिखाई दे रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है, जहां इसे सत्ता पक्ष की बड़ी रणनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं विपक्ष इसे अपने लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति मान रहा है।
जब बॉलीवुड के 'राज' ने अपने ही परिवार का किरदार निभाकर रचा इतिहास..

नई दिल्ली। बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसी फिल्में आई हैं जिन्होंने अपनी अनूठी कहानी और कलाकारों के शानदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई है। ऐसी ही एक यादगार फिल्म साल 2000 में बड़े पर्दे पर उतरी थी, जिसने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़े, बल्कि अभिनय की दुनिया में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया। इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसके मुख्य अभिनेता गोविंदा थे, जिन्होंने एक या दो नहीं, बल्कि पूरे छह अलग-अलग किरदारों को एक साथ पर्दे पर जीवंत कर दिया था। उस दौर में इस तरह का प्रयोग करना न केवल चुनौतीपूर्ण था, बल्कि दर्शकों के लिए भी यह एक बिल्कुल नया और रोमांचक अनुभव था। फिल्म की कहानी मुख्य रूप से राज मल्होत्रा नाम के एक युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी चुलबुली और मजाकिया हरकतों से सबको हंसने पर मजबूर कर देता है। लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आता है जब राज के पूरे परिवार की एंट्री होती है। पर्दे पर जब राज के दादा, उसकी दादी, पिता, मां और बहन एक साथ नजर आते हैं, तो दर्शक यह देखकर दंग रह जाते हैं कि इन सभी किरदारों को निभाने वाला शख्स कोई और नहीं बल्कि खुद गोविंदा ही थे। हर किरदार के लिए उन्होंने अपनी आवाज, बोलने के लहजे और शारीरिक हाव-भाव को इतनी बारीकी से बदला था कि फिल्म देखते समय एक पल के लिए भी ऐसा महसूस नहीं होता था कि ये सभी भूमिकाएं एक ही कलाकार द्वारा निभाई जा रही हैं। व्यावसायिक मोर्चे पर भी इस फिल्म ने अपनी चमक बिखेरी। मध्यम बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में जबरदस्त भीड़ जुटाई और अपनी लागत से दोगुने से भी ज्यादा की कमाई करने में सफल रही। इस फिल्म की सफलता ने यह साबित कर दिया कि अगर अभिनेता में प्रतिभा हो और पटकथा में दम हो, तो दर्शक उसे भरपूर प्यार देते हैं। फिल्म के संवाद और कॉमेडी सीन आज भी सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय हैं। इस प्रोजेक्ट ने गोविंदा को एक ऐसे वर्सटाइल एक्टर के रूप में स्थापित किया जो किसी भी सांचे में ढल सकता था, चाहे वह एक बुजुर्ग दादी का किरदार हो या एक शरारती जवान लड़के का। अभिनय के अलावा फिल्म की स्टारकास्ट ने भी इसकी सफलता में अहम भूमिका निभाई। मुख्य अभिनेत्री के साथ गोविंदा की जोड़ी को काफी सराहा गया और दोनों के बीच की केमिस्ट्री ने पर्दे पर जादू बिखेरा। साथ ही, कॉमेडी जगत के अन्य दिग्गज कलाकारों ने भी अपनी उपस्थिति से फिल्म को और भी मजेदार बना दिया। दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में केवल मुख्य नायक ने ही बहुमुखी भूमिका नहीं निभाई थी, बल्कि एक अन्य मशहूर कॉमेडियन ने भी दोहरी भूमिका निभाकर हंसी का तड़का लगाया था। तकनीकी रूप से यह फिल्म उस समय की अन्य फिल्मों से काफी आगे थी क्योंकि इसमें कई किरदारों को एक ही फ्रेम में कुशलतापूर्वक दिखाया गया था। आज दशकों बीत जाने के बाद भी यह फिल्म भारतीय सिनेमा प्रेमियों की पसंदीदा सूची में शामिल है। यह फिल्म उस दौर का प्रतीक है जब पारिवारिक मनोरंजन और शुद्ध कॉमेडी ही सिनेमा की जान हुआ करती थी। बिना किसी विवाद या भारी भरकम स्पेशल इफेक्ट्स के, केवल सादगी और बेहतरीन टाइमिंग के दम पर इस फिल्म ने जो मुकाम हासिल किया, वह आज के दौर की फिल्मों के लिए एक मिसाल है। गोविंदा के वे छह यादगार चेहरे आज भी दर्शकों को गुदगुदाते हैं और सिनेमाई पर्दे पर उनके उस अनोखे ‘सिक्सर’ की याद दिलाते हैं।
MORENA BUS ACCIDENT: सड़क पार कर रही महिला को बस ने रौंदा, 30 फीट तक घसीटा शव

HIGHLIGHTS: तेज रफ्तार बस ने महिला को कुचला 30 फीट तक घसीटने से मौके पर मौत चालक मौके से फरार, बस जब्त प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया खौफनाक मंजर पुलिस ने शव निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा MORENA BUS ACCIDENT: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। जौरा रोड बैरियर चौराहे के पास तेज रफ्तार यात्री बस ने सड़क पार कर रही 40 वर्षीय महिला को टक्कर मार दी। बता दें कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला बस के टायर में फंस गई। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि चालक ने बस रोकने के बजाय वाहन को आगे बढ़ाते हुए महिला को करीब 30 फीट तक घसीट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। GWALIOR CRIMES: प्रेम प्रस्ताव ठुकराने पर AI से बनाया फर्जी अश्लील वीडियो, छात्रा को किया ब्लैकमेल टायर में फंसी रही महिला हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद बस के नीचे फंसे शव को बाहर निकाला। मृतका की पहचान बरी पुरा निवासी कमला बघेल (40) के रूप में हुई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। RINKU SINGH STATEMENT: मेरा नाम रिंकू ही रहने दो… प्लेयर ऑफ द मैच बने रिंकू सिंह का दिल जीतने वाला बयान वायरल प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया खौफनाक मंजर घटना की प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वे दोनों सड़क पार कर रही थीं तभी अचानक तेज रफ्तार बस आई और कमला को टक्कर मार दी। लोगों ने जोर-जोर से चिल्लाकर चालक को रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने बस नहीं रोकी और महिला को घसीटता चला गया। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोग सन्न रह गए। IPL 2026: ऋतुराज गायकवाड़ की फिफ्टी के बावजूद उनके नाम बना ये बुरा रिकॉर्ड, जानिए कैसे ? चालक फरार, बस जब्त घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान यादव के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
Leopard Cub Sighted Morena: मुरैना में दिखा घायल तेंदुआ शावक, शादी से लौट रहे ग्रामीणों ने बनाया वीडियो

HIGHLIGHTS: • कैलारस-पहाड़गढ़ रोड पर रात 10 बजे घायल तेंदुआ शावक • शादी से लौट रहे ग्रामीणों ने बनाया वीडियो • पिछले पैर में चोट, लंगड़ाकर जंगल में घुसा • डीएफओ और कूनो एसडीओ ने दी सर्चिंग की हिदायत • कूनो का चीता नहीं, तेंदुआ शावक होने की पुष्टि Leopard Cub Sighted Morena: मुरैना। जिले के कैलारस-पहाड़गढ़ रोड पर रविवार देर रात एक घायल तेंदुआ शावक दिखने से ग्रामीणों में खलबली मच गई। बता दें कि शादी समारोह से लौट रहे लोग अचानक सड़क किनारे अंधेरे में तेंदुए शावक को बैठा देखकर डर गए और गाड़ी रोक दी। गाड़ी की लाइट में कैद हुआ लंगड़ाता शावक ग्रामीणों ने मोबाइल पर गाड़ी की हेडलाइट की रोशनी में शावक का वीडियो बना लिया। वीडियो में तेंदुआ शावक अपने पिछले पैर में चोट के कारण लंगड़ाते हुए जंगल की ओर जाता दिख रहा है। थोड़ी देर बाद शावक उठकर जंगल में घुस गया, जिसके बाद ग्रामीण आगे बढ़ सके। US IRAN WAR: ईरान के विदेश मंत्री की रूस यात्रा से भड़के ट्रंप… बोले- 3 दिन में समझौता… नहीं तो होगा भयंकर विस्फोट…. वन विभाग की टीम कर रही सर्च डीएफओ मुरैना हरिश्चंद्र बघेल ने बताया कि वे भोपाल में बैठक में हैं, लेकिन स्टाफ को निर्देश दे दिए गए हैं कि घायल शावक की सर्चिंग की जाए। कूनो एसडीओ राजेश ने भी स्पष्ट किया कि वीडियो में दिख रहा जानवर कूनो नेशनल पार्क का चीता नहीं है, बल्कि स्थानीय जंगल का घायल तेंदुआ शावक है। चोट का कारण अभी अज्ञात अभी यह पता नहीं चल सका है कि शावक को चोट कैसे लगी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सर्चिंग कर रही है ताकि शावक को समय पर मदद मिल सके और वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाए। RINKU SINGH STATEMENT: मेरा नाम रिंकू ही रहने दो… प्लेयर ऑफ द मैच बने रिंकू सिंह का दिल जीतने वाला बयान वायरल ग्रामीणों से की गई अपील ऐसी घटनाओं में स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और वन विभाग को तुरंत सूचना देने की सलाह दी गई है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर चर्चा बढ़ गई है।