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गोली मारकर हत्या मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, दोस्त के बयान से खुलासा

मध्यप्रदेश । सागर शहर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। विवेकानंद वार्ड के मछरयाई स्थित गौंड बब्बा चबूतरा इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मामले की परतें खोलने में जुटी हुई है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। घटना 21 मई की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पुरानी रंजिश के चलते फरियादी ओम साहू और उसके भाई मयंक साहू का आरोपियों से विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने अवैध हथियार निकालकर मयंक साहू पर फायर कर दिया। गोली लगते ही मयंक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वारदात के दौरान मयंक को बचाने दौड़े उसके भाई ओम साहू पर भी आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में ओम गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कीं। साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में आर्यन आठिया, एक 16 वर्षीय नाबालिग और एक 60 वर्षीय महिला शामिल हैं। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि मृतक मयंक साहू और मुख्य आरोपी यश पहले बेहद करीबी दोस्त थे। दोनों का साथ उठना-बैठना था, लेकिन कुछ साल पहले दोनों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों के रिश्तों में दुश्मनी बढ़ती चली गई। पुलिस को शक है कि इसी पुरानी रंजिश ने इस खूनी वारदात का रूप लिया। प्रत्यक्षदर्शी शिवम तिवारी ने बताया कि घटना के वक्त मयंक और उसके दोस्त घर के बाहर खड़े थे। तभी अचानक यश वहां पहुंचा और जेब से कट्टा निकालकर सीधे मयंक पर फायर कर दिया। गोली लगते ही मयंक जमीन पर गिर पड़ा। शिवम के मुताबिक ओम साहू जब बीच-बचाव करने पहुंचा तो उस पर चाकू से हमला किया गया। एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि अब तक इस मामले में छह आरोपियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।

कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, 10 उपाध्यक्ष और 21 सचिव नियुक्त

मध्यप्रदेश । सागर में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी की स्वीकृति के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा ने नई टीम का ऐलान किया। नई कार्यकारिणी में कुल 51 सदस्यों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई हैं। संगठन ने दावा किया है कि टीम गठन में सभी वर्गों, समाजों और महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का विशेष ध्यान रखा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी ने कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए बताया कि इसमें उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष, प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी समेत कई पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। मुख्य कार्यकारिणी में 7 महिलाओं को शामिल किया गया है, जबकि स्थायी आमंत्रित सदस्यों में भी 3 महिलाओं को जगह दी गई है। कांग्रेस संगठन का मानना है कि इससे जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूती मिलेगी और संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी। नई कार्यकारिणी में अखिलेश मोनी केसरवानी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर संतोष सराफ, प्रमिला सिंह राजपूत, निरंजन सिंह घोषी, आरआर पाराशर, अभिषेक गौर, सौरभ हजारी, जतिन चौकसे, चंद्रभान सिंह दीवान, निर्भय सिंह ठाकुर और भाव सिंह यादव को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा संगठन को सक्रिय बनाए रखने के लिए 15 महासचिव भी नियुक्त किए गए हैं। इनमें आंचल आठया, नंदकिशोर भारती, प्रशांत समैया, प्रभु मिश्रा, अवधेश तोमर, संजय चौधरी टड़ा, बिहारी कुशवाहा, मोंटी यादव, अशरफ खान, हरि नारायण कुशवाहा, अवधेश सिंह सिमरिया, सुरेंद्र सिंह राजपूत सिंगपुर, देवेंद्र नायक, प्रकाश बजाज और देवव्रत तिवारी शामिल हैं। संगठन में सचिव पद पर भी 21 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें बृजेंद्र मिश्रा, प्रियंका पांडे, मीनाक्षी साहू, धर्मेंद्र ठाकुर, बलवंत सिंह राजपूत, अनुप मिश्रा, दुष्यंत बुंदेला, डॉ. निलेश रीछारिया, इंदरीश खान, चंदन सुहाने, संजना कुर्मी, मनोज राय, रामनिवास लोधी, पुरुषोत्तम शिल्पी, महेंद्र पटेल, ओमप्रकाश राजपूत, सुरेंद्र कुशवाहा, प्रवीण लोधी, मोहिनी कश्यप, शिव कुमार और खुशीलाल अहिरवार को शामिल किया गया है। कांग्रेस ने मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पकड़ मजबूत करने के लिए भी अलग से जिम्मेदारियां तय की हैं। प्रवक्ता के रूप में सूर्या शुक्ला और डॉ. हेमकुमारी कुर्मी को नियुक्त किया गया है, जबकि सोशल मीडिया प्रभारी के तौर पर पंकज यादव और जितेंद्र राजपूत काम करेंगे। इसके अलावा स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्यों की लंबी सूची भी जारी की गई है, जिसमें वरिष्ठ और सक्रिय कार्यकर्ताओं को शामिल कर संगठनात्मक संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नई टीम आगामी राजनीतिक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और संगठन विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सागर में खून से लथपथ मिला युवक, धारदार हथियार से हमले की आशंका

मध्यप्रदेश । सागर शहर के पुरव्याऊ टौरी इलाके में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब काली मंदिर के पास एक युवक खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। युवक के शरीर पर धारदार हथियार से चोट के कई निशान पाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने जब उसे गंभीर हालत में देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में दहशत और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह एक दुकानदार अपनी दुकान खोलने के लिए काली मंदिर क्षेत्र पहुंचा था। इसी दौरान उसकी नजर सड़क किनारे पड़े एक युवक पर पड़ी, जो बुरी तरह घायल था और उसके कपड़े खून से सने हुए थे। यह दृश्य देखकर दुकानदार घबरा गया और उसने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया। थोड़ी ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में पुलिस को सूचना दी गई। प्रारंभिक जांच में घायल युवक की पहचान काकागंज वार्ड निवासी अक्कू के रूप में हुई है। स्थानीय रहवासियों ने पुलिस को बताया कि युवक सुबह करीब 5 बजे से ही काली मंदिर के आसपास घूम रहा था और हाथ में धारदार हथियार लेकर लोगों को डरा-धमका रहा था। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को वह परेशान कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने कुछ लोगों के साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की थी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। रहवासियों का कहना है कि युवक की हरकतों से लोग डरे हुए थे। कई लोगों ने उससे दूरी बनाकर रखी, जबकि कुछ लोगों ने उसे समझाने की कोशिश भी की। हालांकि कुछ देर बाद वही युवक मंदिर के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। उसके शरीर पर धारदार हथियार के वार के निशान पाए गए हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि किसी विवाद के दौरान उस पर हमला किया गया होगा। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक के साथ आखिर क्या हुआ। फिलहाल पुलिस घायल अक्कू के बयान दर्ज कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवक की हालत स्थिर होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक पर हमला किसने किया और इसके पीछे क्या वजह रही। मामले को लेकर आसपास के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।

रीवा सड़क हादसे में बड़ा नुकसान, पुलिस ने झपकी आने की आशंका जताई

मध्यप्रदेश । रीवा जिले में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। रीवा-सीधी रोड पर गहरी पकरा गांव के पास सीमेंट से भरा एक बल्कर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे आम के पेड़ से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बल्कर पलट गया और कुछ ही सेकंड में उसमें आग भड़क उठी। हादसे के वक्त ड्राइवर केबिन में ही फंस गया और बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और ड्राइवर जिंदा जल गया। जानकारी के मुताबिक बल्कर क्रमांक MP19 HA 6094 बरिगवां से सतना स्थित बिरला प्लांट की ओर जा रहा था। शुक्रवार रात करीब 2 बजे गहरी पकरा गांव के पास अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज रफ्तार बल्कर पहले सड़क किनारे पेड़ से टकराया और फिर पलटते ही उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास मौजूद लोग चाहकर भी ड्राइवर को बचा नहीं सके। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क से गुजर रहे लोगों ने तुरंत डायल-112 और गुढ़ थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एएसआई सुरेश साकेत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पुलिस ने किसी तरह जले हुए शव को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान सीधी जिले के सतोहरी धनहा गांव निवासी 36 वर्षीय ब्रिजेश गौतम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से ट्रांसपोर्ट लाइन में काम कर रहा था और हादसे के वक्त अकेला वाहन चला रहा था। पुलिस को आशंका है कि देर रात लगातार ड्राइविंग करने की वजह से ड्राइवर को झपकी आ गई होगी, जिसके कारण वाहन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गया। हादसे के चलते रीवा-सीधी रोड पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। सड़क पर बल्कर के जलने और धुएं के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। बाद में पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए यातायात बहाल कराया। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी तय करने वाले भारी वाहन चालकों की सुरक्षा और लगातार ड्राइविंग के खतरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात की थकान और झपकी कई बार ऐसे हादसों की वजह बनती है, जिनमें लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।

भारत बना भरोसेमंद ग्लोबल पार्टनर, युवाओं की ताकत और टेक्नोलॉजी से दुनिया प्रभावित: पीएम मोदी

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को 19वें रोजगार मेले के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित युवाओं को 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज तेजी से एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में उभर रहा है और दुनिया भारत की युवा शक्ति तथा तकनीकी क्षमता को लेकर बेहद उत्साहित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनना चाहती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है और इसका सबसे बड़ा लाभ देश के युवाओं को मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति और तकनीकी विकास नए रोजगार और अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने हालिया विदेश दौरे का उल्लेख करते हुए बताया कि विभिन्न देशों के नेताओं और वैश्विक कंपनियों के साथ हुई चर्चाओं में भारत के प्रति गहरा भरोसा देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा, उनकी क्षमता और देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को लेकर दुनिया में सकारात्मक माहौल बना है। उन्होंने बताया कि नीदरलैंड के साथ सेमीकंडक्टर, कृषि और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा रहा है। वहीं स्वीडन के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी पर सहमति बनी है। इसके अलावा नॉर्वे के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और मैरीटाइम सेक्टर में सहयोग को आगे बढ़ाया गया है। यूएई और इटली जैसे देशों के साथ ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां सीधे तौर पर भारत के युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार के नए अवसर पैदा करेंगी। उन्होंने सेमीकंडक्टर सेक्टर का उदाहरण देते हुए बताया कि वैश्विक स्तर की कंपनियां भारत की कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं, जिससे देश में नई तकनीक और रोजगार दोनों का विस्तार हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दशकों में क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेंगे और भारत इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगा। रोजगार मेले को लेकर उन्होंने कहा कि यह पहल देश में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब तक आयोजित 18 रोजगार मेलों के माध्यम से लगभग 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। 19वें रोजगार मेले का आयोजन देशभर के 47 स्थानों पर किया गया, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में सेवाएं प्रदान करने का अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा देश बन रहा है जो वैश्विक विकास का प्रमुख आधार बन सकता है। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत की प्रगति में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।

नस काटने के बाद भी नहीं मिला न्याय, युवक ने जहर खाकर दी जान देने की कोशिश

मध्यप्रदेश । रीवा में एक सरकारी शिक्षक द्वारा दो दिन के भीतर दूसरी बार आत्महत्या की कोशिश करने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अनिल कुमार तिवारी ने पहले अपनी कलाई की नस काटी और फिर कार्रवाई नहीं होने से निराश होकर जहर खा लिया। फिलहाल उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति नाजुक बता रहे हैं। होश आने पर पूछा- “क्या किसी ने मेरी फरियाद सुनी?”परिजनों के मुताबिक 21 मई को आत्महत्या की पहली कोशिश के बाद जब शिक्षक को होश आया तो उन्होंने सबसे पहले बेटे से पूछा कि क्या आरोपियों पर कोई कार्रवाई हुई? जब उन्हें पता चला कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, तो वे पूरी तरह टूट गए। बताया जा रहा है कि इसके बाद उन्होंने दोबारा जहरीला पदार्थ खा लिया। टीआई और पत्रकार पर लगाए गंभीर आरोपसीएम राइज स्कूल लालगांव में पदस्थ शिक्षक ने अपने पांच पन्नों के सुसाइड नोट में हितेंद्र शर्मा और निशांत मिश्रा उर्फ अंकित को अपनी दुर्दशा के लिए जिम्मेदार बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें फर्जी मामले में फंसाया गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनकी 28 साल की साफ-सुथरी नौकरी पर दाग लगाने की कोशिश की गई। सुसाइड नोट में उन्होंने कॉल डिटेल जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाई जाए। पेड़ काटने के विवाद से शुरू हुआ मामलाशिक्षक के बेटे के अनुसार पूरा विवाद एक हरे-भरे पेड़ को काटने से शुरू हुआ। आरोप है कि पड़ोसी परिवार ने उनकी जमीन पर लगा पेड़ काट दिया था। विरोध करने पर शिक्षक और परिवार को धमकियां दी गईं और बाद में पुलिस में मामला दर्ज करा दिया गया। परिजनों का कहना है कि इसी तनाव और अपमान के कारण शिक्षक मानसिक रूप से टूट गए। परिवार बोला- “अब पूरा सिस्टम जिम्मेदार”शिक्षक की बेटी ने भावुक बयान देते हुए कहा कि परिवार पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगाता रहा लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। उसने आरोप लगाया कि एक ईमानदार व्यक्ति को सिस्टम ने इतना प्रताड़ित किया कि उसने मौत का रास्ता चुन लिया। परिवार ने मामले की सीबीआई या उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।  पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाईइस मामले में गुरुकरण सिंह ने कहा कि परिवार की शिकायत मिली है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। रीवा का यह मामला केवल एक शिक्षक की आत्महत्या की कोशिश नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, पुलिस कार्रवाई और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर सवालों को भी सामने ला रहा है। अब सबकी नजर जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

350 एमसीएफटी पानी से उज्जैन को राहत, अधिकारियों ने किया डैम निरीक्षण

मध्यप्रदेश । भीषण गर्मी और जल संकट की खबरों के बीच उज्जैनवासियों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। शहर की प्यास बुझाने वाले गंभीर डैम में इस बार पर्याप्त जल भंडारण होने से नगर निगम ने नियमित जलप्रदाय का फैसला लिया है। शनिवार को अनिल जैन कालूहेड़ा, मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष कलावती यादव और निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने गंभीर डैम पहुंचकर जल स्थिति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने बताया कि डैम में वर्तमान में 350 एमसीएफटी पानी उपलब्ध है, जिससे शहर में नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी। डैम का जलस्तर संतोषजनकअधिकारियों के अनुसार गंभीर डैम का फुल टैंक लेवल 45.5 मीटर यानी 149.2 फीट है। मौजूदा जल भंडारण को देखते हुए इस बार शहर में पानी की किल्लत की संभावना कम मानी जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नगर निगम और पीएचई विभाग की टीम लगातार शहर में जलप्रदाय व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी इलाके में पेयजल संकट न हो। कुएं-बावड़ियों की सफाई भी जारीनिरीक्षण के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत शहर के कुएं, बावड़ियां और तालाबों की सफाई का काम भी जारी है। इन जल स्रोतों के पानी का उपयोग जरूरत पड़ने पर किया जा सकेगा। इसके अलावा जिन इलाकों में पानी की समस्या बनी हुई है, वहां बोरिंग, नलकूप और टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोरनगर निगम ने पार्षदों से अपने-अपने वार्डों में लोगों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए प्रेरित करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि वर्षा जल संग्रहण से भूमिगत जल स्तर बढ़ेगा और भविष्य में जल संकट की स्थिति कम होगी। जहां प्रदेश के कई शहर पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं उज्जैन में गंभीर डैम में पर्याप्त जल भंडारण ने राहत की उम्मीद जगाई है। नगर निगम का दावा है कि इस बार शहरवासियों को नियमित पानी सप्लाई दी जाएगी।

10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी: CNG 81 रुपये के पार, पेट्रोल-डीजल भी हुआ महंगा, ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर

नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली और एनसीआर में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। शनिवार को सीएनजी के दामों में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद नई कीमत 81 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गई है। यह पिछले कुछ दिनों में तीसरी बार है जब सीएनजी के रेट में बदलाव किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर सीधा असर देखने को मिल रहा है। Indraprastha Gas Limited के अनुसार दिल्ली में सीएनजी की नई कीमत 80.09 रुपये से बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में कीमतें और अधिक बढ़कर करीब 89.70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। गुरुग्राम में भी सीएनजी के दाम 86 रुपये से अधिक हो गए हैं। पिछले 10 दिनों में ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बार बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई को 2 रुपये और 17 मई को 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार हो रही इस वृद्धि ने ऑटो, टैक्सी और कमर्शियल वाहनों के संचालन पर दबाव बढ़ा दिया है। सीएनजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल में करीब 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब लगभग 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इस बढ़ोतरी का असर देश के अन्य बड़े शहरों में भी देखने को मिला है, जहां कोलकाता और मुंबई में भी ईंधन के दाम बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है। ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर अंततः रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों और महंगाई पर पड़ सकता है। वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद कीमतों को संतुलित रखने की कोशिश की जा रही है।

भीषण गर्मी में अस्पताल की बदहाल व्यवस्था, AC और सीलिंग फैन पड़े बंद

मध्यप्रदेश । उज्जैन में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के बीच संभाग के सबसे बड़े चरक अस्पताल की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में आ गई हैं। शहर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, लेकिन अस्पताल के कई वार्डों में मरीज केवल सीलिंग फैन के भरोसे इलाज कराने को मजबूर हैं। तेज गर्मी और उमस के कारण मरीजों और उनके परिजनों की हालत खराब हो रही है। कई वार्डों में पर्याप्त पंखे तक नहीं हैं, जिसके चलते कुछ मरीजों और अटेंडरों को फर्श पर लेटकर रात गुजारनी पड़ रही है। मरीजों के परिजन घर से ला रहे कूलर और पंखेस्थिति इतनी खराब हो गई कि मरीजों के परिजन अब अपने घरों से टेबल फैन और कूलर लाकर वार्डों में लगाने लगे हैं। अस्पताल के बच्चों, महिला और जनरल वार्ड में कई बेड के पास निजी कूलर और पंखे रखे दिखाई दिए। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की व्यवस्था गर्मी से राहत देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है, इसलिए मजबूरी में उन्हें अपने स्तर पर इंतजाम करना पड़ रहा है। प्रसूता और नवजात वार्ड में सबसे ज्यादा परेशानीसबसे ज्यादा परेशानी एसएनसीयू और मातृ कक्ष में देखने को मिली, जहां नवजात शिशुओं और उनकी माताओं को उमस और गर्मी झेलनी पड़ रही है। कई महिलाओं ने शिकायत की कि वार्ड में ना पर्याप्त ठंडक है और ना ही सही वेंटिलेशन, जिससे छोटे बच्चों की तबीयत बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। अस्पताल प्रबंधन का दावा- व्यवस्थाएं सुधारी जा रहींमामले पर अस्पताल प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि व्यवस्थाओं को सुधारने की कोशिश की जा रही है। सिविल सर्जन डॉ. पलसानिया के मुताबिक अस्पताल ने हाल ही में 25 नए कूलर खरीदे हैं, जिनमें से 15 को अलग-अलग वार्डों में लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिन वार्डों में एसी खराब हैं, वहां मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है और जरूरत के हिसाब से व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं।  निजी कूलर लगाने पर प्रबंधन ने झाड़ा पल्लाजब अस्पताल वार्डों में मरीजों के परिजनों द्वारा लगाए गए निजी कूलर और पंखों को लेकर सवाल पूछा गया, तो अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी होने से इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल की तरफ से किसी को निजी उपकरण लगाने की अनुमति नहीं दी गई है।

फेसबुक-इंस्टाग्राम पर इलाज करने वाले फर्जी डॉक्टर पर बड़ी कार्रवाई, 8 क्लिनिक भी जांच के घेरे में

मध्यप्रदेश । उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जहां एक कथित डॉक्टर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Facebook और Instagram के जरिए मरीजों का इलाज और सलाह दे रहा था। जांच के दौरान टीम ने अस्पताल को सील कर दिया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद वह फिर से खोल दिया गया। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा मौके पर पहुंची और अस्पताल को फिर से सील कर दिया। होम्योपैथिक/आयुर्वेदिक डिग्री पर एलोपैथिक इलाज का आरोपजांच में सामने आया कि संबंधित डॉक्टर के पास होम्योपैथिक या आयुर्वेदिक डिग्री थी, लेकिन वह मरीजों का एलोपैथिक इलाज कर रहा था। साथ ही अस्पताल से बड़ी मात्रा में अमानक दवाइयां भी बरामद की गईं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टर बिना वैध अनुमति और रजिस्ट्रेशन के इलाज कर रहा था और सोशल मीडिया के जरिए भी मरीजों को परामर्श देता था।  8 क्लिनिक और कई संस्थानों पर भी कार्रवाईस्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़नगर और आसपास के क्षेत्रों में करीब एक दर्जन से अधिक संस्थानों की जांच की। इस दौरान अनियमितताएं मिलने पर 8 क्लिनिक, एक पैथोलॉजी लैब, एक मेडिकल स्टोर और एक निजी अस्पताल को सील किया गया। सील किए गए प्रमुख संस्थानों में आरोग्यम क्लीनिक, वेदांता अस्पताल, देवकमल पॉली क्लीनिक, विशेष पैथोलॉजी, जय अम्बे पॉली क्लीनिक सहित कई नाम शामिल हैं। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाईकार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही। कुछ जगहों पर प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे और जांच प्रक्रिया को पूरा किया गया। यह मामला साफ दिखाता है कि बिना मान्यता और रजिस्ट्रेशन के चल रहे क्लिनिक और सोशल मीडिया के जरिए इलाज करने वाले फर्जी प्रैक्टिस सिस्टम के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं, जिस पर अब प्रशासन सख्ती बढ़ा रहा है।