CM Mohan Yadav Instruction: नक्सलवाद की तरह कुपोषण का करें सफाया, CM ने दिए महिला बाल विकास को निर्देश

CM Mohan Yadav Instruction:भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि जिस तरह नक्सलवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाकर कार्रवाई की गई थी। उसी तरह कुपोषण को खत्म करने के लिए भी सभी विभागों को मिलकर काम करना चाहिए। इसी कड़ी में उन्होंने महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग को समन्वय के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। 4 विकेट और 102 का औसत, IPL 2026 में नहीं चला बुमराह का जादू जनभागीदारी और जवाबदेही पर जोर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पोषण सुधार के काम में स्कूल, पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। अच्छा काम करने वालों को मिलेगा सम्मान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जो कर्मचारी और अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं, उन्हें सम्मानित किया जायेगा। वहीं काम में लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को सही से काम करने पर जोर दिया गया ताकि योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके। विदेशी सितारों का दबदबा, IPL 2026 में इन खिलाड़ियों ने मचाया धमाल 66 हजार से ज्यादा बच्चों को मिली मदद बैठक में बताया गया कि प्रदेश के कई जिलों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए महिलाओं और बच्चों को मदद दी जा रही है। बताया जा रहा है कि चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 66 हजार से अधिक बच्चों को मदद पहुंचाई गई है। सूरत नवजात केस: तीसरी बार प्रेग्नेंट होने पर महिला ने नवजात को फेंका, CCTV से पहुंची पुलिस तक सच्चाई कई योजनाओं में मध्यप्रदेश आगे प्रदेश में 12 हजार 670 मिनी आंगनवाड़ियों को मुख्य आंगनवाड़ी में बदला गया है। वहीं लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी और प्रधानमंत्री मातृ वंदना जैसी योजनाओं के जरिए करोड़ों महिलाओं और बालिकाओं को आर्थिक सहायता के साथ साथ कई लाभ पहुँचाए जा रहे हैं।
BJP vs Congress MP: जीतू पटवारी पर बीजेपी का पलटवार, ‘मुंगेरीलाल’ कहकर साधा निशाना

HIGHLIGHTS: बीजेपी का पटवारी पर तीखा हमला ‘मुंगेरीलाल’ बयान से बढ़ा विवाद पुराने बयानों पर BJP का पलटवार CM टिप्पणी पर गरमाई सियासत बीजेपी-कांग्रेस में जुबानी जंग तेज BJP vs Congress MP: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवादों में आ गई है, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी के प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक सुयश त्यागी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पटवारी को घेरा। उन्होंने कांग्रेस नेता को ‘मुंगेरीलाल’ कहकर संबोधित किया और उनके पुराने बयानों और राजनीतिक टिप्पणियों पर सवाल उठाए हैं। 1 जून से बदलेंगे कई नियम, यूपीआई-ATM और टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ी सियासी गर्मी सुयश त्यागी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जीतू पटवारी को अब राजनीतिक मर्यादा की याद आ रही है, जबकि पहले उन्होंने कई नेताओं और सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के लिए विवादित टिप्पणियां की थीं। बीजेपी नेता ने लिखा – जब 2018 के किसान आंदोलन में किसानों को ‘अरे आई जाओ रे तमारी जीजी की तमारी’ कह कर बुलाया था तब गरिमा याद नहीं आई? बीजेपी नेता ने लिखा -पूर्व मंत्री इमरती देवी को जब कहा था कि ‘अब इमरती देवी में वो रस नही बचा ‘ तब ये आंसू कहाँ थे ? बीजेपी नेता ने लिखा -तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जब कमलनाथ के पैरों की धूल कहा तब तो रोना नही आया न जीतू भैया ? बीजेपी नेता ने कई प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर पटवारी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। मई में ऑटो सेक्टर की रफ्तार तेज, हुंडई और महिंद्रा ने दर्ज की मजबूत बिक्री वृद्धि मुख्यमंत्री पर टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद दरअसल यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेकर टिपणी की थी। पटवारी ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ने उनके लिए “रद्दी” और “दो कौड़ी का” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विपक्षी नेता के लिए ऐसी भाषा का उपयोग किया जाता है तो यह मर्यादा नहीं है। जीतू पटवारी – मैं कभी CM के लिए अमर्यादित भाषा नहीं बोलूंगा विवाद के बीच जीतू पटवारी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के लिए कभी भी अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करेंगे। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को पहले अपने नेताओं के पुराने बयानों पर आत्मचिंतन करना चाहिए। फिलहाल दोनों दलों के बीच बढ़ती बयानबाजी ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ सकता है। मुंगेरीलाल को रोना आ गया , आये भी क्यों ना,इस बार जवाब उसी भाषा मे मिला जिस भाषा में मुंगेरीलाल को जवाब चाहिए था। प्रदेश अध्यक्ष को गरिमा का तब याद नहीं आया जब उन्होंने ‘ ख़ुद की पार्टी को तेल लेने भेज दिया था ‘ तब गरिमा नही तार तार हुई थी क्या जब 2018 के किसान आंदोलन में… https://t.co/j7VVszlpAY — Suyash Tyagi (@SuyashTyagiBJP) June 1, 2026
CM MOHAN YADAV STATEMENT: बहनों के तलाक रोकने के लिए जरूरी है UCC; सीएम बोले-एमपी में लागू होगी समान नागरिक संहिता

HIGHLIGHTS: मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा एलान मध्यप्रदेश में लागू होगी समान नागरिक संहिता विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों से लेंगे सुझाव महिलाओं को मिलेगा अधिक संरक्षण विशेषज्ञों की समिति कर रही अध्ययन CM MOHAN YADAV STATEMENT: मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जल्द ही इस दिशा में बड़ा कदम उठाएगी। इसके लिए गठित समिति विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों से सुझाव प्राप्त कर रही है। साथ ही सरकार ने सुझावों के लिए एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की है, जहां नागरिक अपने विचार दर्ज कर सकते हैं। क्या है समान नागरिक संहिता का उद्देश्य? भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों से जुड़े नियम अलग-अलग धार्मिक व्यवस्थाओं के अनुसार संचालित होते हैं। ऐसे में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समान नागरिक संहिता लागू करने निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर जल्दबाजी में नहीं है, बल्कि व्यापक विचार-विमर्श और सभी वर्गों की राय लेकर आगे बढ़ रही है। शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा कदम: मंत्रिमंडल विस्तार से राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत महिलाओं के लिए आवश्यक मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े मामलों में UCC महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया तलाक जैसे मामलों में महिलाओं को समान अधिकार और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कानून मददगार साबित होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बहनों को न्याय दिलाने और पारिवारिक विवादों में समानता लाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। विशेषज्ञों की समिति कर रही अध्ययन डॉ. मोहन यादव ने बताया कि UCC के अध्ययन और सुझावों के लिए गठित समिति में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, विधि विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के जानकार लोगों को शामिल किया गया है। समिति समाज के अलग-अलग वर्गों से संवाद कर उनसे सुझाव मांगेगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मधुर भंडारकर और जय भानुशाली, भक्ति में डूबे नजर आए सितारे अन्य राज्यों के मॉडल का भी अध्ययन मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों ने समान नागरिक संहिता की दिशा में पहल की है। मध्य प्रदेश भी इन राज्यों के अनुभवों और विभिन्न कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश UCC लागू करने के लिए सबसे उपयुक्त राज्यों में से एक है। जनता से सुझाव देने की अपील मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सरकार द्वारा शुरू की गई वेबसाइट के माध्यम से अपने सुझाव अवश्य दें। उन्होंने कहा कि सरकार जनभागीदारी के साथ इस महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय लेना चाहती है, ताकि समाज के सभी वर्गों की भावनाओं का ध्यान रखा जा सके। ईरान-डील विवाद के बीच ट्रंप का सख्त रुख: डेमोक्रेट्स पर निशाना, कहा- बातचीत में बाधा डालना बंद करें तेजी से आगे बढ़ रही प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। सुझावों और अध्ययन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। उनका कहना है कि UCC प्रदेश में समानता, न्याय और महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती देगा। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार जनहित, सुशासन और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।#UCC के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्चस्तरीय… pic.twitter.com/mWmITXP8QK — Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) June 1, 2026
BJP MLA PANNALAL CONTROVERSY: अपनी ही पार्टी के मंत्रियों को घेरना पड़ा भरी; भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य की बढ़ सकती हैं मुश्किलें!

BJP MLA PANNALAL CONTROVERSY: गुना। गुना में बिजली कटौती को लेकर अपनी ही सरकार के मंत्रियों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने वाले भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य अब बड़ी परेशानी में पड़ने वाले हैं। उनके इस बर्ताव के चलते वह पार्टी संगठन के निशाने पर आ गए हैं। उनके बयानों को लेकर भाजपा ने सख्त रुख अपनाया है और मामले की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेज दी गई है। ऐसे में विधायक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। दरअसल गुना में लगातार हो रही बिजली कटौती और बिजली व्यवस्था को लेकर भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने हाल ही में अपनी ही सरकार के दो मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर खुलकर निशाना साधा था। सीएम के तीखे हमले के बाद कांग्रेस आक्रामक, पटवारी ने कहा- घृणा का जवाब घृणा नहीं पार्टी अनुशासन के खिलाफ बयानबाजी स्वीकार नहीं भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने विधायक के बयानों को पार्टी अनुशासन के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी मंत्री, विधायक या पदाधिकारी को सार्वजनिक रूप से अपनी ही सरकार पर टिप्पणी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि को कोई शिकायत है तो उसके लिए पार्टी के भीतर उचित व्यवस्था मौजूद है। अपनी ही सरकार के मंत्रियों को नाकारा बताना उचित नहीं है और संगठन इस मामले को गंभीरता से देख रहा है। महंगी हुई रसोई की आग: भोपाल में ₹3116 और ग्वालियर में ₹3338 पहुंचा कमर्शियल LPG सिलेंडर आप नेता ममता मीना ने किया समर्थन इसी बीच आम आदमी पार्टी की नेता और पूर्व विधायक ममता मीना पन्नालाल शाक्य के समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि विधायक ने जनता और किसानों की समस्याओं को उठाने का काम किया है। प्रदेश में भीषण गर्मी के दौरान लंबे समय तक बिजली कटौती हो रही है और ऐसे में जनप्रतिनिधियों का जनता की आवाज बनना जरुरी है। ममता मीना ने ऊर्जा मंत्री की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा की खंबे पर चढ़ना और नालियों में उतरना केवल एक दिखावा है। साथ ही उन्होंने भाजपा के भीतर नई भाजपा बनाम पुरानी भाजपा की बहस को भी हवा दी। उनका आरोप है कि पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
GUNA BJP MLA: BJP विधायक का अपनी ही सरकार पर हमला, बोले- दिखावे से नहीं काम से चलेगी सरकार

HIGHLIGHTS: भाजपा विधायक का अपनी ही सरकार पर हमला ऊर्जा मंत्री को बताया नाकारा प्रभारी मंत्री पर भी लगाए आरोप बिजली कटौती को लेकर अधिकारियों का घेराव CM से मंत्री हटाने की मांग की बात GUNA BJP MLA: मध्यप्रदेश। गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने बिजली कटौती और खराब व्यवस्थाओं को लेकर अपनी ही सरकार के मंत्रियों पर तीखा हमला बोला है। स्थानीय लोगों की शिकायतों के साथ बिजली कंपनी के दफ्तर पहुंचे विधायक ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। पीएम मोदी से मुलाकात समेत कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे म्यांमार राष्ट्रपति, व्यापार सहयोग पर रहेगा जोर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह पर साधा निशाना विधायक शाक्य ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को दिखावा नहीं, काम चाहिए। पन्नालाल शाक्य – यहां मंत्री कभी बिजली के खंभे पर चढ़ते हैं तो कभी नालियों में उतरते दिखाई देते हैं। लेकिन इससे समस्याओं का समाधान नहीं होता। पन्नालाल शाक्य – कोई इनको बताओ की सरकार दिखावा नहीं बल्कि काम चाहती है पन्नालाल शाक्य – मुख्यमंत्री से मिलकर ऐसे “नाकारा” मंत्री को हटाने का अनुरोध करेंगे जो सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। 200MP कैमरा और अगली पीढ़ी का प्रोसेसर, OnePlus 16 को लेकर सामने आई बड़ी जानकारी प्रभारी मंत्री पर भी जताई नाराजगी पन्नालाल शाक्य ने जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी मंत्री खुद को “महाराजा” ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी बड़ा समझते हैं। विधायक ने दावा किया कि एक कार्यक्रम के दौरान हवाई पट्टी पर उन्हें धक्का देकर किनारे किया गया था, जिससे वे आहत हुए। शाक्य ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा। पन्नालाल शाक्य – हवाई पट्टी कार्यक्रम के दौरान पर प्रभारी मंत्री ने मुझे “चलो हटो” कहकर किनारे कर दिया था। पन्नालाल शाक्य – मैं किसी कि मेहरबानी से नहीं जीता हूँ, बल्कि लोगों ने मुझे वोट देकर चुना है। सरकारी नौकरी अलर्ट: DRDO-RAC ने निकाली साइंटिस्ट भर्ती, 19 जून तक करें आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया अधिकारियों को दी चेतावनी विधायक ने कहा कि बिजली व्यवस्था की खामियों के कारण सरकार की बदनामी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। शाक्य ने साफ कहा कि जो लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं, उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
CM mini bus journey: हेलीकॉप्टर छोड़ मिनी बस से उज्जैन पहुंचे CM मोहन यादव

CM mini bus journey: उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर ऊर्जा और ईंधन बचने का संदेश दिया है, जहां उन्होंने हेलीकॉप्टर की जगह मिनी बस में इंदौर से उज्जैन तक का सफर तय किया। दरअसल मुख्यमंत्री भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत आयोजित जिला प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने उज्जैन पहुंचे थे। बता दें कि इस मौके पर उनके साथ जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट समेत कई जनप्रतिनिधि भी बस में मौजूद रहे। 200 कार्यकर्ता पहुंचे प्रशिक्षण वर्ग उज्जैन के राजाराम रिसॉर्ट में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में करीब 200 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इसमें सांसद, विधायक, जिला पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष, मंडल प्रभारी, प्रकोष्ठ संयोजक और प्रदेश समिति के सदस्य शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 28 मई को हुआ और समापन 29 मई को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में होगा। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन, विचारधारा और जनसंपर्क से जुड़ी कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण देना है। सीएम बनने से पहले डीके शिवकुमार को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी विदेश यात्रा की मंजूरी PM मोदी की अपील का असर मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम मोहन यादव ने बताया कि ये सब प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर है। उन्होंने कहा कि पीएम लगातार देशवासियों को ईंधन और ऊर्जा बचाने का संदेश दे रहे हैं। पीएम की इसी सोच से प्रेरित होकर उन्होंने हेलीकॉप्टर की बजाए बस से सफर करना उचित समझा। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है और जनप्रतिनिधियों को खुद उदाहरण पेश करना चाहिए। अब 100, 101, 108 नहीं… इमरजेंसी में सिर्फ 112 करेगा मदद, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश कार्यकर्ताओं को दिया संगठन मजबूती मंत्र मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा इस समय दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में कार्य कर रही है, क्योंकि इसके कार्यकर्ता विचारधारा से जुड़े हैं और जनसेवा के लिए समर्पित हैं। प्रदेशभर में मंडल और जिला स्तर पर चल रहे प्रशिक्षण वर्गों का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति सिखाना है। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत होता है।
Sanchi To Mongolia: CM मोहन यादव बोले- सांची की विरासत अब दुनिया तक पहुंचेगी, मंगोलिया रवाना हुए बुद्ध के पवित्र अवशेष

HIGHLIGHTS: CM मोहन यादव ने बताया ऐतिहासिक कदम सांची से मंगोलिया रवाना हुए पवित्र अवशेष बुद्ध के शिष्यों के होंगे सार्वजनिक दर्शन भारत-मंगोलिया रिश्तों को मिलेगी मजबूती बौद्ध पर्यटन को मिलेगा वैश्विक बढ़ावा Sanchi To Mongolia: भोपाल। मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर सांची स्तूप से भगवान बुद्ध के परम शिष्यों सारिपुत्र और महामोग्गलान के पवित्र अवशेष अब मंगोलिया की धरती तक पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे भारत की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक शक्ति का एक ऐतिहासिक पल बताया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुई यह यात्रा भारत और मंगोलिया के रिश्तों को नई मजबूत करेगी। CM मोहन यादव ने बताया कि 29 मई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में इन पवित्र अवशेषों को सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 30 मई को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से इन्हें मंगोलिया रवाना किया जाएगा, जहां 31 मई से एक महीने तक श्रद्धालु इनके दर्शन कर सकेंगे। GUNA VIRAL VIDEO: ससुराल विवाद के बाद मोबाइल टावर पर चढ़ी विवाहिता, गुना में 3 घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा बौद्ध सर्किट को मिलेगी वैश्विक पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे मध्यप्रदेश के बौद्ध सर्किट को वैश्विक पहचान मिलेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार लगातार सांची और उसके आसपास के बौद्ध स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। जिपं CEO के आदेश पर जनपद CEO की ‘कैंची’! 10 महीने से अधिकारों के लिए भटक रहीं उप सरपंच दुनिया के महत्वपूर्ण बौद्ध केंद्रों में से एक CM ने कहा कि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची स्तूप दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध केंद्रों में से एक है। यह यात्रा मध्यप्रदेश की संस्कृति, विरासत और आध्यात्मिक गौरव को दुनिया तक पहुंचाने का बड़ा माध्यम बनेगी।
MP BJP Leader Assault: BJP जिला कोषाध्यक्ष समेत 4 पर केस दर्ज, मारपीट करने का आरोप

HIGHLIGHTS: BJP जिला कोषाध्यक्ष समेत 4 पर केस दर्ज पूर्व विधायक के ड्राइवर से मारपीट का आरोप एससी-एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में मामला गाड़ी हटाने की बात पर हुआ विवाद CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू MP BJP Leader Assault: मध्यप्रदेश। श्योपुर में भाजपा कोषाध्यक्ष सुमित सिंघल सहित चार लोगों के खिलाफ मारपीट और गली गलौच करने का मामला सामने आया है, जिसको लेकर इन सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिए गया है। यह घटना शहर के सोना लॉज के सामने की बताई जा रही है, मामले को लेकर पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, विकास कार्यों पर लिया मार्गदर्शन BJP के पूर्व विधायक के ड्राइवर से मारपीट पुलिस के अनुसार जयप्रकाश उर्फ जे.पी. आर्य ने यह रिपोर्ट दर्ज कराई, जो गांधीनगर वार्ड क्रमांक 12 का निवासी है। बता दें कि जयप्रकाश भाजपा के पूर्व विधायक के ड्राइवर है। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे वे सोना लॉज के सामने अपनी फोर व्हीलर गाड़ी बैक कर रहे थे। तभी वहां सुमित सिंघल, राजू सिंघल और आशीष सिंघल अचानक अपनी कार लेकर आ गए और जयप्रकाश की गाड़ी के पीछे अपना वाहन खड़ा कर दिया। ड्राइवर ने जब गाड़ी हटाने को कहा तो आरोपी आक्रोशित हो गए और उन्होंने जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां देने लगे। इस दौरान उनके साथ मारपीट भी की गयी। IIM Mumbai Recruitment 2026: मैनेजमेंट ट्रेनी के लिए वैकेंसी, जानें योग्यता और सैलरी जान मारने की भी दी धमकी जयप्रकाश का कहना है कि जब वह जान बचने के लिए सोना लॉज की तरफ भागे तो वहां मौजूद अन्नू गुर्जर और अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। जिसके बाद आरोपियों ने उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी। फरियादी के अनुसार पूरी वारदात पास के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने देर रात मामला दर्ज कर जांच एसआई कमलेंद्र सिंह कुशवाह को सौंप दी है।
Ganga Dussehra 2026: शिप्रा के शुद्ध जल से होगा सिंहस्थ स्नान, उज्जैन में CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

HIGHLIGHTS: CM मोहन यादव बोले- शुद्ध शिप्रा जल से होगा सिंहस्थ स्नान पहले नर्मदा-शिप्रा लिंक से लाया जाता था पानी रामघाट पर मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित मैथिली ठाकुर की भजन संध्या बनी आकर्षण का केंद्र विक्रमोत्सव 2026 के लिए CM को गोल्ड और सिल्वर अवॉर्ड मिला Ganga Dussehra 2026: मध्यप्रदेश। उज्जैन में गंगा दशहरा के अवसर पर मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का भव्य समापन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित कर पूजा-अर्चना की। बता दें कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं को शिप्रा के शुद्ध जल से स्नान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल संरक्षण और घाटों के विकास पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। साथ ही शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर 30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण भी कराया जा रहा है। पहले लाया जाता था नर्मदा का पानी दरअसल, पिछले सिंहस्थ और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान शिप्रा नदी में पानी की कमी होने पर नर्मदा नदी का पानी पाइपलाइन के जरिए उज्जैन लाया गया था। यह काम नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना के तहत किया गया था, ताकि घाटों पर जलस्तर बना रहे और श्रद्धालुओं को स्नान में परेशानी न हो। हालांकि उस समय विपक्ष और कई संतों ने सवाल उठाए थे कि सिंहस्थ में स्नान प्राकृतिक शिप्रा जल से ही होना चाहिए न कि दूसरी नदी के पानी से। ऐसे में CM मोहन यादव का यह बयान अहम माना जा रहा है। बकरीद का अवकाश 27 या 28 मई को…. जानिए किस दिन रहेगी बैंक की छुट्टी? रामघाट पर मैथिली ठाकुर के भजनों ने बांधा समां गंगा दशहरा के मौके पर रामघाट पर श्रद्धालुओं भरी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने दीपदान कर मां शिप्रा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। साथ ही कार्यक्रम में भारतीय नौसेना ने बैंड की प्रस्तुति भी की। वहीं भाजपा विधायक और लोक गायिका मैथिलि ठाकुर की भजन संध्या ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। उनके साथ कई लोक कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां दीं जिससे आयोजन में सांस्कृतिक रंग देखने को मिले। CM को मिला राष्ट्रीय सम्मान मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा सोमवार से शुरू हुई थी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा रामघाट से शुरू होकर कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम और भर्तृहरि गुफा जैसे धार्मिक स्थलों से होकर निकली गयी। इसी दौरान विक्रमोत्सव 2026 के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को कल्चरल लाइव इवेंट ऑफ द ईयर से गोल्ड अवॉर्ड और बेस्ट गवर्नमेंट इंटीग्रेशन फॉर ए लाइव इवेंट से सिल्वर अवॉर्ड के साथ सम्मानित किया गया।
Gwalior BJP leader attack: भाजपा नेता को दी जान से मरने की धमकी, राजीनामे के दबाव में मारपीट

HIGHLIGHTS: डबरा तहसील परिसर में भाजपा नेता अमरीश शर्मा पर हमला पुराने जमीन विवाद में राजीनामे का दबाव बनाने का आरोप मारपीट में घायल नेता को ग्वालियर रेफर किया गया दूसरे पक्ष ने भी भाजपा नेता पर हमला करने का आरोप लगाया पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत लेकर जांच शुरू की Gwalior BJP leader attack: ग्वालियर। डबरा तहसील से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है जहां भाजपा नेता अमरीश र्शमा के लाथ गाली-गलौच और मारपीट करने को मामलो सामने आया है। बता दें की अमरीश कुछ काम के सिलसिले में तहसील पहुंचे थे, इसी दौरान राशिद अली और मुकेश जाट ने उन्हें पुराने जमीन विवाद के मामले में राजीनामा करने का दबाव बनाया। लेकिन जब भाजपा नेता ने समझौता करने से मना कर दिया तो विवाद बढ़ गया औक मारपीट शुरु हो गई। नौतपा का प्रचंड असर शुरू: इन बीमारियों से जूझ रहे लोग रहें अलर्ट, लापरवाही पड़ सकती है भारी हमले में आई गंभीर चोट हमले में भाजपा नेता अमरीश शर्मा को सिर पर गंभीर चोट आई मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक युवक भाजपा नेता को थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है। घटना के बाद समर्थकों में नाराजगी देखी गई और पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। ओवर-स्किनकेयर सिंड्रोम क्या है? जानिए कैसे बिगड़ सकती है आपकी स्किन पुलिस के किया मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी राशिद अली और मुकेश जाट के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं दूसरे पक्ष से राशिद अली भी थाने पहुंचा और भाजपा नेता पर हमला कर सिर फोड़ने का आरोप लगाया। पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराकर शिकायत जांच में शामिल कर ली है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान और वीडियो फुटेज के आधार पर जांच कर रही है। आज शेयर बाजार में दिख सकती है उतार-चढ़ाव भरी चाल, आईटी और बैंकिंग शेयरों पर रहेगी नजर जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच पुराना जमीन विवाद चल रहा था। एक सप्ताह पहले भी पिछोर थाना क्षेत्र में भाजपा नेता पर गोलीबारी की घटना हुई थी, जिसमें पुलिस ने चार आरोपियों पर मामला दर्ज कर तीन को गिरफ्तार किया था। माना जा रहा है कि मौजूदा विवाद भी उसी जमीन मामले से जुड़ा हो सकता है। फ़िलहाल पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।