HIGHLIGHTS:
- 2 साल की बच्ची को 1 लाख में बेचा
- स्वास्थ्य केंद्र की कर्मचारी निकली मास्टरमाइंड
- पैसों के विवाद में सड़क किनारे छोड़ी बच्ची
- 7 आरोपी गिरफ्तार, गिरोह का खुलासा
- एक और बच्ची को पुलिस ने छुड़ाया
CHILD TRAFFICKING CASE: मध्यप्रदेश। श्योपुर में हाईवे पर मिली 2 साल की लावारिस बच्ची के मामले बड़ा एंगल सामने आया है। जहां 18 अप्रैल को सोईखुर्द के पास मिली बच्ची की जांच करते हुए पुलिस को बच्चा बेचने वाले गिरोह का पता चला। मामले में मुख्य आरोपी काजल पटेल समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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1 लाख में बेची बच्ची
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बच्ची को करीब 1 लाख रुपये में बेच दिया था। लेकिन पैसों के बंटवारे को लेकर आपस में विवाद हो गया, जिसके बाद आरोपियों ने बच्ची को सड़क किनारे छोड़ दिया और फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिये आरोपियों की तलाश की।
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झांसे में लेकर माता-पिता से ली बच्ची
मुख्य आरोपी काजल पटेल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के डिलीवरी विभाग में कार्यरत है। उसने बच्ची के माता-पिता को यह कहकर बहलाया कि वे उसकी सही परवरिश नहीं कर पाएंगे, इसलिए किसी अच्छे परिवार को सौंप देना बेहतर होगा। माता-पिता उसकी बातों में आ गए और बच्ची उसे सौंप दी, जिसके बाद उसका सौदा कर दिया गया।
एक और बच्ची बरामद, जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के पास से डेढ़ साल की एक और बच्ची को छुड़ाया है, जिसका फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी बनाया गया था। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि उन्होंने और कितने बच्चों की खरीद-फरोख्त की है। साथ ही बच्ची के असली माता-पिता की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है।