HIGHLIGHTS :
- कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई, सैकड़ों लोग पहुंचे
- अतिक्रमण और जमीन विवाद के सबसे ज्यादा मामले
- मंदिर भूमि और सीमांकन को लेकर भी शिकायतें
- योजनाओं का लाभ न मिलने पर लोगों ने जताई नाराजगी
- कलेक्टर ने विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए

DATIYA COLLECTOR’S HEARING: ग्वालियर। दतिया कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े और एएसपी सूरज वर्मा ने एक-एक आवेदक की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों की भरमार रही।
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अतिक्रमण और जमीन विवाद सबसे बड़ी समस्या
जनसुनवाई में अतिक्रमण, जमीन विवाद, सीमांकन और मंदिर संपत्ति पर कब्जे से जुड़े कई मामले सामने आए। बता दें कि खलकापुरा के एक निवासी ने आरोप लगाया कि नजूल न्यायालय के आदेश के बावजूद 20 महीनों से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उन्होंने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
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मंदिर भूमि और धमकी के मामले भी पहुंचे
हेतमपुरा गांव के ग्रामीणों ने महादेव मंदिर की 84 बीघा जमीन पर कब्जे की शिकायत की, जिससे धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। वहीं, इंदरगढ़ के एक व्यक्ति ने नाबालिग शादी रुकवाने के बाद जान से मारने की धमकियां मिलने का आरोप लगाया। साथ ही भांडेर के एक मामले में राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकारी जमीन बेचने की शिकायत भी सामने आई।
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सीमांकन और योजनाओं से वंचित लोग परेशान
सेवनी गांव के एक आवेदक ने जमीन का सीमांकन न होने और कब्जे की शिकायत की, जबकि सेवढ़ा क्षेत्र के किसान ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ न मिलने की बात कही। अटरा गांव में साझा भूमि पर कब्जे का मामला भी उठाया गया। प्रशासन ने सभी मामलों की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।