MP Nasha Mukti Abhiyan: भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए नशा मुक्ति अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा है कि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे लोगों और गिरोहों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने भोपाल के रवींद्र भवन में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान की शुरुआत की। यह अभियान पूरे प्रदेश में 15 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाया जाएगा।
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‘नशा मुक्त मध्य प्रदेश’ बनाने का लक्ष्य
इस दौरान सीएम ने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। जिस तरह प्रदेश से नक्सलवाद का सफाया हुआ है उसी तरह नशे को भी नियंत्रित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 19 धार्मिक स्थलों के आसपास शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं को भी नशा मुक्ति अभियान से जोड़ा जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जागरूकता पहुंच सके।
नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास पर भी जोर
सरकार का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ नशे के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को इसके नुकसान के प्रति जागरूक करना और नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास में भी मदद करना है। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।