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Weather Update: ग्वालियर में चढ़ा पारा, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी!

GWALIOR WEATHER

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा अगले 24 घंटे में 2-3 डिग्री और बढ़ने की संभावना पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म, गर्म हवाएं सक्रिय अप्रैल में शहर में रहती है सबसे अधिक गर्मी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की दी सलाह Weather Update:  मध्यप्रदेश। ग्वालियर में अप्रैल की शुरुआत में हुई बारिश और ओलावृष्टि से मिली राहत अब खत्म हो चुकी है। मौसम ने फिर से गर्म रुख अपना लिया है। रविवार को अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो करीब आठ दिनों बाद 36 डिग्री के पार पहुंचा। वहीं सोमवार को न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। महिलाओं को संसद-विधानसभाओं में तत्काल 33% आरक्षण देने की मांग… SC में आज होगी सुनवाई अगले 24 घंटे में और चढ़ेगा पारा मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 24 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी धीरे-धीरे बढ़ेगा, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी का एहसास होगा। दिन के समय गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। Aaj Ka Rashifal: सप्ताह की शुरुआत में किसकी चमकेगी किस्मत, किसे होगा नुकसान पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म, बदला मौसम का मिजाज मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के दिनों में पश्चिमी विक्षोभ और नमी के कारण तापमान में गिरावट आई थी। अब यह प्रभाव समाप्त हो गया है और पश्चिमी हवाएं सक्रिय हो गई हैं, जिससे तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री का TMC पर विकास और खर्च को लेकर हमला.. अप्रैल में ग्वालियर का अलग रहता है गर्मी का ट्रेंड ग्वालियर में अप्रैल का मौसम अन्य शहरों की तुलना में अधिक गर्म रहता है। पिछले 10 वर्षों में यहां तापमान कई बार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार, 28 अप्रैल 1958 को यहां अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सीहोर के आष्टा में सीएम का बड़ा कार्यक्रम छात्राओं से संवाद लाड़ली बहना योजना की राशि ट्रांसफर गर्मी से बचाव के लिए बरतें सावधानी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। लू से बचाव के लिए बाहर निकलते समय सिर को ढकना भी जरूरी है।

OUTSOURCE STAFF PROTEST : आधा वेतन मिलने पर विरोध; शिवपुरी में आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन

OUTSOURCE STAFF PROTEST

HIGHLIGHTS: 400 आउटसोर्स कर्मचारियों ने काम बंद किया आधे वेतन मिलने का लगाया आरोप कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा पीएफ और बीमा सुविधाओं की मांग प्रशासन ने समाधान का आश्वासन दिया   OUTSOURCE STAFF PROTEST : शिवपुरी। जिले में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत लगभग 400 आउटसोर्स कर्मचारियों ने कम वेतन मिलने के विरोध में काम बंद कर दिया। शुक्रवार को सभी कर्मचारी जिला मुख्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित वेतन का केवल आधा ही भुगतान किया जा रहा है। MP IAS transfer : मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर आधा वेतन मिलने का आरोप कर्मचारियों ने बताया कि वे उप स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें प्रति माह केवल 7,000 रुपये वेतन दिया जा रहा है, जबकि शासन द्वारा कंपनी को लगभग 14,250 रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है। जिसपर कर्मचारियों का कहना है कि यह उनके साथ सीधा अन्याय है। Madhya Pradesh Congress : एमपी कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की बड़ी परीक्षा: 15 अप्रैल से परफॉर्मेंस रिव्यू, कमजोर पाए गए तो हो सकती है छुट्टी सुविधाओं के अभाव से बढ़ी परेशानी कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। अन्य जिलों में कर्मचारियों को पूरा वेतन और सुविधाएं मिल रही हैं, जबकि शिवपुरी में उन्हें इससे वंचित रखा जा रहा है, जिससे आर्थिक समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। Dewas crime news : डॉक्टर ने जताया जान का खतरा, पुलिस से मांगी सुरक्षा, आरोपी सलाखों के पीछे! प्रशासन ने समाधान का दिया आश्वासन जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषेश्वर ने बताया कि विभाग द्वारा आउटसोर्स कंपनी को पूरा भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा बिना सूचना के काम बंद किया गया है, लेकिन कंपनी से चर्चा कर जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।  

Datia Farmers Distress : दतिया में ओलावृष्टि का कहर, 42 गांवों में जलभराव से गेहूं की फसल सड़कर नष्ट

Datia Farmers Distress

HIGHLIGHTS: दतिया के 42 गांवों में गेहूं फसल बर्बाद ओलावृष्टि और बारिश से भारी नुकसान खेतों में जलभराव से फसल सड़ी किसानों को मुआवजे का इंतजार प्रशासन ने सर्वे जारी होने का दावा किया   Datia Farmers Distress : दतिया। जिले की सेवढ़ा तहसील क्षेत्र में पिछले सप्ताह हुई ओलावृष्टि और लगातार बारिश ने किसानों के लिए भारी संकट खड़ा कर दिया है। बता दें कि इस प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र के 42 गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। पाइपलाइन के लिए खोदा गड्ढा बना हादसे की वजह, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप खेतों में सड़ती फसल और बढ़ता नुकसान कई गांवों में स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। खड़ी फसल पानी में डूबकर सड़ चुकी है और अब उसमें किसी प्रकार की उपज बचने की उम्मीद भी नहीं है। आलमपुर बुजुर्ग, जरौली, दिगुवा सहित कई गांवों में किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। किसान अब खेतों की सफाई तक करने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि पानी और कीचड़ के कारण काम पूरी तरह बाधित हो गया है। किसानों के सामने आर्थिक संकट फसल पूरी तरह नष्ट होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। कई परिवारों के लिए पशुओं के चारे का संकट पैदा हो गया है और उन्हें अपने पशु बेचने तक की नौबत आ रही है। इसके अलावा घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी जैसी जिम्मेदारियां भी किसानों के लिए भारी चुनौती बन गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस नुकसान ने उनकी पूरी साल की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्यार और बदले की गहरी कहानी में भावनात्मक परतों का मजबूत चित्रण…. सर्वे में देरी से बढ़ी चिंता ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कई प्रभावित गांवों में अब तक सर्वे टीम नहीं पहुंची है, जिससे मुआवजे की प्रक्रिया में देरी हो रही है। किसान मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन देरी के कारण अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कार्य जारी है और रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही शासन को भेजी जाएगी, ताकि राहत राशि दी जा सके।  

TI Posting In Aaron : जिले में बड़ा पुलिस फेरबदल, कोतवाली थाने की कमान राजकुमार शर्मा को सौंपी गई

TI Posting In Aaron

HIGHLIGHTS : जिले में 9 पुलिस अधिकारियों का तबादला राजकुमार शर्मा बने कोतवाली थाना प्रभारी कई थानों के प्रभारी बदले गए अपराध नियंत्रण के लिए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल आदेश तत्काल प्रभाव से लागू   TI Posting In Aaron : गुना। जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। बता दें कि गुरुवार को जारी आदेश के तहत कुल 9 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है, जिसमें कई महत्वपूर्ण थानों के प्रभारी बदले गए हैं। शिवपुरी में बिना ड्राइवर दौड़ा ट्रैक्टर, पेड़ से टकराकर रुका-बड़ा हादसा टला! कोतवाली थाने की जिम्मेदारी बदली पुलिस लाइन में पदस्थ निरीक्षक राजकुमार शर्मा को अब शहर के सबसे महत्वपूर्ण कोतवाली थाने का थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, पूर्व कोतवाली थाना प्रभारी चंद्रप्रकाश सिंह चौहान को डीसीबी प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। प्यार और बदले की गहरी कहानी में भावनात्मक परतों का मजबूत चित्रण…. कई थानों में नई नियुक्तियां निरीक्षक नीरज कुमार राणा को चाचौड़ा थाने का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, म्याना थाना प्रभारी रवींद्र सिंह सिकरवार को आरोन थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिरसी थाना प्रभारी बृजमोहन भदौरिया को म्याना थाने में पदस्थ किया गया है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते सहयोग के बीच महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम…. राघौगढ़ और जामनेर थाने भी बदले जामनेर थाना प्रभारी अजय जाट को राघौगढ़ थाने की कमान दी गई है, जबकि पुलिस लाइन से मनोज कुमार मेहरा को जामनेर थाना प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा उपनिरीक्षक स्तर पर भी कई बदलाव किए गए हैं। भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते सहयोग के बीच महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम…. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। इस फेरबदल को जिले में अपराध नियंत्रण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।    

GUNA FARMERS PROTEST : जयवर्धन सिंह का केंद्र सरकार पर तंज, बोले– क्षेत्रीय सांसद मंत्री बनकर भी किसान मुद्दों पर चुप

FARMERS PROTEST

HIGHLIGHTS: किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन जयवर्धन सिंह ने सरकार पर लगाए आरोप क्षेत्रीय सांसद और केंद्र सरकार पर तंज गेहूं खरीदी और भुगतान को लेकर मांगें किसानों के हित में कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा गया GUNA FARMERS PROTEST : गुना। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर किसानों की समस्याओं को लेकर जिले में विरोध प्रदर्शन किया गया। राघौगढ़ विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हनुमान चौराहे पर आमसभा की और उसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। चीन समेत कई अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ सकता है भारत, एडीबी रिपोर्ट में दावा! सरकार पर गंभीर आरोप आमसभा को संबोधित करते हुए जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नहीं हुई है, जबकि पड़ोसी जिलों में प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। गुना में न तो स्लॉट बुकिंग शुरू हुई है और न ही खरीदी प्रक्रिया आगे बढ़ पाई है। आरबीआई की समयसीमा से पहले मजबूत हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले दिखाई मजबूती! सांसद और केंद्र सरकार पर तंज जयवर्धन सिंह ने क्षेत्रीय सांसद पर तंज कसते हुए कहा कि वे केंद्र में मंत्री हैं, लेकिन किसानों के मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं देते। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य विषयों पर तो वीडियो जारी किए जाते हैं, लेकिन किसानों की समस्याओं पर अब तक कोई बयान नहीं दिया गया है।   मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि किसानों के ऋण भुगतान की तिथि उपज खरीदी और भुगतान पूरा होने तक बढ़ाई जाए, गेहूं खरीदी तुरंत शुरू हो और स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए। अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए 15 अप्रैल से शुरू होगा पंजीकरण अभियान… किसानों के हित में कई मांगें ज्ञापन में ई-उपार्जन प्रक्रिया को सरल करने, ऑफलाइन विकल्प जोड़ने, सभी किसानों की खरीदी सुनिश्चित करने, सात दिन में भुगतान की गारंटी देने और देरी पर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई। साथ ही मंडियों में मूलभूत सुविधाएं और ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग भी शामिल रही।

Ashoknagar Mandi Plot Scam : अशोकनगर मंडी में 18 करोड़ का भूखंड घोटाला, दो सचिव निलंबित

Ashoknagar Mandi Plot Scam

HIGHLIGHTS: अशोकनगर मंडी में 18 करोड़ का भूखंड घोटाला 176 भूखंडों का नियमों के खिलाफ आवंटन दो सचिव तत्काल प्रभाव से निलंबित 60 नए व्यापारियों को गलत तरीके से भूखंड 26 भूखंडों का फर्जी हस्तांतरण उजागर Ashoknagar Mandi Plot Scam : ग्वालियर। अशोकनगर की नवीन कृषि उपज मंडी में 18 करोड़ रुपये के भूखंड आवंटन घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। बता दें कि जांच में पाया गया है कि कुल 176 भूखंडों का नियमों के खिलाफ जाकर अनियमित आवंटन किया गया, जिससे शासन को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। Ashoknagar NH 346 Inspection : घटिया निर्माण से जर्जर हुआ 262 करोड़ का नेशनल हाईवे, कलेक्टर और विधायक ने किया निरीक्षण दो सचिव निलंबित, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई मामले में तत्कालीन मंडी सचिव भागीरथ प्रसाद अहिरवार और पूर्व सचिव मनोज शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मंडी विभाग में हड़कंप मच गया है और आगे कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं। मंदिर से बहिष्कार समाज को बांटेगा, हिंदू धर्म पर पड़ेगा असर: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी नियमों की अनदेखी कर हुआ आवंटन जांच में सामने आया कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर भूखंड आवंटित किए। नियम के अनुसार व्यापारी का कम से कम पांच वर्ष का अनुभव जरूरी था, लेकिन 60 ऐसे नए व्यापारियों को भूखंड दे दिए गए जिनका अनुभव एक वर्ष से भी कम था। पहली बार भारत दौरे पर आएंगे ऑस्ट्रिया के चांसलर, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात फर्जी हस्तांतरण और मिलीभगत के आरोप रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि इन 60 आवंटियों में से 26 लोगों ने भूखंडों को फर्जी तरीके से अन्य व्यक्तियों को हस्तांतरित कर दिया। इस पूरे मामले में अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं, जिस पर आगे जांच जारी है।

Ashoknagar NH 346 Inspection : घटिया निर्माण से जर्जर हुआ 262 करोड़ का नेशनल हाईवे, कलेक्टर और विधायक ने किया निरीक्षण

NH 346 INSPECTION

HIGHLIGHTS: 262 करोड़ की हाईवे सड़क पर घटिया निर्माण का आरोप चंदेरी-मेंहलूआ मार्ग की हालत खराब बारिश से पुलियों में कटाव और जलभराव कलेक्टर और विधायक ने किया निरीक्षण दोषियों पर कार्रवाई की चेतावनी Ashoknagar NH 346 Inspection : अशोकनगर। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 346 (चंदेरी से मेंहलूआ चौराहा) के निर्माण में लापरवाही और घटिया गुणवत्ता की शिकायतें सामने आने के बाद मामला केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तक पहुंच गया है। इसके बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए सड़क का निरीक्षण कराया। Murena NH44 Accident : मुरैना NH-44 पर भीषण हादसा, इको-ट्रैक्टर भिड़ंत में 7 घायल 262 करोड़ की सड़क, लेकिन हालत खराब करीब 262 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस नेशनल हाईवे की हालत निर्माण पूरा होने से पहले ही खराब होने लगी है। बता दें कि सड़क पर जगह-जगह डामर और गिट्टी उखड़ रही है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ‘हर दिन 100 से 150 छक्के लगाने का अभ्यास’, मुकुल चौधरी ने ऐसे ही नहीं लगाई केकेआर गेंदबाजों की लंका कलेक्टर और विधायक का निरीक्षण शिकायतों के बाद कलेक्टर साकेत मालवीय और विधायक बृजेंद्र सिंह यादव ने मौके पर पहुंचकर सड़क का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने निर्माण कार्य, पुलियों और जल निकासी व्यवस्था की बारीकी से जांच की और कई खामियां पाई गईं। MBBS Degree Scam : व्यापमं कांड में बड़ा खुलासा, बर्खास्त छात्रों को मिली एमबीबीएस डिग्री कार्रवाई के संकेत और निर्देश निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सड़क की गुणवत्ता पर गहरी नाराजगी जताई और संबंधित विभाग व निर्माण एजेंसी को तुरंत सुधार कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

Murena NH44 Accident : मुरैना NH-44 पर भीषण हादसा, इको-ट्रैक्टर भिड़ंत में 7 घायल

Murena NH44 Accident

HIGHLIGHTS: मुरैना NH-44 पर इको और ट्रैक्टर की भिड़ंत जैन परिवार के 7 लोग घायल 3 घायलों की हालत गंभीर सोनागिरि दर्शन के लिए जा रहा था परिवार पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया Murena NH44 Accident : मुरैना। जिले के नेशनल हाईवे 44 पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जिसमें बच्चों और महिलाओं सहित कुल सात लोग घायल हो गए। बता दें कि इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल उत्तर प्रदेश के टुंडला क्षेत्र के चारखी गांव के निवासी हैं, जो मध्य प्रदेश के दतिया स्थित सोनागिरि दर्शन के लिए जा रहे थे। क्वार्टरफाइनल के पहले लेग में कड़ा मुकाबला, ब्रागा-बेटिस ने खेला बराबरी का मैच मोड़ पर आमने-सामने भिड़े वाहन जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं से भरी मारुति इको गाड़ी जैसे ही नायकपुरा मोड़ पर पहुंची, तभी सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से जोरदार टक्कर हो गई। यह ट्रैक्टर सरसों बेचकर वापस लौट रहा था। बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी तेज़ थी कि इको वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ‘हर दिन 100 से 150 छक्के लगाने का अभ्यास’, मुकुल चौधरी ने ऐसे ही नहीं लगाई केकेआर गेंदबाजों की लंका मौके पर मचा हड़कंप, घायलों को अस्पताल भेजा गया हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सराय छोला थाना पुलिस ने डायल 112 की सहायता से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रणवीर सिंह ने अभिनय में जान फूंकने के लिए सहा शारीरिक दर्द और पेट पर लगाए स्टेपलर.. पुलिस कर रही जांच थाना प्रभारी के अनुसार, यह हादसा नायकपुरा गांव के मोड़ के पास हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।  

MBBS Degree Scam : व्यापमं कांड में बड़ा खुलासा, बर्खास्त छात्रों को मिली एमबीबीएस डिग्री

MBBS Degree Scam

HIGHLIGHTS” बर्खास्त छात्रों को एमबीबीएस डिग्री देने का आरोप कॉलेज कर्मचारी पर 16 लाख रुपए लेने के आरोप ऑडियो क्लिप से खुला बड़ा विवाद व्यापमं कांड से जुड़ा पुराना मामला सीबीआई कोर्ट में मामला पहले से लंबित MBBS Degree Scam : मध्यप्रदेश। ग्वालियर के गजरा राजा मेडिकल कॉलेज में नियमों के उल्लंघन का बड़ा मामला सामने आया है। बता दें कि आरोप है कि छात्र शाखा (यूजी) प्रभारी प्रशांत चतुर्वेदी और उनके सहायक पंकज कुशवाह ने व्यापमं कांड में बर्खास्त छात्रों को बिना बहाली, बिना उपस्थिति और बिना परीक्षा के ही एमबीबीएस डिग्रियां जारी कर दीं। मध्य प्रदेश में बढ़ेगी गर्मी की तपिश, तापमान 6 डिग्री तक चढ़ने का अनुमान ऑडियो से खुलासा, 16 लाख रुपए के आरोप मामले में एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें प्रशांत चतुर्वेदी एक बर्खास्त छात्र से बातचीत करते हुए सफाई देते नजर आ रहे हैं। इसी बातचीत में 16-16 लाख रुपए लेकर डिग्री देने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है। होर्मुज से जहाजों पर 20 लाख डॉलर टोल की खबर पर मचा हड़कंप, भारत पर टैक्स को लेकर सरकार ने दिया जवाब पूर्व छात्र की शिकायत से मचा हड़कंप पूर्व छात्र संदीप लहारिया ने इस पूरे मामले की शिकायत राज्यपाल से लेकर मेडिकल कॉलेज के डीन तक की है। उनका आरोप है कि जीवाजी विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा किया गया है। स्कूल में तीन बार फेल हुए थे अक्षय कुमार, दोस्त ने खोले बचपन के राज व्यापमं कांड से जुड़ा पुराना मामला यह पूरा मामला 2006 से 2010 के बीच हुए व्यापमं प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें करीब 150 छात्रों पर एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच के बाद 30 से अधिक एमबीबीएस छात्रों को बर्खास्त किया गया था, लेकिन अब उन्हीं में से कुछ को डिग्री दिए जाने का दावा सामने आया है। जांच और सवालों के घेरे में व्यवस्था मामले की जांच के लिए 2017 में उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई थी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्तगी हुई थी। अब सवाल उठ रहे हैं कि बिना परीक्षा और उपस्थिति के डिग्री कैसे जारी हुई, और क्या उस समय की लोकेशन और सीसीटीवी रिकॉर्ड की जांच की गई थी या नहीं।

GWALIOR CYBER FRAUD : फर्जी कर्मचारी बनकर छात्र से लाखों रुपए की साइबर ठगी

GWALIOR CYBER FRAUD

HIGHLIGHTS : ग्वालियर में छात्र से 7 लाख से अधिक की ठगी आरोपी ने कंपनी कर्मचारी बनकर किया संपर्क 14 बार में यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाए न लोन मिला, न रकम वापस हुई पीड़ित ने साइबर अपराध पोर्टल पर की शिकायत GWALIOR CYBER FRAUD : मध्यप्रदेश। ग्वालियर में एक छात्र के साथ ऑनलाइन लोन के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। बता दें कि पीड़ित विपिन कुमार सिंह ने साइबर अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने खुद को निजी वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताकर उनसे संपर्क किया और लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठग लिए। IPL 2026 ऑरेंज कैप की रेस में बड़ा उलटफेर, टॉप-5 से बाहर हुए दिग्गज खिलाड़ी कर्मचारी बनकर किया भरोसा, फिर शुरू हुई ठगी पीड़ित के अनुसार आरोपी दिव्यांशु हंस ने खुद को फिनबड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (फाइनेंस बुद्धा) का कर्मचारी बताया। उसने आईसीआईसीआई बैंक से पर्सनल लोन दिलाने का भरोसा दिलाया। भरोसे में आकर विपिन ने आरोपी की बात मान ली और लोन प्रक्रिया शुरू कर दी। LPG: कालाबाजारी पर प्रहार… देश में 1.16 लाख से अधिक स्थानों पर छापा, 53 डिस्ट्रीब्युटर सस्पेंड 14 बार पैसे ट्रांसफर कर ठगे 7 लाख से ज्यादा आरोपी ने लोन प्रक्रिया पूरी करने और विभिन्न शुल्क के नाम पर अपनी निजी यूपीआई आईडी में बार-बार पैसे ट्रांसफर करवाए। विपिन सिंह के अनुसार, अलग-अलग बहानों से कुल 14 बार में उनसे 7 लाख 9 हजार 693 रुपए ठग लिए गए। हर बार आरोपी ने नई वजह बताकर पैसे मांगे। MP: ओंकारेश्वर में संत की हत्या की आशंका… मौत के 5 दिन बाद समाधि से निकलवाया शव न लोन मिला, न कंपनी ने दिया जवाब जब काफी समय बाद भी लोन स्वीकृत नहीं हुआ, तो पीड़ित को शक हुआ। उन्होंने संबंधित कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप कार्रवाई की मांग, पुलिस पर भी सवाल पीड़ित ने पुलिस से आरोपी और कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि उनका आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह मामला ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को उजागर करता है और लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी देता है।